कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर 11वें दिन प्रदर्शन:भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, पुलिस पर समर्थकों को रोकने के आरोप
नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 11वें दिन भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। इसी बीच वहां तीन दिनों से भूख हड़ताल कर रहे लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई। वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर घटकर 66 पर पहुंच गया है, जो सामान्य से कम माना जाता है। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल कर रहे हैं। वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। समर्थकों और पार्टी के सदस्यों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को पहचान पत्र नहीं होने के कारण प्रवेश नहीं दिया गया। छात्र संगठनों का भी समर्थन प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छह छात्र नेता भी शामिल हैं, जो अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। इनमें संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश समेत अन्य छात्र नेता शामिल हैं। CJP का यह आंदोलन 20 जून से जारी है और इसकी शुरुआत NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में की गई थी। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शिक्षा के साथ-साथ अन्य जवाबदेही से जुड़े मुद्दे भी आंदोलन का हिस्सा बनाए जाएंगे।
शिमला में कांग्रेस का लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह:संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठाए सवाल; रिज पर लोकतंत्र की रक्षा का लिया संकल्प
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने आज (मंगलवार को) शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष ‘लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह' आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखने का संकल्प लिया। सत्याग्रह का नेतृत्व करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं, जिससे उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर चिंता पैदा हुई है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के विश्वास को बनाए रखना है। पंवार ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र निरस्त होने के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करती हैं। विपक्ष की आवाज दबाने को जांच एजेंसियों का प्रयोग हो रहा: पंवार पंवार ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएगा। डॉ. पंवार ने लोगों से महात्मा गांधी के सिद्धांतों और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर लोकतंत्र और संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। ये नेता भी मौजूद रहे इस दौरान राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. संजय, प्रदेश संयोजक सचिन मिरूपा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महामंत्री विनोद जिंटा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष दीपक राठौर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष छतर सिंह, शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल, शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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