Gold Silver Price Fall: हफ्ते के पहले ही दिन इतना सस्ता हो गया सोना, खरीदने का है प्लान तो जान लें ताजा रेट
Gold Silver Price Fall: सोने की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच अगर आप आभूषण खरीदने या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताज़ा भाव जान लेना जरूरी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और घरेलू मांग जैसे कई कारक रोजाना सोने के दाम तय करते हैं. यही वजह है कि अलग-अलग शहरों में कीमतों में भी थोड़ा अंतर देखने को मिलता है.
24 कैरेट और 22 कैरेट में क्या है अंतर?
सोना खरीदते समय सबसे पहले उसकी शुद्धता को समझना जरूरी है. 24 कैरेट सोना लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है. यह बेहद मुलायम होता है, इसलिए इसका उपयोग मुख्य रूप से निवेश, गोल्ड बार और सिक्कों में किया जाता है.
वहीं 22 कैरेट सोना लगभग 91.6 प्रतिशत शुद्ध होता है. इसमें अन्य धातुओं की मिलावट होने के कारण यह अधिक मजबूत बन जाता है और ज्यादातर आभूषण इसी से तैयार किए जाते हैं.
इसके अलावा 18 कैरेट सोना भी बाजार में उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल आधुनिक और डिजाइनर ज्वेलरी में अधिक होता है.
प्रमुख शहरों में क्या हैं ताजा भाव?
देश के कई बड़े शहरों में सोमवार को सोने की कीमतों में हल्का बदलाव दर्ज किया गया. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद समेत प्रमुख शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के अलग-अलग भाव देखने को मिले. स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और परिवहन लागत के कारण विभिन्न शहरों में कीमतों में मामूली अंतर स्वाभाविक है.
विशेषज्ञों का कहना है कि खरीदारी से पहले अपने शहर के अधिकृत ज्वेलर्स से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए.
क्यों बदलते रहते हैं सोने के दाम?
सोने की कीमतें कई घरेलू और वैश्विक कारणों से प्रभावित होती हैं. इनमें प्रमुख हैं...
-अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत
-डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
-वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रम
-केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें
-घरेलू मांग और शादी-विवाह का सीजन
जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमतों में तेजी देखने को मिलती है.
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं तो केवल कीमत ही नहीं, उसकी शुद्धता और प्रमाणिकता भी जांचें. हमेशा BIS हॉलमार्क वाला आभूषण खरीदें. साथ ही बिल लेना न भूलें, ताकि भविष्य में बेचने या एक्सचेंज कराने में किसी तरह की परेशानी न हो.
यदि आप नियमित निवेश करना चाहते हैं, तो एकमुश्त खरीदारी के बजाय चरणबद्ध निवेश (Systematic Buying) भी बेहतर विकल्प हो सकता है. इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ता है.
खरीदारी से पहले करें सही फैसला
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोना लंबे समय में मूल्य सुरक्षित रखने वाला निवेश माना जाता है, लेकिन खरीदारी हमेशा अपनी जरूरत और बजट के अनुसार करनी चाहिए. यदि आपका उद्देश्य आभूषण खरीदना है, तो मेकिंग चार्ज और अन्य अतिरिक्त शुल्कों की भी तुलना कर लें. वहीं निवेश के लिए शुद्धता और विश्वसनीय विक्रेता का चयन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.
क्या चांदी का ताजा भाव
वहीं चांदी की बात करें तो इसमें बीते दिन के मुकाबले कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. सोमवार यानी हफ्ते के पहले दिन सिल्वर प्रति किलो के रेट 240000 रुपए बने हुए हैं. जबकि इससे पहले भी चांदी इसी रेट पर बंद हुई थी. ऐसे में फिलहाल चांदी के रेट में न तो कमी आई है और न ही इसमें कोई चढ़ाव देखने को मिला है.
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डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है. सोना-चांदी या किसी भी प्रकार के निवेश से जुड़ा फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें. बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है और कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है. इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर किए गए किसी भी निवेश के लिए News Nation या लेखक जिम्मेदार नहीं होंगे. निवेश करने से पहले अपने स्तर पर पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है.
मिर्जापुर से बाहर होने पर छलका विक्रांत मैसी का दर्द, 'Mirzapur The Movie' को लेकर कही ये बात
By shristi jha
Mirzapur: The movie: ओटीटी की सबसे फेमस फ्रेंचाइजी में शामिल ‘मिर्जापुर’ अब बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रही है. हाल ही में ‘Mirzapur: The Movie’ का टीजर रिलीज हुआ, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट को कई गुना बढ़ा दिया. लेकिन इसी बीच एक बात ने दर्शकों का ध्यान खींचा- सीरीज में बाबलू पंडित का यादगार किरदार निभाने वाले 'विक्रांत मैसी'(Vikrant Massey) इस फिल्म का हिस्सा नहीं हैं. इसे लेकर अब एक्टर ने अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर की हैं. विक्रांत ने मजाकिया लेकिन भावुक अंदाज में कहा, 'काश! मुझे मारा ना होता, तो शायद मैं भी इस फिल्म का हिस्सा होता.' उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस एक बार फिर बाबलू पंडित की वापसी की मांग कर रहे हैं.
बाबलू पंडित की कमी क्या आज भी महसूस करते हैं फैंस?
