हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में शामिल गरुड़ पुराण केवल जीवन और मृत्यु के रहस्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मनुष्य के आचरण, व्यवहार और दैनिक जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें भी बताई गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्यक्ति की कुछ आदतें उसके जीवन में सुख-समृद्धि ला सकती हैं, जबकि कुछ गलत आदतें धीरे-धीरे आर्थिक परेशानियों और दरिद्रता का कारण बन जाती हैं। गरुड़ पुराण के आचार कांड में ऐसी कई बातों का उल्लेख मिलता है, जिनका पालन करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
गरुड़ पुराण के अनुसार, सूर्योदय के बाद तक सोते रहना एक ऐसी आदत है जो व्यक्ति की प्रगति में बाधा बन सकती है। माना जाता है कि सुबह का समय ऊर्जा, अनुशासन और नई शुरुआत का प्रतीक होता है। जो लोग देर तक सोते रहते हैं, उनमें आलस्य बढ़ता है और वे अवसरों का लाभ नहीं उठा पाते। इसी तरह भोजन का अनादर करना और अन्न को व्यर्थ फेंकना भी अशुभ माना गया है। शास्त्रों में अन्न को देवतुल्य बताया गया है और उसका सम्मान करना समृद्धि का आधार माना जाता है।
इसके अलावा साफ-सफाई की अनदेखी करना भी जीवन में नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। गंदे कपड़े पहनना, घर को अस्वच्छ रखना और आसपास अव्यवस्था फैलाना मानसिक तनाव और नकारात्मकता को बढ़ावा देता है। धार्मिक दृष्टि से भी स्वच्छता को सुख-समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। कहा जाता है कि जहां साफ-सफाई रहती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
गरुड़ पुराण में यह भी बताया गया है कि दूसरों के प्रति ईर्ष्या, क्रोध और मन में कड़वाहट रखना व्यक्ति के सुख को नष्ट कर सकता है। जिस घर में हमेशा विवाद, कलह और तनाव का माहौल रहता है, वहां शांति और उन्नति टिक नहीं पाती। इसलिए प्रेम, सहयोग और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि व्यक्ति इन बुरी आदतों से दूरी बनाकर अनुशासित, स्वच्छ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाता है, तो उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खुल सकता है।
Jaipur Swimmer Dakshina Joshi Success Story: जयपुर की 16 वर्षीय स्टार तैराक दक्षिणा जोशी का चयन 17 से 23 जुलाई तक बैंकॉक में आयोजित होने वाली 12वीं एशियन एज ग्रुप स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है. वर्ष 2022 की राजस्थान जूनियर तैराकी चैंपियनशिप में उन्होंने 1 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 7 पदक जीते. इसके बाद 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक और 2025 में दो राष्ट्रीय स्वर्ण पदक अपने नाम किए. हाल ही में सीनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर उन्होंने नया इतिहास रचा. जयपुर के विद्याश्रम स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा दक्षिणा ने सवाई मानसिंह स्टेडियम में वर्षों तक कड़ा प्रशिक्षण लिया. हिंडौन में जन्मी दक्षिणा वर्तमान में जयपुर में रहकर अभ्यास कर रही हैं. Thu, 2 Jul 2026 14:38:26 +0530