Delhi Police ने Azadpur हत्या मामले में 2 आरोपियों को पकड़ा, 550 किमी पीछा कर दबोचा
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के लाल बाग इलाके में 27 वर्षीय एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने उत्तराखंड से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि मुख्य आरोपी अमन उर्फ मुल्ला (26) और उसके साथी अनुज उर्फ मोनी (20) को एक किराए की कार से यात्रा करते समय छपार टोल नाका के पास से पकड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार, अनुज जहांगीरपुरी थाने में दर्ज हत्या के एक अन्य मामले में भी वांछित था।
पुलिस ने उनके कब्जे किराए की एक कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘यह घटना 12 अगस्त को आजादपुर की लाल बाग झुग्गी बस्ती में हुई थी। पुलिस को चाकूबाजी और गोलीबारी की सूचना मिली थी।
घायल युवक को तुरंत बाबू जगजीवन राम मेमोरियल (बीजेआरएम) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’’ पुलिस के मुताबिक, मृतक के पेट और पीठ पर गोली लगने के निशान थे, साथ ही उसकी पीठ पर चाकू से वार भी किया गया था। इस संबंध में आदर्श नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी उत्तराखंड के हरिद्वार की ओर भाग गए हैं।
इसके बाद वहां भेजी गई पुलिस टीम ने कई इलाकों में उनकी आवाजाही पर नजर रखी। अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर करीब 550 किलोमीटर तक उनका पीछा किया और आखिरकार छपार टोल नाका के पास उन्हें घेरकर पकड़ लिया।’’ जांच के दौरान दूसरे आरोपी की पहचान अनुज के रूप में हुई, जो जहांगीरपुरी में हुई हत्या के एक अन्य मामले में भी वांछित था।
पुलिस के अनुसार, लाल बाग (आजादपुर) का निवासी अमन पहले से दर्ज छह आपराधिक मामलों में संलिप्त है और कथित तौर पर ‘साहिब सलमानी ब्रदर गैंग’ से जुड़ा है। वहीं जहांगीरपुरी निवासी अनुज के खिलाफ पहले से 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
Rahul Gandhi ने युवाओं के साहस को सराहा, 22 अगस्त को Pune में करेंगे छात्रा संवाद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘हिंसक शासन’’ के खिलाफ जिस साहस के साथ भारत के युवाओं ने मजबूती से डटे रहने का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। उन्होंने ‘‘भाजपा के गुंडों’’ द्वारा ‘‘दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और हिंसा’’ का सामना करने वाली लड़कियों की भी सराहना की। गांधी ने उन छात्रों के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिन्होंने पिछले महीने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
छात्रों को प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को कथित तौर पर पुलिस की ज्यादती का सामना करना पड़ा था। गांधी ने छात्रों की बातें सुनीं, जिन्होंने अपनी आवाज उठाने के बाद पुलिस की कथित ‘‘बर्बरता’’ और ‘‘उत्पीड़न’’ का सामना करने के अपने अनुभव साझा किए। गांधी और छात्रों के बीच यह बातचीत इस महीने की शुरुआत में हुई थी।
कांग्रेस नेता गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के युवाओं ने मोदी जी के हिंसक शासन के सामने जिस साहस और मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है।’’ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा कि छात्रों ने शांति, मोहब्बत और हंसी-मजाक के साथ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हर एक युवा पर गर्व है-- खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें भाजपा के गुंडों की बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन अब उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकेगी।’’ गांधी ने कहा कि 22 अगस्त को छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पुणे पहुंचेगा और इस बार यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं के लिए होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा।’’ गांधी ने फेसबुक पर वीडियो साझा करते हुए एक पोस्ट में कहा, ‘‘सुनिए—20 जुलाई को दिल्ली में मोदी जी के हिंसक शासन ने छात्रों के साथ क्या किया—दुर्व्यवहार और बर्बरता।’’ गांधी ने पांच अगस्त को छात्रों से मुलाकात के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया था। उनके साथ मीडिया के सामने आए पांच छात्रों में मॉडल रिया अहीर भी शामिल थीं। छात्र प्रदर्शनों के दौरान मुंबई में एक पुलिस वैन के सामने खड़े होकर उसे रोकने की रिया की तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई थी।
रिया ने ऑनलाइन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस का रुख किया है।
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