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पंत, गिल या यशस्वी किसने लगाए हैं भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के, देखिए टॉप-10 बल्लेबाजों की लिस्ट

Most sixes for India in Tests : भारतीय क्रिकेट में कई बड़े-बड़े नामों ने राज किया है. इसमें सुनील गावस्कर, कपिल देव, सचिन तेंदुलकर, द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं. इन सभी खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में कमाल का प्रदर्शन किया है. सचिन को तो दुनिया के सबसे महान क्रिकेटरों में गिना जाता है, उन्होंने टेस्ट और वनडे फॉर्मेट मिलाकर कुल 100 शतक भी लगाए हैं. लेकिन इंडियन क्रिकेट में 100 छक्के लगाने सभी बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल रहा है. आज तक भारतीय क्रिकेट टीम का कोई भी बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के नहीं लगा पाया है. 

टेस्ट में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले टॉप-10 बल्लेबाज

भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम है. इस लिस्ट में वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी भी टॉप 3 में मौजूद हैं. वहीं उनके साथ महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा जैसे प्लेयर भी शामिल हैं. ये खिलाड़ी भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी हैं. तो आइए आज हम आपको भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 10 सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं. 

1 - ऋषभ पंत 

इंडियन क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले नंबर 1 बल्लेबाज हैं. उन्होंने अब तक भारत के लिए कुल 98 छक्के लगाए हैं. पंत ने भारत के लिए साल 2018 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने 2018 से लेकर 2026 तक भारत के लिए 51 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 88 पारियों में 3584 रन बनाए हैं. उनके नाम 8 शतक और 19 अर्धशतक लगाए हैं. ऋषभ ने टेस्ट क्रिकेट में 381 रन बनाए हैं.

2 - वीरेंद्र सहवाग

पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं. सहवाग में इंडिया के लिए कुल 91 छक्के लगाए हैं. सहवाग ने 2001 से लेकर 2013 तक 103 मैचों की 178 पारियों में 8503 रन बनाए हैं. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 23 शतक और 31 अर्धशतक लगाए हैं. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 1219 चौके भी दर्ज हैं. 

3 - रोहित शर्मा 

भारतीय क्रिकेट टीम के दाएं हाथ के बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर मौजूद हैं. रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए कुल 88 छक्के लगाए हैं. रोहित ने 2013 से लेकर 2024 तक कुल 67 मैचों की 116 पारियों में 4301 रन बनाए हैं. हिटमैन ने भारत के लिए 12 शतक और 18 अर्धशतक लगाए हैं. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 473 चौके भी लगाए हैं. 

4 - रविंद्र जडेजा

भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में रविंद्र जडेजा चौथे स्थान पर मौजूद हैं. जडेजा ने भारत के लिए खेलते हुए कुल 82 छक्के लगाए हैं. रविंद्र जडेजा ने 2012 से लेकर 2026 तक 90 मैचों की 133 पारियों में 4095 रन बनाए हैं. जडेजा ने नाम टेस्ट क्रिकेट में 6 शतक और 28 अर्धशतक मौजूद हैं. उनके ना टेस्ट क्रिकेट में 398 चौके भी मौजूद हैं.

5 - एमएस धोनी 

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दाएं हाथ के महेंद्र सिंह धोनी देश के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में पांचवें स्थान पर हैं. धोनी ने इंडियन क्रिकेट टीम के लिए कुल 78 छक्के लगाए हैं. उन्होंने 2005 से लेकर 2014 तक 90 मैचों की 144 पारियों में 4876 रन बनाए हैं. इस दौरान धोनी के बल्ले से 6 शतक और 33 अर्धशतक निकले हैं. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 544 चौके भी लगाए हैं.  

6 - सचिन तेंदुलकर 

भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में सचिन तेंदुलकर छठवें स्थान पर हैं. मास्टर ब्लास्टर ने कुल 69 छक्के लगाए हैं. उन्होंने 1989 से लेकर 2013 तक 200 मैचों की 329 पारियों में 15921 रन बनाए हैं. इसमें 51 शतक और 68 अर्धशतक भी शामिल हैं. 

7 - कपिल देव

भारत के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर कपिल देव टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी की सूची में 7वें स्थान पर हैं. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए कुल 61 छक्के लगाए हैं. कपिल ने 1978 से 1994 तक 5248 रन बनाए हैं. उनके नाम 8 शतक और 27 अर्धशतक भी दर्ज हैं.

