Indonesia में 7.7 तीव्रता के Earthquake से 51 लोगों की मौत, 5 हजार बेघर हुए
पूर्वी इंडोनेशिया में एक दिन पहले आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में मृतकों की संख्या रविवार को चार और शव बरामद होने के बाद बढ़कर 51 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भूकंप के कारण हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
अमेरिका भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, शक्तिशाली भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 5:58 बजे पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में आया। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। अमेरिका भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए हालांकि बाद में यह चेतावनी वापस ले ली गई।
इसे भी पढ़ें: भूकंप की मार झेल रहे कोलंबिया ने Donald Trump से मांगी राहत, अतिरिक्त टैरिफ टालने का किया अनुरोध
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप के बाद कम से कम 235 झटके महसूस किए गए। रविवार को बचावकर्मी भूकंप के कारण हुए भूस्खलन के कारण मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे रहे। यह अभियान फ्लोरेस के छह क्षेत्रों में चलाया गया।
इसे भी पढ़ें: Indonesia में 7.7 तीव्रता के Earthquake से तबाही, 40 की मौत और 50 घायल
फ्लोरेस मुख्य रूप से कैथोलिक आबादी वाला द्वीप है और मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया का हिस्सा है। बचावकर्मियों ने उन तीन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया, जहां भूकंप के बाद अब भी पहुंचना संभव नहीं हो पाया था। इनमें सबसे अधिक प्रभावित मंगराई, पूर्वी मंगराई और नागेकेओ जिले शामिल हैं।
सिक्का की राजधानी मौमेरे में खोज एवं बचाव कार्यालय के प्रमुख फतहुर रहमान ने बताया, “हमने भूस्खलनों के कारण फैले ज्यादातर मलबे को हटा दिया है और पहले से अलग-थलग पड़े गांवों के लिए सड़कें फिर से खोल दी हैं। हालांकि, संचार व्यवस्था बाधित होने और बिजली कटौती के कारण तलाश अभियान में अब भी दिक्कतें आ रही हैं।” राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के अनुसार, 101 लोग घायल हुए हैं, 900 से अधिक मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 450 अन्य मकानों को नुकसान पहुंचा है। एजेंसी ने बताया कि भूकंप के कारण करीब 5,000 लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
Belgium Wildfire: हाई फेंस वन क्षेत्र में भीषण आग से 27 वर्ग किमी इलाका राख हुआ
बेल्जियम के सबसे बड़े वन क्षेत्र हाई फेंस में रविवार को लगी भीषण आग के कारण 27 वर्ग किलोमीटर से अधिक का इलाका जलकर खाक हो गया। देश के हालिया इतिहास की इस सबसे भयानक वनाग्नि के चलते आसपास के इलाकों से सैकड़ों लोगों को अपना घर छोड़कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जर्मनी की सीमा के करीब स्थित लीज प्रांत के वाइम्स और बूटगेनबाख नगरपालिकाओं में हवा का रुख बदलने और घना धुआं फैलने के बाद लगभग 600 निवासियों को 15 अगस्त को ही जगह खाली करने का निर्देश दिया गया था।अधिकारियों ने पर्यटकों को भी इलाका छोड़ने की सलाह दी है, जबकि विस्थापितों को ठहराने के लिए पास में एक व्यायामशाला को अस्थायी शिविर के रूप में खोला गया है।
लीयैज प्रांत के गवर्नर हर्व जमार ने एक बयान में बताया कि 250 से अधिक आपातकालीन कर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें बेल्जियम और जर्मनी के 100 से अधिक दमकल कर्मी, पुलिस, सेना के अधिकारी और नागरिक सुरक्षा बल के कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें अग्निशमन हेलीकॉप्टरों की मदद भी मिल रही है। यह भीषण आग हफ्तों तक पड़ी भीषण गर्मी और शुष्क मौसम के बाद लगी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi






