उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक्सप्रेसवे पर एक प्राइवेट स्लीपर बस और अर्टिगा कार के बीच हुई जोरदार भिड़ंत के बाद बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नीचे जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों समेत कम से कम पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह जानलेवा दुर्घटना सुबह करीब 4:30 बजे बांगरमऊ पुलिस स्टेशन क्षेत्र के देवखारी गांव के पास एक्सप्रेसवे के किलोमीटर मार्कर 230 पर हुई। तड़के हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
पुलिस के मुताबिक, स्लीपर बस हरियाणा से बिहार जा रही थी, तभी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर विपरीत दिशा से आ रही एक अर्टिगा कार से उसकी टक्कर हो गई।
टक्कर के कारण बस ड्राइवर का गाड़ी पर से नियंत्रण खो गया। बस एक्सप्रेसवे की रेलिंग तोड़कर नीचे सड़क पर जा गिरी, जबकि टक्कर में अर्टिगा कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस ने कार में सवार मृतकों की पहचान धुनमुन (60), अंजू (40), दिव्या (6), अमृता (13) और ड्राइवर विनोद (45) के रूप में की है; इन सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
कार में सवार चार अन्य लोग और बस में यात्रा कर रहे चार यात्री घायल हो गए। उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
हो सकता है बस ड्राइवर को झपकी आ गई हो
बांगरमऊ के सर्कल ऑफिसर हर्ष मोदी ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि बस ड्राइवर को शायद झपकी आ गई थी, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि हादसे के सही कारण की जांच की जा रही है। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जिला मजिस्ट्रेट घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने दुर्घटना स्थल का दौरा किया और अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना का संज्ञान लिया और जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के लिए सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने और जिला प्रशासन को मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की।
आमतौर पर अपनी ठंडी वादियों के लिए मशहूर कश्मीर घाटी इन दिनों भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में है। बढ़ते तापमान और असहज करने वाले मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर (DSEK) ने घाटी के हायर सेकेंडरी लेवल तक के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के लिए दो हफ्ते की गर्मी की छुट्टियों (Summer Vacation) का ऐलान कर दिया है। यह फैसला पिछले कुछ दिनों से पड़ रही असामान्य गर्मी के कारण पैदा हुए हालातों और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
स्कूल 6 जुलाई से 19 जुलाई तक बंद रहेंगे और 20 जुलाई से पढ़ाई-लिखाई का काम फिर से शुरू होगा। यह फ़ैसला घाटी में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लिया गया है, जिसके चलते माता-पिता और छात्र गर्मी की छुट्टियां जल्दी शुरू करने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम स्कूली बच्चों की भलाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, क्योंकि इलाके में असामान्य रूप से ज़्यादा तापमान रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा है।
कौन से स्कूल बंद रहेंगे?
स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, कश्मीर घाटी में हायर सेकेंडरी लेवल तक के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां होंगी। ये छुट्टियां 6 जुलाई से शुरू होकर 19 जुलाई तक चलेंगी। स्कूल 20 जुलाई को फिर से खुलेंगे और उम्मीद है कि उस दिन से रेगुलर क्लास शुरू हो जाएंगी।
गर्मी की छुट्टियों का ऐलान क्यों किया गया?
यह ऐलान भीषण गर्मी के दौर को देखते हुए किया गया है, जिससे कश्मीर में तापमान असामान्य रूप से बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों में घाटी में दिन के तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे माता-पिता के मन में भीषण गर्मी में छात्रों के क्लास में जाने को लेकर चिंता बढ़ गई है। जैसे-जैसे मौसम की स्थिति ज़्यादा असहज होती गई, गर्मी की छुट्टियां जल्दी करने की मांग ज़ोर पकड़ती गई। छुट्टियों का ऐलान करके, शिक्षा विभाग ने छात्रों को मौजूदा गर्मी से बचाने और उनकी सेहत और सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देने की कोशिश की है।
शिक्षा मंत्री ने छात्रों से सुरक्षित रहने की अपील की
जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने छात्रों से अपील की कि वे गर्मी से बचाव करते हुए छुट्टियों का भरपूर फ़ायदा उठाएं। X पर इस ऐलान को शेयर करते हुए उन्होंने कहा, "कश्मीर घाटी में मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में 6 जुलाई से 19 जुलाई 2026 तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। स्कूल 20 जुलाई 2026 को फिर से खुलेंगे।" छात्रों की भलाई को सबसे ज़रूरी बताते हुए उन्होंने कहा, "हमारे छात्रों की सेहत और सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मैं अपने सभी छात्रों, शिक्षकों और स्कूल के कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित, सेहतमंद और ताज़गी भरी छुट्टी की कामना करती हूँ। मैं सभी से यह भी गुज़ारिश करती हूँ कि वे खूब पानी पिएं, गर्मी के दौरान ज़रूरी सावधानी बरतें और इस समय का इस्तेमाल आराम करने, पढ़ने और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने में करें। आप सभी को गर्मियों की छुट्टियों की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।"
कश्मीर में दो दशकों से ज़्यादा समय में जून का महीना सबसे गर्म रहा
क्लास बंद करने का फ़ैसला इसलिए लिया गया क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून के दौरान पूरे कश्मीर में बहुत ज़्यादा तापमान दर्ज किया। IMD के अनुसार, कुपवाड़ा में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि श्रीनगर शहर में तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इन तापमानों ने जून को घाटी में दो दशकों से ज़्यादा समय में सबसे गर्म महीनों में से एक बना दिया, जिससे चल रही लू (heatwave) की गंभीरता का पता चलता है। इस असामान्य मौसम ने लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहने के असर को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और कमज़ोर सेहत वाले लोगों के लिए।
लोगों को क्या सलाह दी गई है?
मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए, विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सीधी धूप में ज़्यादा देर तक न रहें, खासकर दोपहर के समय जब गर्मी सबसे ज़्यादा होती है। उन्होंने लोगों से यह भी कहा है कि वे शरीर में पानी की कमी न होने दें और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय करें। बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों का खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि ज़्यादा गर्मी के समय उन्हें ज़्यादा खतरा होता है। स्कूलों को कुछ समय के लिए बंद करने से छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि अधिकारी पूरी घाटी में मौसम की स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं।
India vs England T20I: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज बुधवार (1 जुलाई) से शुरू हो रही। दोनों टीमें हालिया निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़कर नए सिरे से शुरुआत करना चाहेंगी। एक तरफ इंग्लैंड टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज हार और बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद नए दौर में कदम रख रही, वहीं दूसरी ओर भारत आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाने के बाद वापसी के इरादे से मैदान में उतरेगा।
इस सीरीज की सबसे खास बात यह है कि दोनों टीमों को पिछले प्रदर्शन का एनालिसिस करने का भी ज्यादा समय नहीं मिला। भारत को मैच से पहले सिर्फ एक ट्रेनिंग सेशन मिला, जबकि इंग्लैंड को नॉटिंघम से डरहम पहुंचने के बाद जल्दबाजी में अभ्यास करना पड़ा। इसके बावजूद यह सीरीज इंग्लैंड की गर्मियों के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले क्रिकेट आयोजनों में से एक मानी जा रही।
भारत ने इंग्लैंड को पिछले दो टी20 में हराया था भारत और इंग्लैंड के बीच पिछले दो टी20 मुकाबले विश्व कप के सेमीफाइनल में हुए थे, जहां दोनों बार भारत ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा भारत ने इंग्लैंड को उसकी धरती पर पिछली टी20 सीरीज में भी 4-1 से हराया था। हालांकि इस बार भारतीय टीम आयरलैंड से मिली हार के बाद कुछ दबाव में होगी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी की होगी परीक्षा सीरीज में सबसे ज्यादा नजरें दोनों कप्तानों पर रहेंगी। भारत के नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर अपने पहले ही दौरे में आयरलैंड के खिलाफ सीरीज हार चुके हैं। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन उनके नेतृत्व पर उठ रहे सवालों का जवाब देने का मौका होगा।
ब्रूक के लिए भी सीरीज अहम वहीं इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक के लिए भी यह सीरीज काफी अहम है। उन्हें वनडे और टी20 टीम की कप्तानी पहले ही मिल चुकी और अब टेस्ट टीम की कमान संभालने के दावेदार भी माना जा रहा। ऐसे में भारत के खिलाफ सफलता उनकी दावेदारी को और मजबूत कर सकती।
इंग्लैंड ने पहले ही घोषित कर दी प्लेइंग-11 इंग्लैंड ने पहले टी20 के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान भी कर दिया। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग को आराम दिया गया। उनकी जगह साकिब महमूद और ल्यूक वुड को मौका मिला। टीम में फिल सॉल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन और आदिल राशिद जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल।
वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा या नहीं? भारत की टीम में वरुण चक्रवर्ती की वापसी तय मानी जा रही। लेकिन इसके चलते अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रिंस यादव में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी भी डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ सकता। संभावित टीम में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, सूर्यांश शेडगे, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती शामिल हो सकते।
कैसा होगा पिच का मिजाज? मैच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला जाएगा। यहां की पिच इस सीजन में संतुलित रही है। कुछ मुकाबलों में कम स्कोर भी बचाए गए हैं, जबकि कुछ में बड़े लक्ष्य आसानी से हासिल हुए हैं। मौसम विभाग ने हल्की बारिश की संभावना भी जताई है, जिससे मैच के दौरान मौसम अहम भूमिका निभा सकता है।
आंकड़ों की बात करें तो इंग्लैंड के जोस बटलर टी20 इंटरनेशनल में 4000 रन पूरे करने वाले दुनिया के चार बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनके नाम 4037 रन हैं। वहीं आदिल राशिद 163 विकेट के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बनने से सिर्फ 3 विकेट दूर हैं।