PM Modi Seychelles Visit: सामरिक रूप से बेहद अहम हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत का बड़ा दांव
हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को नया विस्तार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के आधिकारिक दौरे पर पहुंच गए हैं। राजधानी माहे पहुंचने पर प्रधानमंत्री का वहां के शीर्ष नेतृत्व और अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सदियों पुराने दोस्ताना संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना तथा समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर आपसी तालमेल को बढ़ाना है।
सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे पीएम मोदी ने इस मौके पर भारत में बने एक अत्याधुनिक पेट्रोल वेसल को सेशेल्स के बेड़े में शामिल करने के लिए वहां की सरकार को सौंप दिया।
Mon'n pran par dan seremoni pour remet bato patrol rapid apele Lespwar, bann Lanbilans ek Veikil litilite pour Lafors Defans Sesel (SDF) kot baz Gard Lakot Sesel ansanm avek Prezidan, Dokter Patrick Herminie.@StateHouseSey pic.twitter.com/yosA6PJXdi
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2026
सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस में मुख्य अतिथि बने पीएम मोदी, द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा दोनों देशों के साझा संबंधों को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। सेशेल्स के राष्ट्रपति के विशेष निमंत्रण पर पीएम मोदी वहां के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा ले रहे हैं, जो भारत के प्रति सेशेल्स के गहरे सम्मान को दर्शाता है। समारोह से इतर प्रधानमंत्री ने सेशेल्स के राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।
Transfer sa bato patrol rapid-Lespwar avek Gard Lakot Sesel i mark en lot letap enportan dan krwasans ant partenarya Lenn ek Sesel dan ladefans ek sekirite maritim. pic.twitter.com/eo5HzZDNn8
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2026
इस बैठक में हिंद महासागर में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ आर्थिक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सागर विजन के तहत रक्षा क्षेत्र को मजबूती, समुद्री डकैती पर कड़ा प्रहार
भारत ने हमेशा अपने 'सागर' (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) विजन के तहत पड़ोसियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इसी कड़ी में सौंपा गया 'मेड इन इंडिया' पेट्रोल वेसल सेशेल्स की विशाल समुद्री सीमा की निगरानी करने में गेम-चेंजर साबित होगा।
यह आधुनिक जहाज विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा करने, समुद्री डकैती को रोकने, अवैध रूप से हो रहे शिकार पर नजर रखने और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियानों में सेशेल्स की तटरक्षक सेना को बड़ी ताकत देगा। भारत इससे पहले भी सेशेल्स को विमान और सैन्य उपकरण मुहैया कराकर उसकी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करता रहा है।
हिंद महासागर बेल्ट में भारत का बड़ा दांव, प्रवासी भारतीयों में भारी उत्साह
सामरिक विश्लेषकों के अनुसार, हिंद महासागर में चीन की बढ़ती सक्रियता और सैन्य मौजूदगी के बीच प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की सुरक्षा नीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सेशेल्स जैसे रणनीतिक रूप से अहम द्वीप देश के साथ मजबूत रक्षा संबंध भारत की स्थिति को इस पूरे बेल्ट में सुरक्षित रखते हैं।
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। हवाई अड्डे से लेकर कार्यक्रम स्थलों के बाहर बड़ी संख्या में जुटे प्रवासी भारतीयों ने तिरंगा लहराकर और 'मोदी-मोदी' के नारों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
US Attacks Iran Again: 24 घंटे में दूसरी बार दहला ईरान, राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना की भीषण एयरस्ट्राइक
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ नाजुक युद्धविराम समझौता अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। रणनीतिक जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के पास अमेरिकी हितों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है।
अमेरिकी सेना ने शनिवार को 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान की सीमा में घुसकर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस नई एयरस्ट्राइक के बाद पूरे मध्य पूर्व में पूर्ण युद्ध जैसी परिस्थितियां बन गई हैं और दोनों देशों के सैन्य तंत्र एक-दूसरे के खिलाफ हाई अलर्ट मोड पर आ गए हैं।
US carries out fresh strikes against Iran after tanker struck in Hormuz, escalating hostilities https://t.co/mL4eg8tLgw https://t.co/mL4eg8tLgw
— Reuters (@Reuters) June 27, 2026
पनामा के तेल टैंकर 'एम/टी किकू' पर ड्रोन हमले के बाद भड़का अमेरिका
अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा जारी आधिकारिक विलेख के अनुसार, शनिवार तड़के ईरान ने वन-वे अटैक ड्रोन के जरिए पनामा के झंडे वाले एक विशालकाय तेल टैंकर 'एम/टी किकू' (M/T Kiku) को निशाना बनाकर युद्धविराम का सीधा उल्लंघन किया था। यह टैंकर अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए लगभग दो मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से शांतिपूर्वक गुजर रहा था, तभी इस पर हमला हुआ।
सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार को की गई पहली दंडात्मक कार्रवाई के बाद ईरान को सुधरने और सीजफायर का पालन करने का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन उसने तनाव कम करने के बजाय नया हमला कर हालात को और अधिक गंभीर बना दिया।
मिलिट्री सर्विलांस, ड्रोन स्टोरेज और बारूदी सुरंग केंद्रों पर बमबारी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान के भीतर उन सैन्य कड़ियों को निशाना बनाया जो समुद्री व्यापार में बाधा डाल रही थीं। अमेरिकी हमलों में ईरान के अत्याधुनिक मिलिट्री सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, रणनीतिक कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स और ड्रोन भंडारण केंद्रों को पूरी तरह मटियामेट कर दिया गया।
BREAKING: President Trump announces new US Military strikes on Iran and threatens that Iran “will no longer exist” if there comes a point when “we are no longer able to be reasonable.” pic.twitter.com/Rax1W90dEE
— The Kobeissi Letter (@KobeissiLetter) June 27, 2026
इसके अलावा, समुद्र में कमर्शियल जहाजों को उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता रखने वाले ईरानी ठिकानों पर भी भारी बमबारी की गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि समझौते के प्रति अमेरिका की विधिक निष्ठा को उसकी कमजोरी न समझा जाए और हर हिंसा का मुकाबला दोगुनी ताकत से किया जाएगा।
ईरान के सिरिक शहर में गूंजे धमाके, तेल आपूर्ति रूट पर सुरक्षा घेरा सख्त
दूसरी तरफ, ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान 'आईआरआईबी' (IRIB) ने सैन्य सूत्रों के हवाले से पुष्टि की है कि ईरान के दक्षिणी तटीय शहर सिरिक (Sirik) के पास देर रात भारी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी विमानों द्वारा दागे गए कई प्रोजेक्टाइल सीधे एक दूरसंचार टावर और उसके आसपास के सैन्य रडार ठिकानों से टकराए हैं। हालांकि, ईरान ने अभी तक अपने सैन्य प्रतिष्ठानों को हुए वास्तविक नुकसान का पूरा ब्योरा साझा नहीं किया है।
इस भीषण टकराव के बावजूद सेंटकॉम ने दावा किया है कि होर्मुज जलमार्ग से कमर्शियल शिप्स की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने के लिए अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत व्यापारिक जहाजों को लगातार एस्कॉर्ट और गाइड कर रहे हैं ताकि दुनिया की इस सबसे बड़ी लाइफलाइन पर आर्थिक संकट न गहराए।
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