‘मिर्जापुर’ के पहले सीजन में बाबलू पंडित का किरदार दर्शकों के दिलों में खास जगह बना चुका था. जहां गुड्डू पंडित गुस्सैल और अग्रेसिव स्वभाव का था, वहीं बाबलू समझदारी, संतुलन और सोच-समझकर फैसले लेने वाला किरदार था. विक्रांत मैसी ने अपनी सधी हुई एक्टिंग से इस भूमिका को इतना जीवंत बना दिया कि आज भी फैंस उन्हें उस किरदार में याद करते हैं. सीरीज में बाबलू की मौत सबसे भावुक और चौंकाने वाले मोमेंट्स में से एक मानी जाती है.
‘काश मुझे मारा ना होता...’ आखिर क्यों भावुक हुए विक्रांत?
हाल ही में बातचीत के दौरान विक्रांत मैसी ने स्वीकार किया कि उन्हें ‘मिर्जापुर’ और बाबलू पंडित से एक खास इमोशनल लगाव है. उन्होंने कहा कि अगर कहानी में उनका किरदार खत्म नहीं हुआ होता, तो शायद वह फिल्म का हिस्सा बन पाते. एक्टर ने मजाकिया लहजे में कहा, 'काश मुझे मारा ना होता.' हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कहानी की मांग के अनुसार किरदार का अंत जरूरी था और उसी ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा. विक्रांत के मुताबिक, बाबलू पंडित उनके करियर के सबसे यादगार किरदारों में से एक है और उससे जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी.
मूवी में बाबलू की जगह जितेंद्र कुमार की एंट्री ने बढ़ाई एक्ससिटेमेंट
‘Mirzapur: The Movie’ में बाबलू पंडित के किरदार को लेकर नया मोड़ देखने को मिलेगा. खबरों के मुताबिक, फिल्म में जितेंद्र कुमार एक अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे, जिसने फैंस के बीच नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. हालांकि, मेकर्स ने अभी तक किरदारों को लेकर पूरी जानकारी शेयर नहीं की है, लेकिन इतना तय है कि फिल्म में कई नए चेहरे और नए ट्विस्ट देखने को मिलने वाले हैं.
85% पुरुष कलाकारों वाली कास्ट पर विक्रांत ने क्या कहा?
विक्रांत मैसी ने बातचीत के दौरान ‘मिर्जापुर’ की स्टारकास्ट और इंडस्ट्री में मौजूद मेल ईगो को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि जब किसी प्रोजेक्ट में 85% कलाकार पुरुष हों, तो अलग-अलग पर्सनालिटी और सोच के लोगों के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘मिर्जापुर’ की टीम ने हमेशा प्रोफेशनल तरीके से काम किया और सभी कलाकारों ने एक-दूसरे का सम्मान किया विक्रांत का मानना है कि किसी भी सेट पर ईगो से ज्यादा कहानी और टीमवर्क को महत्व दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में उनका फोकस हमेशा बेहतर काम करने और सीखते रहने पर रहता है, न कि कम्पटीशन या इगोस्टिक पर्सनालिटी पर.
आखिर क्या खास होने वाला है ‘Mirzapur: The Movie’ में?
वेब सीरीज की अपार सफलता के बाद अब ‘मिर्जापुर’ को बड़े पर्दे पर लाया जा रहा है. फिल्म में एक बार फिर सत्ता, बदले, परिवार और अपराध की दुनिया का वही भौकाल देखने को मिलेगा, जिसने दर्शकों को वर्षों तक बांधे रखा. फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, श्वेता त्रिपाठी, रसभिका दुग्गल समेत कई पुराने कलाकार नजर आएंगे, जबकि कुछ नए चेहरों की भी एंट्री होने वाली है. मेकर्स का दावा है कि फिल्म का स्केल पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और भव्य होगा.
क्या बाबलू पंडित की वापसी की उम्मीद अभी भी बाकी है?
भले ही विक्रांत मैसी फिल्म का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर फैंस लगातार बाबलू पंडित की वापसी की मांग कर रहे हैं. कई लोगों का मानना है कि फ्लैशबैक या किसी नए ट्विस्ट के जरिए इस पॉपुलर किरदार को फिर से स्क्रीन पर लाया जा सकता है. हालांकि, फिलहाल मेकर्स की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है. लेकिन मिर्जापुर की दुनिया में कब क्या हो जाए, यह कहना मुश्किल है.
वर्कफ्रंट पर क्या कर रहे हैं विक्रांत मैसी?
वर्कफ्रंट की बात करें तो विक्रांत मैसी लगातार अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स में नजर आ रहे हैं. अपनी दमदार एक्टिंग और सीरियस किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले विक्रांत आज बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद एक्टर में गिने जाते हैं. फैंस को उम्मीद है कि चाहे बाबलू पंडित के रूप में नहीं, लेकिन आने वाले समय में वह फिर किसी दमदार किरदार के जरिए दर्शकों का दिल जीतेंगे. ‘मिर्जापुर’ से जुड़ी उनकी भावनाएं यह साफ करती हैं कि कुछ किरदार सिर्फ कलाकार के करियर का हिस्सा नहीं होते, बल्कि उनकी जिंदगी और दर्शकों की यादों का भी अहम हिस्सा बन जाते हैं.
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