आज से मनरेगा की जगह VB-G RAM G लागू:100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी, दिहाड़ी ₹299 से बढ़कर ₹327 हुई
केंद्र सरकार बुधवार से विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 (VB-G RAM G) लागू कर रही है। इसके तहत अब साल में 100 की जगह 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। वहीं, देशभर में औसत दिहाड़ी ₹298.8 से बढ़कर ₹327.4 प्रतिदिन हो गई है। यानी औसतन 28.6 रुपए प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपए दिए गए हैं, ताकि मजदूरी समय पर मिल सके और काम चलते रहें। इस कानून का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव में होगा। इस दौरान ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बांटे जाएंगे और लोगों को योजना की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार ने पूरी तैयारी कर ली हैं। VB-G RAM G योजना की 3 जरूरी बातें… पूर्वोत्तर राज्यों में 90% खर्च केंद्र सरकार देगी MGNREGA की जगह आया VB-G RAM G -----------------
गुजरात HC बोला- मैरिज सर्टिफिकेट से शादी नहीं मानी जाएगी:हिंदू विवाह के लिए रस्में जरूरी, सात फेरे के बिना सिर्फ रजिस्ट्रेशन काफी नहीं
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट बन जाने से हिंदू विवाह नहीं माना जा सकता। शादी उसी स्थिति में मानी जाएगी, जब हिंदू मैरिज एक्ट के तहत तय रीति-रिवाज पूरे किए गए हों। जिन समुदायों में सात फेरे की परंपरा है, वहां उनके बिना विवाह पूरा नहीं माना जाएगा। जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की खंडपीठ ने कहा कि मैरिज सर्टिफिकेट केवल पहले से हुई शादी का रिकॉर्ड होता है। वह अपने आप किसी विवाह को मान्यता नहीं देता। मामला ब्रिटेन में रहने वाले एक व्यक्ति की अपील से जुड़ा है। उसका आरोप है कि अहमदाबाद की एक महिला ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे डॉक्यूमेंट्स पर साइन लेकर फर्जी तरीके से मैरिज सर्टिफिकेट बना लिया। दोनों के बीच कभी शादी नहीं हुई। महिला ने भी माना- शादी की रस्में नहीं हुईं सुनवाई के दौरान महिला ने फैमिली कोर्ट में माना कि शादी की कोई रस्म नहीं हुई थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि दोनों कभी पति-पत्नी की तरह साथ नहीं रहे। इसके बावजूद फैमिली कोर्ट ने सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर व्यक्ति की अर्जी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने यह आदेश रद्द करते हुए कहा कि जब शादी की जरूरी रस्में ही नहीं हुईं, तो सिर्फ रजिस्ट्रेशन के आधार पर उसे हिंदू विवाह नहीं माना जा सकता। कोर्ट बोला- शादी सिर्फ कानूनी औपचारिकता नहीं ------------------- ये खबर भी पढ़ें… गुजरात HC बोला-मायके गई पत्नी को थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं: अत्याचार साबित करने को मारपीट के ठोस सबूत चाहिए; पति को आरोपों से बरी किया गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि पत्नी के बिना बताए मायके में रात रुकने पर पति द्वारा थप्पड़ मारने की एक घटना को क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने एक पुराने मामले में पति को आरोपों से बरी कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…
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