भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से पहले इंग्लैंड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, टीम की कमान हैरी ब्रूक के हाथों में रहेगी। हालांकि उनके सामने एक बड़ी चुनौती भी होगी, क्योंकि यदि न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और निर्णायक टेस्ट मुकाबला पांचवें दिन तक चलता है तो ब्रूक को टेस्ट समाप्त होने के 48 घंटे से भी कम समय में टी20 मुकाबले की कप्तानी करनी पड़ सकती है।
बता दें कि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा टेस्ट ट्रेंट ब्रिज में खेला जा रहा है। यदि मुकाबला अंतिम दिन तक जाता है तो सोमवार शाम टेस्ट समाप्त होगा। इसके बाद ब्रूक को नॉटिंघम से लगभग 240 किलोमीटर दूर चेस्टर-ली-स्ट्रीट पहुंचना होगा, जहां बुधवार को भारत के खिलाफ पहला टी20 मुकाबला खेला जाएगा। ऐसे में उनके लिए तैयारी और यात्रा दोनों ही चुनौतीपूर्ण रहने वाली हैं।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए 17 खिलाड़ियों की विस्तारित टीम चुनी है। चयनकर्ताओं का मानना है कि इससे जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों के उपयोग में लचीलापन रहेगा। इंग्लैंड के नए राष्ट्रीय चयनकर्ता मार्कस नॉर्थ ने कहा कि टेस्ट और टी20 कार्यक्रम के बीच बहुत कम अंतर होने के कारण बड़ी टीम चुनी गई है, ताकि किसी भी परिस्थिति में विकल्प उपलब्ध रहें।
गौरतलब है कि टीम में ससेक्स के 22 वर्षीय हरफनमौला खिलाड़ी जेम्स कोल्स को पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले और मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने वाले कोल्स ने घरेलू टी20 प्रतियोगिताओं, इंग्लैंड लायंस और अन्य प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। हाल ही में उन्हें 'द हंड्रेड' प्रतियोगिता की नीलामी में भी बड़ी राशि में अनुबंध मिला था।
वहीं, जोस बटलर टीम में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। टी20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन चयनकर्ताओं ने उनके अनुभव पर भरोसा जताया है। इसके अलावा फिल सॉल्ट, आदिल राशिद, विल जैक्स, सैम करन, जैकब बेथेल, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, रिहान अहमद, जॉर्डन कॉक्स, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, जोश टंग, टॉम बैंटन और सन्नी बेकर को भी टीम में जगह मिली है।
दूसरी ओर, जेमी ओवरटन चोट के कारण टीम से बाहर हैं, जबकि बेन डकेट को इस बार मौका नहीं दिया गया है। ब्रायडन कार्स भी चोट की वजह से उपलब्ध नहीं हैं।
बता दें कि भारत की ओर से भी मजबूत टीम घोषित की जा चुकी है। टी20 टीम की कप्तानी अब श्रेयस अय्यर संभालेंगे। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर भी सभी की नजरें रहेंगी। इसके बाद तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला भी खेली जाएगी, जिसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों की वापसी होने की संभावना है।
गौरतलब है कि यह श्रृंखला दोनों टीमों के लिए आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इंग्लैंड इस श्रृंखला के जरिए नए टी20 चक्र की शुरुआत करेगा, जबकि भारत विश्व विजेता होने के नाते अपनी मजबूत छवि को बरकरार रखने की कोशिश करेगा। क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों टीमों के बीच कड़े मुकाबलों की उम्मीद रहेगी, क्योंकि दोनों पक्षों में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन संतुलन मौजूद हैं।
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भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा को भरोसा है कि 'वुमन इन ब्लू' ICC विमेंस T20 वर्ल्ड कप के अपने आखिरी लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया को हरा देंगी। वह छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की वर्ल्ड-क्लास काबिलियत को तो मानती हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहती हैं कि वे उन्हें पहले भी हरा चुकी हैं। तीन जीत, एक हार और छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद भारत को रविवार को लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने आखिरी लीग मैच से पता चल जाएगा कि वे सेमीफाइनल में पहुंचेंगे या नहीं। छह अंकों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीका का भी एक मैच काफी कमजोर बांग्लादेशी टीम के खिलाफ है, इसलिए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए भारत के लिए बड़ी जीत हासिल करना ज़रूरी होगा।
JioStar के 'मैच सेंटर लाइव' में मैच से पहले बात करते हुए, शैफ़ाली ने इस साल फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20I सीरीज़ में भारत की 2-1 से मिली जीत का ज़िक्र किया और माना कि उस जीत से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि ऑस्ट्रेलिया एक वर्ल्ड-क्लास टीम है। लेकिन ऐसा नहीं है कि हमने उन्हें पहले कभी नहीं हराया है। हमने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में T20 सीरीज़ में उन्हें हराया था, और इससे हमें आत्मविश्वास मिलता है। हम कई सालों से उनके खिलाफ़ खेल रहे हैं। हम उनके गेंदबाज़ों, उनकी ताक़त और उनकी योजनाओं को जानते हैं। इसलिए, हम चीज़ों को सीधा रखेंगे, जो ज़रूरी है, और अपनी ताक़त पर भरोसा रखेंगे। जितना ज़्यादा आप सोचते हैं, उतना ही मुश्किल होता जाता है।
शेफाली इस टूर्नामेंट में शानदार फ़ॉर्म में रही हैं और उन्होंने दो फ़िफ़्टी लगाई हैं, लेकिन शुरुआत कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ़ सिर्फ़ छह रन बनाकर हुई थी। शेफ़ाली ने कहा कि तब से उनकी बैटिंग में सुधार हुआ है और उन्होंने माना कि वह पहले बहुत ज़्यादा सोचती थीं और बहुत ज़्यादा प्लानिंग करती थीं। उन्होंने कहा कि मेरी बैटिंग में काफी सुधार हुआ है। पाकिस्तान के मैच से पहले, मैं बहुत ज़्यादा सोच रही थी। मैं बहुत ज़्यादा प्लानिंग कर रही थी कि पहली गेंद कैसे खेलूँगी, दूसरी गेंद पर कौन सा शॉट खेलूँगी। लेकिन उस मैच के बाद, मुझे एहसास हुआ कि चीज़ों को मुश्किल बनाने की ज़रूरत नहीं है। मुझे बस चीज़ों को आसान रखना है। जब मैं बैटिंग करती हूँ, तो मैं गेंद को देखती हूँ और उसी हिसाब से रिएक्ट करती हूँ। मैं बहुत आगे की प्लानिंग नहीं करती। इससे मुझे खुलकर रन बनाने में मदद मिली है। इस बदलाव की वजह से, मुझे लगता है कि अब मैं अच्छा स्कोर कर पा रही हूँ। मैं खुद पर बहुत ज़्यादा दबाव नहीं डाल रही हूँ। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ होने वाले अहम मैच में भी मैं इसी अप्रोच को जारी रखने की कोशिश करूँगी।
शेफाली ने इस टूर्नामेंट में अब तक चार मैचों में 36.25 की औसत और 157.60 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से 145 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 55 रहा है। इस साल 15 T20I मैचों में उन्होंने 27.00 की औसत और 148 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से 405 रन बनाए हैं, जिसमें चार अर्धशतक और 64 का बेस्ट स्कोर शामिल है।
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