30,000 किसानों ने भरा फॉर्म, फिर भी केवल 600 को मिलेगा अनुदान! कृषि विभाग के फैसले ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
Agriculture News: प्याज उत्पादकों के लिए एक बड़ी निराशाजनक खबर सामने आई है. कृषि विभाग की अनुदान योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों ने आवेदन किया, लेकिन उपलब्ध बजट और निर्धारित पात्रता के कारण करीब 30 हजार आवेदनों में से केवल 600 किसानों को ही अनुदान का लाभ मिल सकेगा. इससे हजारों प्याज उत्पादकों की उम्मीदों को झटका लगा है. किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अनुदान की सीमित संख्या ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में बजट बढ़ाया जाए और अधिक किसानों को योजना का लाभ मिले.
Video: बैद्यनाथ नगरी में हिट हुआ टुनटुन पंडित का बिजनेस मॉडल! हर साल 7.20 लाख की कमाई, बदली तकदीर
Genda Phool Ki Kheti Tips: खुद की जमीन न होना अक्सर किसानों के हौसले तोड़ देता है, लेकिन देवघर के टुनटुन पंडित ने इस मजबूरी को ही अपनी सफलता की ताकत बना लिया. कभी लीज पर जमीन लेकर पारंपरिक धान-गेहूं उगाने वाले टुनटुन को जब उसमें मुनाफा नहीं दिखा, तो उन्होंने सीधे बाजार की नब्ज पकड़ी और गेंदा फूल की खेती का रुख किया. आज यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बन चुका है. टुनटुन ने एक एकड़ (करीब 17 कट्ठा) जमीन लीज पर लेकर गेंदे की खेती शुरू की. बाबा बैद्यनाथ की नगरी होने के कारण यहां फूलों की भारी मांग रहती है. वे हर हफ्ते करीब तीन क्विंटल फूल तोड़ते हैं, जो ₹50 प्रति किलो की दर से आसानी से बिक जाते हैं. इस तरह बिना अपनी जमीन के भी वे सालाना ₹7.20 लाख तक की बंपर कमाई कर रहे हैं. हालाँकि, पड़ोसी के कुएं से पानी लाकर सिंचाई करने की चुनौती अब भी बरकरार है. टुनटुन का मानना है कि अगर खेत में बोरिंग की सुविधा मिल जाए, तो वे उत्पादन बढ़ाकर और भी मुनाफा कमा सकते हैं. उनकी यह कहानी देवघर ही नहीं, बल्कि देश के हर उस किसान के लिए बड़ी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में कुछ बड़ा करने का सपना देखता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18



















