Rahul Gandhi ने युवाओं के साहस को सराहा, 22 अगस्त को Pune में करेंगे छात्रा संवाद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘हिंसक शासन’’ के खिलाफ जिस साहस के साथ भारत के युवाओं ने मजबूती से डटे रहने का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। उन्होंने ‘‘भाजपा के गुंडों’’ द्वारा ‘‘दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और हिंसा’’ का सामना करने वाली लड़कियों की भी सराहना की। गांधी ने उन छात्रों के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिन्होंने पिछले महीने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
छात्रों को प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को कथित तौर पर पुलिस की ज्यादती का सामना करना पड़ा था। गांधी ने छात्रों की बातें सुनीं, जिन्होंने अपनी आवाज उठाने के बाद पुलिस की कथित ‘‘बर्बरता’’ और ‘‘उत्पीड़न’’ का सामना करने के अपने अनुभव साझा किए। गांधी और छात्रों के बीच यह बातचीत इस महीने की शुरुआत में हुई थी।
कांग्रेस नेता गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के युवाओं ने मोदी जी के हिंसक शासन के सामने जिस साहस और मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है।’’ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा कि छात्रों ने शांति, मोहब्बत और हंसी-मजाक के साथ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हर एक युवा पर गर्व है-- खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें भाजपा के गुंडों की बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन अब उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकेगी।’’ गांधी ने कहा कि 22 अगस्त को छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पुणे पहुंचेगा और इस बार यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं के लिए होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा।’’ गांधी ने फेसबुक पर वीडियो साझा करते हुए एक पोस्ट में कहा, ‘‘सुनिए—20 जुलाई को दिल्ली में मोदी जी के हिंसक शासन ने छात्रों के साथ क्या किया—दुर्व्यवहार और बर्बरता।’’ गांधी ने पांच अगस्त को छात्रों से मुलाकात के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया था। उनके साथ मीडिया के सामने आए पांच छात्रों में मॉडल रिया अहीर भी शामिल थीं। छात्र प्रदर्शनों के दौरान मुंबई में एक पुलिस वैन के सामने खड़े होकर उसे रोकने की रिया की तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई थी।
रिया ने ऑनलाइन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस का रुख किया है।
BJP नेता PC George बोले: केरल में चुनावी कोष में कोई गबन नहीं हुआ, पार्टी नहीं छोड़ेंगे
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता पी. सी. जॉर्ज ने रविवार को स्पष्ट किया कि चुनावी कोष के इस्तेमाल में कोई अनियमितता नहीं हुई थी और कहा कि उनके पार्टी छोड़ने का कोई सवाल नहीं है। हाल में संपन्न केरल विधानसभा चुनाव में जॉर्ज ने पूंजार से किस्मत आजमाई थी लेकिन कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) उम्मीदवारों के बाद तीसरे स्थान पर रहे थे। जॉर्ज की यह टिप्पणी पिछले महीने एरुमेली में भाजपा के एक कार्यक्रम में दिए गए उनके भाषण को लेकर समाचार चैनल द्वारा प्रसारित किए गए एक वीडियो के मद्देनजर आई है।
वीडियो में जॉर्ज यह कहते हुए दिख रहे हैं कि उन्हें पता चला है कि चुनाव के लिए पार्टी से 4.45 करोड़ रुपये मिले थे और सवाल किया कि उस पैसे का इस्तेमाल कैसे किया गया। वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने पूंजार स्थित अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन करके सफाई दी कि गलतफहमी के कारण उन्होंने यह टिप्पणी की थी और धन के गबन या कहीं और भेजे जाने जैसी कोई बात नहीं हुई थी। उन्होंने कहा, ‘‘हार के बाद मैं एरुमेली में पार्टी की समिति की बैठक में शामिल हुआ।
भाजपा के दो प्रमुख स्थानीय नेताओं ने मुझसे सवाल किया कि चुनाव के लिए 4.45 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, तो वह सारा पैसा कहां गया? उसका क्या किया गया? मैंने जवाब दिया कि मुझे इतनी राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं है।’’ जॉर्ज ने कहा कि बैठक में वह भावुक हो गए और उन्होंने यह टिप्पणी कर दी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पूछा कि अगर 4.45 करोड़ रुपये मिले थे तो मैं जानना चाहता हूं कि किसने उसमें से पैसा अपने पास रखा। हालांकि, मैंने इसे दिल पर नहीं लिया क्योंकि हार के बाद बहस करने का कोई मतलब नहीं था।’’ जॉर्ज ने कहा कि घटना के बाद पार्टी नेतृत्व ने उनसे संपर्क किया और खर्च का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराया। जॉर्ज ने कहा, ‘‘उन्होंने 100 रुपये तक के हर खर्च का ब्योरा देने वाले रिकॉर्ड मुझे दिखाए।
तभी मुझे एहसास हुआ कि किसी ने एक भी रुपया चोरी या गलत तरीके से इस्तेमाल नहीं किया था।’’ उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में एक उम्मीदवार के लिए अनुमेय चुनावी खर्च 40 लाख रुपये है। उन्होंने कहा, ‘‘एरुमेली में मैंने जो कहा था, वह मेरी गलती थी। इस बात को लेकर कई लोगों ने मुझसे सवाल किए, हालांकि ज़्यादातर लोग अब इसे भूल चुके हैं और उन्हें अब इसकी परवाह नहीं है।
मैं पूरे यकीन के साथ कहता हूं कि किसी पैसे की गबन या चोरी नहीं हुई।’’ जॉर्ज ने कहा कि साजी कुरिक्कड एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं और उनके चुनावी खर्च का हिसाब-किताब देखते थे, वह एक ईमानदार व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे एक पैसा भी नहीं चुरा सकते। यही सच है।
एरुमेली में दिया गया मेरा बयान गलत था।’’ जॉर्ज ने बताया कि इस्लामिक आतंकवादियों के दो कथित हमलों के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनकी जान बचाए जाने के बाद वह पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘अब मेरे पार्टी बदलने का कोई सवाल ही नहीं उठता। किसी को इसके बारे में सोचना भी नहीं चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति मेरी निष्ठा पूरी तरह से कायम है।’’ अपनी हार के कारणों पर जॉर्ज ने कहा कि ईसाई समुदाय ने भाजपा के खिलाफ निर्णायक मतदान किया और यूडीएफ का समर्थन किया। यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन से उनके चुनावी संभावनाएं प्रभावित हुईं, जॉर्ज ने इससे इनकार किया। उन्होंने दावा किया, ‘‘जब बिशप ने कानून को लेकर चिंता जताई, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोदी के निर्देश पर उनसे विस्तृत चर्चा की।
बिशप उन चर्चाओं से संतुष्ट होकर लौटे, लेकिन वापस आने के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया।’’ जॉर्ज ने कहा, ‘‘यह रुख खुद ईसाई समुदाय के लिए खतरनाक होता जा रहा है। हमारे बिशप को इस पर विचार करने की जरूरत है। वे आस्थावान लोगों की वजह से ही अपने पदों पर हैं और उनकी यह नैतिक ज़िम्मेदारी है कि वे उन मानने वालों को निराश न करें।’’ इस बीच, तिरुवनंतपुरम में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने पार्टी में चुनावी कोष के किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल से इनकार किया।
चंद्रशेखर ने कहा कि कोई शिकायत नहीं मिली है और कोई जांच नहीं की जा रही है।
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