8 - सौरव गांगुली 

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में 8वें स्थान पर हैं. उन्होंने भारत के लिए टेस्ट में कुल 57 छक्के लगाए हैं. गांगुली ने 1996 से लेकर 2008 तक कुल 7212 रन बनाए और 16 शतक व 35 अर्धशतक भी जडे थे. 

9 - शुभमन गिल

भारत के वर्तमान कप्तान और दाएं  हाथ के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल भी भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में शुमार हैं. उन्होंने भारत के लिए 47 छक्के लगाए हैं. गिल ने 2020 से लेकर 2026 तक अब तक कुल 2985 रन बनाए हैं. उनके नाम 11 शतक और 8 अर्धशतक दर्ज हैं. गिल टीम इंडिया का एक्टिव प्लेयर हैं. उनके पास इन आंकड़ों को और बेहतर करने का मौका होगा. 

 10 - यशस्वी जायसवाल

भारत के 24 वर्षीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल भी देश के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की टॉप 10 लिस्ट में शामिल हैं. यशस्वी भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में दसवें नंबर पर हैं. यशस्वी ने 45 छक्के लगाए हैं. उन्होंने 2023 से लेकर 2023 तक इंडिया के लिए 2567 रन बनाए हैं. उन्होंने 7 शतक और 13 अर्धशतक लगाए हैं. उनके नाम 322 छक्के भी दर्ज हैं. 

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क्या होते हैं डेट फंड्स, इनमें कैसे होता है निवेश? जानिए इनके फायदे और किन जोखिमों का रखना चाहिए ध्यान

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के बीच इक्विटी फंड काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन हर निवेशक ज्यादा जोखिम लेकर शेयर बाजार में पैसा लगाना नहीं चाहता, ऐसे निवेशकों के लिए डेट फंड्स एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं. अगर आप भी डेट फंड्स के बारे में विस्तार से समझना चाहते हैं कि ये क्या हैं, इनमें निवेश कैसे होता है और इनके फायदे-नुकसान क्या हैं, तो चलिए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं. 

जानें क्या होता है डेट फंड?

दरअसल, डेट फंड म्यूचुअल फंड की ऐसी श्रेणी हैं, जो मुख्य रूप से बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूतियों, ट्रेजरी बिल, कॉरपोरेट डेट और अन्य निश्चित आय वाले साधनों में निवेश करते हैं, जिनका उद्देश्य निवेशकों के पैसे को अपेक्षाकृत स्थिर आय वाले साधनों में लगाकर रिटर्न हासिल करना होता है. डेट फंड को आसान भाषा में समझें तो ये ऐसे म्यूचुअल फंड हैं, जिनमें आपका पैसा कंपनियों या सरकार द्वारा जारी किए गए डेट इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है.

  • जब कोई कंपनी या सरकार बॉन्ड जारी करके पैसा जुटाती है, तो निवेशक को उस रकम पर ब्याज मिलता है. डेट फंड इसी तरह के कई साधनों में निवेश करके एक पोर्टफोलियो तैयार करते हैं.
  • डेट फंड की अलग-अलग श्रेणियां होती हैं. इनमें लिक्विड फंड, ओवरनाइट फंड, अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड, शॉर्ट ड्यूरेशन फंड, मीडियम ड्यूरेशन फंड, कॉरपोरेट बॉन्ड फंड और गिल्ट फंड जैसी कैटेगरी शामिल हैं. हर कैटेगरी की अवधि, जोखिम और रिटर्न की संभावना अलग हो सकती है.

कैसे कर सकते हैं डेट फंड में निवेश?

डेट फंड में निवेश करना म्यूचुअल फंड की अन्य योजनाओं की तरह ही आसान है. निवेशक किसी म्यूचुअल फंड कंपनी, म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म या निवेश ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार डेट फंड चुन सकता है.

  • निवेश करने से पहले फंड की कैटेगरी, पोर्टफोलियो में शामिल प्रतिभूतियां, क्रेडिट क्वालिटी, औसत अवधि, खर्च अनुपात और जोखिम स्तर को समझना जरूरी है.
  • निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त निवेश या एसआईपी के जरिए भी डेट फंड में पैसा लगा सकता है. हालांकि, डेट फंड चुनते समय केवल पिछले रिटर्न को देखकर फैसला करना सही नहीं है.
  • निवेश का उद्देश्य और वह पैसा कितने समय के लिए निवेश करना है, इसके आधार पर फंड का चुनाव करना ज्यादा महत्वपूर्ण है.

कैसा होता है डेट फंड में जोखिम?

विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर डेट फंड को पूरी तरह सुरक्षित निवेश मान लिया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. डेट फंड में जोखिम इक्विटी फंड की तुलना में अलग प्रकार का होता है. इसमें मुख्य रूप से क्रेडिट रिस्क और ब्याज दर का जोखिम महत्वपूर्ण होते हैं.

  • विशेषज्ञों के अनुसार, क्रेडिट रिस्क तब होता है जब फंड जिस कंपनी के बॉन्ड में निवेश करता है, उसकी वित्तीय स्थिति खराब हो जाए या वह ब्याज अथवा मूलधन चुकाने में समस्या का सामना करे.
  • वहीं ब्याज दर बढ़ने पर लंबी अवधि वाले बॉन्ड की कीमत प्रभावित हो सकती है. इसलिए ब्याज दरों में बदलाव का असर डेट फंड के रिटर्न पर भी पड़ सकता है.

क्या हैं डेट फंड के फायदे?

वहीं, डेट फंड के फायदे की बात करें तो इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में स्थिर आय वाले साधनों का एक्सपोजर मिलता है.

  • इक्विटी फंड की तुलना में इनमें आमतौर पर बाजार की तेज उतार-चढ़ाव वाली स्थितियों का असर कम होता है. इसी वजह से कई निवेशक अपने पोर्टफोलियो में इक्विटी के साथ डेट फंड का इस्तेमाल विविधीकरण के लिए करते हैं.
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डेट फंड उन निवेशकों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं जिनका निवेश लक्ष्य कुछ महीनों से लेकर कुछ वर्षों तक का है और जो अपने पैसे को सीधे किसी एक बॉन्ड या फिक्स्ड डिपॉजिट में लगाने के बजाय विभिन्न डेट इंस्ट्रूमेंट्स में फैलाना चाहते हैं.
  • फंड मैनेजर अलग-अलग प्रतिभूतियों में निवेश करके जोखिम को फैलाने की कोशिश करता है.

FD से ज्यादा रिटर्न देते हैं डेट फंड?

यह कहना सही नहीं होगा कि डेट फंड हमेशा एफडी से ज्यादा रिटर्न देते हैं. बैंक एफडी में ब्याज दर पहले से तय होती है, जबकि डेट फंड का रिटर्न बाजार की परिस्थितियों, ब्याज दरों और फंड के पोर्टफोलियो पर निर्भर करता है. इसलिए डेट फंड में मिलने वाला रिटर्न निश्चित नहीं होता.

  • यही कारण है कि डेट फंड को गारंटीड रिटर्न वाला उत्पाद समझकर निवेश नहीं करना चाहिए. निवेश करने से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित फंड किस तरह की प्रतिभूतियों में पैसा लगा रहा है और उसका जोखिम स्तर क्या है.

रिटर्न की नहीं होती कोई गारंटी

डेट फंड का एक महत्वपूर्ण नुकसान यह है कि इनमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती. ब्याज दरों में बदलाव, बॉन्ड की क्रेडिट क्वालिटी में गिरावट या बाजार की परिस्थितियों के कारण फंड का एनएवी बढ़ या घट सकता है.

  • कुछ डेट फंड में कम अवधि के बावजूद जोखिम हो सकता है, जबकि लंबी अवधि वाले डेट फंड ब्याज दरों में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं.
  • इसके अलावा, डेट फंड में निवेश करने पर फंड मैनेजमेंट और अन्य खर्चों का असर भी रिटर्न पर पड़ता है. इसलिए किसी भी फंड का चयन करते समय केवल उसका पिछला प्रदर्शन देखना पर्याप्त नहीं है.

इन लोगों के लिए सही विकल्प हो सकता है डेट फंड

विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे निवेशक जो अपने पोर्टफोलियो में इक्विटी की तुलना में अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव वाले निवेश को शामिल करना चाहते हैं, उनके लिए डेट फंड एक विकल्प हो सकते हैं. हालांकि, सही फंड का चुनाव निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार होना चाहिए. छोटी अवधि के लक्ष्य के लिए अलग तरह के डेट फंड और लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए अलग कैटेगरी उपयुक्त हो सकती है.

डेट फंड में पैसा लगाने से पहले क्रेडिट क्वालिटी, ब्याज दर का जोखिम, फंड की अवधि, पोर्टफोलियो में शामिल बॉन्ड, खर्च अनुपात और फंड की कैटेगरी को जरूर समझें. यह भी ध्यान रखें कि डेट फंड बैंक एफडी की तरह निश्चित रिटर्न या मूलधन की गारंटी नहीं देते.

स्रोत- आईएएनएस

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