पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत पर गरमाई सियासत, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ पाया गया. रविवार सुबह सामने आई इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और शोक का माहौल बन गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसकी जांच की जा रही है. इस दुखद खबर के सामने आते ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है.
मुख्यमंत्री ने परिवार से की बात और दिए जांच के निर्देश
इस घटना पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने पूर्व डिप्टी स्पीकर के परिवार से फोन पर बात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आशीष बनर्जी एक बेहद सुलझे हुए और अच्छे राजनीतिक व्यक्तित्व वाले इंसान थे. उन्होंने साफ किया कि मामले की हर पहलू से गहराई से जांच कराई जाएगी. यह भी देखा जाएगा कि क्या उन्हें किसी की तरफ से कोई धमकी दी जा रही थी या किसी तरह का मानसिक दबाव बनाया जा रहा था. उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी के खिलाफ किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का मामला दर्ज नहीं था और न ही पुलिस की ओर से उन्हें कोई नोटिस जारी किया गया था.
कॉल रिकॉर्ड्स और धमकियों के पहलू की होगी पड़ताल
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशीष बनर्जी के साथ उनके हमेशा अच्छे और आत्मीय रिश्ते रहे थे. जब उन्होंने पद संभाला था तब बनर्जी ने उनसे मुलाकात करने की इच्छा भी जताई थी. उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर भी बनर्जी के संबंध सभी दलों के कार्यकर्ताओं के साथ मधुर थे. मुख्यमंत्री ने अंदेशा जताया कि कुछ भ्रष्ट तत्व उन्हें डराने या धमकाने का प्रयास कर रहे होंगे कि जांच आगे बढ़ने पर उनका नाम घसीटा जा सकता है. उन्होंने परिवार से अपील की कि वे जांच प्रक्रिया में पुलिस की पूरी मदद करें. साथ ही उन्होंने कॉल रिकॉर्ड्स की गहन पड़ताल करने की बात कही ताकि यह साफ हो सके कि हाल के दिनों में उनसे किन लोगों ने संपर्क किया था.
सुसाइड नोट में छलका दर्द और राजनीति पर अफसोस
पुलिस के अनुसार रामपुरहाट के हट्टाला पाड़ा इलाके में बनर्जी के आवास के पास बने पार्टी कार्यालय से एक पृष्ठ का कथित सुसाइड नोट मिला है. सोशल मीडिया पर सामने आए इस पत्र में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को भी सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया है. हालांकि उन्होंने पत्र में राजनीति में अपने प्रवेश को लेकर गहरा अफसोस जताया है. उन्होंने यह भी लिखा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कभी भ्रष्टाचार का रास्ता नहीं चुना और न ही किसी काम के बदले किसी से कोई अनुचित लाभ लिया. उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि पार्टी के भीतर कुछ गलत फैसलों को वह दिल से स्वीकार नहीं कर पा रहे थे लेकिन खुल कर विरोध भी नहीं कर सके.
ढाई दशक तक लगातार संभाली रामपुरहाट की कमान
आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक बड़ा और जाना-पहचाना चेहरा थे. 74 वर्ष के बनर्जी ने साल 2001 से लेकर 2026 तक लगातार राज्य विधानसभा में रामपुरहाट निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था. वह न केवल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर पद पर रहे बल्कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान स्कूली शिक्षा और कृषि जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे. उनके निधन से इलाके के लोग स्तब्ध हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की पुष्टि की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी.
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Tarique Rahman: क्या भारत नहीं आएंगे बांग्लादेश के PM तारिक रहमान? ढाका ने शेख हसीना को लेकर रखी शर्त
बांग्लादेश ने रविवार को भारत को सामने शर्त रख दी है कि पीएम तारिक रहमान तक तब भारत का दौरा नहीं करेंगे, जब तक नई दिल्ली शेख हसीना को वापस नहीं भेज देती है. शेख हसीना बीते दो साल से भारत में शरण ली हुई हैं. वह 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान बांग्लादेश छोड़कर निकल गई थीं. तब से बांग्लादेश शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है. हालांकि, भारत ने बांग्लादेश की इस डिमांड पर अभी तक खुलकर किसी तरह का जवाब नहीं दिया है. इस बीच शेख हसीना ने कहा कि वह इस वर्ष के अंत तक बांग्लादेश वापस लौटेंगी.
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के अधिकारी ए के एम शाहिदुल करीम ने अगले हफ्ते पीएम तारिक रहमान के भारत दौरे की संभावना के बारे में मीडिया की अटकलों पर बयान दिया. उन्होंने मीडिया से कहा, "हमारा मानना है कि दौरे के लिए सही माहौल बनाने की जरूरत है." शाहिदुल करीम के आगे कहा, "इसके लिए, हमने भारतीय अधिकारियों से शेख हसीना और अन्य भगोड़ों को वापस भेजने का प्रयास तेजी लाने का का आग्रह किया है."
भारत ने तारिक रहमान को भेजा न्योता
आपको बता दें कि इस साल तारिक रहमान ने फरवरी में बांग्लादेश के पीएम का पदभार संभाला था. इसके बाद वह मलेशिया और चीन का भी दौरा कर चुके हैं. मगर उन्होंने अब तक भारत का दौरा नहीं किया है. राष्ट्राध्यक्षों के विपरीत भारत से दूरी बनाकर रखी है. भारत ने तारिक रहमान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया है. इसका आयोजन नई दिल्ली में किया जाना है. इस वर्ष देश ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है.
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