Video: फ्लैट की बालकनी बनेगी खेत! बिना पानी-मिट्टी घर में उगाएं सब्जियां, जानें भविष्य की खेती का फॉर्मूला
Hydroponic Farming Tips: महानगरों की तर्ज पर अब देवघर जैसे शहरों में भी बिना जमीन और मिट्टी के घर बैठे ताजी सब्जियां उगाने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. कंक्रीट के जंगलों और फ्लैट कल्चर के बीच 'हाइड्रोपोनिक फार्मिंग' (पानी में खेती) शहरी लोगों के लिए एक बेहतरीन समाधान बनकर उभरी है, जो कम जगह में शुद्ध खान-पान की गारंटी देती है. देवघर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विवेक कश्यप के मुताबिक, इस आधुनिक तकनीक में मिट्टी की जगह पोषक तत्वों से भरपूर पानी (न्यूट्रिएंट सॉल्यूशन) का इस्तेमाल होता है. इसे घर की छत, बालकनी या किचन के किसी भी छोटे कोने में आसानी से सेटअप किया जा सकता है. इसमें पारंपरिक खेती के मुकाबले 90 फीसदी तक पानी की बचत होती है और पौधे तेजी से बढ़ते हैं. इस विधि से टमाटर, पालक, धनिया और मिर्च जैसी सब्जियां सालभर बिना किसी कीटनाशक के उगाई जा सकती हैं. कम लागत और सीमित संसाधनों में आत्मनिर्भर बनाने वाली यह तकनीक आने वाले दिनों में शहरी बागवानी की तस्वीर बदलने वाली है.
30,000 किसानों ने भरा फॉर्म, फिर भी केवल 600 को मिलेगा अनुदान! कृषि विभाग के फैसले ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
Agriculture News: प्याज उत्पादकों के लिए एक बड़ी निराशाजनक खबर सामने आई है. कृषि विभाग की अनुदान योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों ने आवेदन किया, लेकिन उपलब्ध बजट और निर्धारित पात्रता के कारण करीब 30 हजार आवेदनों में से केवल 600 किसानों को ही अनुदान का लाभ मिल सकेगा. इससे हजारों प्याज उत्पादकों की उम्मीदों को झटका लगा है. किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अनुदान की सीमित संख्या ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में बजट बढ़ाया जाए और अधिक किसानों को योजना का लाभ मिले.
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