यूरोप में महागर्मी: पिघली सड़क, चप्पल का सोल भी उखड़ा, दुकानों से साफ हुए एसी और पंखे, वीडियो देख रह जाएंगे दंग
आपने गर्मियों का मौसम तो कई बार देखा होगा. भारत में तो तापमान 50 डिग्री तक भी पहुंच जाता है. हालांकि दुनिया के कुछ इलाके ऐसे हैं जिनके लिए 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना भी मुश्किलों और परेशानियों का सबब बन जाता है. ऐसी ही जगह है यूरोप. जी हां यूरोप इन दिनों भट्टी की तरह तप रहा है. हालांकि तापमान 40 से 41 उच्चतम बना हुआ है. लेकिन इतनी गर्मी भी यरोपवासियों के लिए किसी टॉर्चर से कम नहीं है.
यूरोप के अलग-अलग देशों से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आ रहे हैं जो आपको दंग कर देंगी. कहीं सड़कें पिघल गई हैं तो कहीं लोगों को चप्पल जूतों की सोल तक उखड़ रहे हैं. यही नहीं प्लास्टिक के सामान जैसे कूड़ेदान भी सूरज की तपिश के आगे बेबस साबित हो गए हैं.
40 डिग्री में लोगों की हालत हुई खराब
यूरोप के देशों में हर कोई इस बारे में चिंतित है कि आखिर यूरोप जैसे महाद्वीप में इतनी गर्मी क्यों हो रही है. जिस जगह पर लोगों ने हीटर तो खूब देखा था, पर एसी लगाया तक नहीं था, उन्हें अब इसके बारे में सोचना पड़ रहा है. सड़कें पिघली जा रही हैं. रेलवे ट्रैक टेढे़ हो रहे हैं और गर्मी से लोगों की मौत तक हो रही है. खास बात यह है कि ये सब 40 डिग्री के टेम्परेचर पर ही हो रहा है. ऐसे ही कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. जिनमें आप देख सकते हैं कि किस तरह इन दिनों यूरोप के अलग-अलग इलाके गर्मी से बेहाल है. लोग खुद को बचाने और गर्मी से राहत पाने के लिए जो कुछ भी बन पड़ रहा है कर रहे हैं.
वायरल हो रहे वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि सड़कों की हालत सूरज की तपिश से खस्ता हो गई है. कई जगह डामर उखड़ गया है. वहीं इंसानों के साथ-साथ जानवरों का हाल भी बेहाल है.
एक बिल्ली को आप वीडियो में सड़क से सरपट दौड़ते हुए देख सकते हैं. वहीं कुछ कारों के बोनट को खास तरह के इंतजाम से ठंडा रखा जा रहा है. वहीं कुछ टायर ही तपती गर्मी में पिघल गए हैं. सड़कों का डामर तक इन टायरों पर चिपक रहा है.
बर्लिन में सड़कों पर चल रहे फव्वारे
बर्लिन में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बना हुआ है, लेकिन यहां पर लोगों की हालत खराब है. ज्यादातर लोग हाफ पेंट में ही शहरों में घूम रहे हैं. स़ड़कों पर प्रशासन की ओर से फव्वारे चलाए जा रहे हैं पाइप के जरिए सड़कों पर पानी डाला जा रहा है ताकि जितना हो सके लोगों को राहत मिल सके.
यही नहीं लोग भी इस पानी में नहाते हुए देखे जा सकते हैं. कई लोगों ने समुद्र किनारे ही डेरा जमा लिया है. खुद को हाइड्रेड रखने के लिए लोग बीच पर नहाते या फिर खुद को रिलेक्स करते देखे जा सकते हैं.
यह भी पढ़ें - Rudraprayag News: बारिश ने रोकी केदारनाथ यात्रा की रफ्तार, श्रद्धालुओं की संख्या घटी
Fund Manager क्या करता है, जानिए आपके निवेश के लिए यह क्यों है जरूरी?
लोग Stock Market में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों में पैसा लगाते हैं. हालांकि, बहुत कम लोग फंड मैनेजर के बारे में जानते हैं जो फंड के मैनेजमेंट, रिटर्न और रिस्क प्रोफाइल के लिए जिम्मेदार होता है. किसी भी म्यूचुअल फंड की सफलता में फंड मैनेजर की अहम भूमिका होती है. फंड मैनेजर तय करता है कि निवेश का पैसा किन शेयरों, बॉन्ड्स या अन्य एसेट्स में लगाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल पाएं. इसलिए अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो Fund Manager के बारे में जानना जरूरी है.
Fund Manager क्या होता है?
फंड मैनेजर एक ऐसा प्रोफेशनल होता है जिसके पास यह तय करने की विशेषज्ञता होती है कि म्यूचुअल फंड में निवेशकों के पैसे को कैसे और कब लगाया जाए. उनका मुख्य मकसद फंड को सही तरीके से निवेश करना होता है, साथ ही वे बेहतर रिटर्न पाने और जोखिम को मैनेज करने की कोशिश करते हैं. फंड मैनेजर लगातार मार्केट का विश्लेषण करते हैं और निवेश से जुड़े फैसले लेते हैं.
Fund Manager कैसे काम करता है?
निवेश करने से पहले फंड मैनेजर कंपनियों की आर्थिक स्थिति, बाजार में उतार-चढ़ाव, आर्थिक हालात और अलग-अलग सेक्टर का विश्लेषण करते हैं. इस विश्लेषण के आधार पर वे तय करते हैं कि खास स्टॉक, बॉन्ड या निवेश के दूसरे विकल्पों में कितना पैसा लगाना है और साथ ही यह भी कि अपने निवेश को कब बढ़ाना या घटाना है.
Fund Manager की प्रमुख जिम्मेदारियां
फंड मैनेजर की मुख्य जिम्मेदारियों में भविष्य में बेहतर रिटर्न की संभावना को बढ़ाने के लिए सही निवेश चुनना और संतुलित रिस्क प्रोफाइल बनाए रखने के लिए पोर्टफोलियो को व्यवस्थित करना शामिल है. वे बाजार में होने वाले बदलावों के अनुसार फंड की होल्डिंग्स की नियमित रूप से समीक्षा भी करते हैं और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करते हैं. फंड मैनेजर का मकसद निवेश को लंबी अवधि या कम अवधि की निवेश रणनीति के अनुरूप बनाना होता है.
निवेशकों के लिए फंड मैनेजर क्यों जरूरी होता है?
इन्वेस्टर्स का पैसा सही तरीके से इस्तेमाल हो, यह पक्का करने में फंड मैनेजर अहम भूमिका निभाते हैं. वे मार्केट पर लगातार नजर रखने से लेकर पोर्टफोलियो में समय-समय पर बदलाव करने जैसे कामों के लिए जरूरी होते हैं. फंड मैनेजर ही रिस्क और रिटर्न के बीच सही संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं. भविष्य में बेहतर रिटर्न की संभावना को बढ़ाने के लिए इन्वेस्टमेंट को एक्सपर्ट्स मैनेज करते हैं. फंड मैनेजर चुनते समय आपको कई बातों पर ध्यान देना चाहिए, जैसे उनका अनुभव, फंड का पिछला परफॉर्मेंस, इन्वेस्टमेंट की रणनीति और सबसे जरूरी फंड का Expense Ratio आदि.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.




News Nation


















