Asish Banerjee की मौत पर भड़के Abhishek Banerjee, मीडिया ट्रायल पर जताई कड़ी आपत्ति
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी के निधन पर दुख जताया है। साथ ही उन्होंने मीडिया ट्रायल को लेकर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी का इस तरह जाना सिर्फ दिल तोड़ने वाला नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों की अंतरात्मा को झकझोरने वाली बात है जो मानते हैं कि राजनीति और पत्रकारिता की भी अपनी कुछ सीमाएं तय होनी चाहिए।
सुसाइड नोट में लिखा बदनामी की साजिश का सच
अभिषेक बनर्जी ने बताया कि आशीष बनर्जी के आखिरी नोट से साफ होता है कि उनके खिलाफ लगातार एक बदनाम करने वाला अभियान चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि बिना सच्चाई सामने आए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना, किसी इंसान की साख पर सवाल उठाना और जन-अदालत में उसे दोषी ठहरा देना बेहद गलत है। जीवनभर शिक्षक और जनसेवक रहे आशीष बनर्जी ने हमेशा ईमानदारी, गरिमा और सादगी के साथ बीरभूम के लोगों की सेवा की थी।
The tragic death of former MLA and former Dy Speaker of WBLA Asish Banerjee is not merely heartbreaking, it should trouble the conscience of everyone who believes that politics and journalism must have boundaries.
A lifelong teacher and public servant, Asish Da devoted… pic.twitter.com/Es2kpQyfiZ— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) August 16, 2026
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राजनीतिक अभियानों के मानवीय नतीजों की चेतावनी
टीएमसी सांसद ने कहा कि इस तरह के बदनाम करने वाले अभियानों में शामिल लोगों को अपने शब्दों और कामों के मानवीय नतीजों पर जरूर सोचना चाहिए। राजनीतिक लड़ाइयां तो आती-जाती रहेंगी, लेकिन एक बार चली गई जान कभी वापस नहीं आ सकती। बंगाल ने अपनी मिट्टी के एक बेहद सम्मानित बेटे को खो दिया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह इस अकल्पनीय दुख की घड़ी में उनके परिवार, छात्रों और चाहने वालों को हिम्मत दे। इसे भी पढ़ें: Ashish Banerjee का शव बीरभूम के TMC कार्यालय में फंदे से लटका मिला, सुसाइड नोट बरामद
पार्टी दफ्तर में मिला था आशीष बनर्जी का शव
टीएमसी के पूर्व विधायक और ममता सरकार में मंत्री रहे आशीष बनर्जी का शव रविवार को रामपुरहाट स्थित पार्टी दफ्तर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था। उनके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आशीष बनर्जी 2001 से 2021 तक लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे, हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
एंग्जायटी कम करने में योग या मेडिटेशन कितना असरदार? मेडिकल जर्नल की स्टडी से समझिए
Anxiety and Depression: एंग्जायटी यानी लगातार चिंता, बेचैनी या घबराहट की समस्या में योग और मेडिटेशन को अक्सर मददगार माना जाता है. लेकिन क्या असल में ऐसा होता है, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
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