उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए कुमार विश्वास, भारतीय संस्कृति को लेकर कही ये बात
उज्जैन में सुबह बाबा महाकाल के दरबार में एक खास नजारा देखने को मिला। देश के प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और भस्म आरती में शामिल हुए। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर करीब दो घंटे तक बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए।
इस दौरान वे पूरी तरह भक्तिभाव में नजर आए। आरती के बाद मंदिर समिति की ओर से उनका स्वागत किया गया। दर्शन के बाद जब उन्होंने मीडिया से बात की तो स्वतंत्रता दिवस, भारत के भविष्य और युवाओं को लेकर भी कई बातें कहीं।
महाकाल की भस्म आरती में दो घंटे तक बैठे कुमार विश्वास
कुमार विश्वास ने नंदी हॉल में बैठकर करीब दो घंटे तक भस्म आरती के दर्शन किए। आरती के दौरान उनका पूरा ध्यान बाबा महाकाल की भक्ति में दिखाई दिया। मंदिर परिसर में दर्शन के बाद महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका स्वागत और सत्कार भी किया गया।
कुमार विश्वास बोले- सावन में महाकाल के दर्शन सौभाग्य की बात
कुमार विश्वास ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा रहती है, इसलिए सावन के महीने में हर बार किसी न किसी बहाने उनकी हाजिरी उज्जैन में लग जाती है। उन्होंने बाबा महाकाल के चरणों में देश और देशवासियों के लिए कृतज्ञता और प्रार्थना अर्पित करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि महाकाल के दर्शन के बाद मन को शांति मिली। सावन हिंदू धर्म में बेहद पवित्र महीना माना जाता है और इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। महाकाल मंदिर में भी सावन के दौरान भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है।
स्वतंत्रता दिवस पर कुमार विश्वास ने दी देशवासियों को बधाई
बाबा महाकाल के दर्शन के बाद कुमार विश्वास ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारत अपनी आजादी के 80वें चरण तक पहुंच चुका है।
उन्होंने भारत के भविष्य को लेकर उम्मीद जताते हुए कहा कि देश अपनी पुरानी गौरवशाली पहचान और वैभव की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बाबा महाकाल के चरणों में देश के प्रति कृतज्ञता, धन्यवाद और प्रार्थना अर्पित करने की बात कही।
युवाओं को लेकर कुमार विश्वास ने कही बड़ी बात
कुमार विश्वास ने बातचीत के दौरान युवाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवा भारत का भविष्य हैं और भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। उनके अनुसार, आज का युवा अपनी पहचान और अपनी संस्कृति को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में अपनी संस्कृति और भारतीय दर्शन को समझने की रुचि बढ़ी है। इसका असर धार्मिक और ऐतिहासिक स्थानों पर भी दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, आज युवा केवल घूमने के लिए जगहों पर नहीं जा रहे, बल्कि देश के प्रमुख तीर्थों और सांस्कृतिक केंद्रों तक भी पहुंच रहे हैं।
कुमार विश्वास ने कहा कि त्योहारों और नए साल जैसे मौकों पर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर युवाओं की मौजूदगी बढ़ रही है। उनके अनुसार, यह बदलाव बताता है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और परंपराओं को समझने में रुचि ले रही है।
बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत, TMC ऑफिस में फांसी के फंदे पर लटका मिला शव, 5 बार विधायक रहे
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित TMC कार्यालय में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक कार्यालय से एक नोट भी मिला है जिसकी जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
दरअसल आशीष बनर्जी लंबे समय तक रामपुरहाट की राजनीति में बड़ा नाम रहे। वह 2001 से 2021 तक लगातार पांच विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। ममता बनर्जी सरकार में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे। हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार का सामना करना पड़ा। चुनावी हार के बाद भी वह पार्टी की गतिविधियों में जुड़े हुए थे।
पार्टी ऑफिस में मिला शव
पुलिस के अनुसार रविवार सुबह रामपुरहाट के हत्तलापारा इलाके में मौजूद तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में आशीष बनर्जी का शव मिला। यह कार्यालय उनके घर के पास ही बताया जा रहा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की जांच की। पुलिस ने जरूरी सबूत जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं मामले को लेकर पुलिस फिलहाल हर पहलू की जांच कर रही है। मौके से मिले कथित सुसाइड नोट में आशीष बनर्जी ने लिखा बताया जा रहा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले इस नोट को लेकर किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची है।
आशीष बनर्जी की राजनीतिक पहचान काफी पुरानी थी
दरअसल आशीष बनर्जी की राजनीतिक पहचान काफी पुरानी थी। वह रामपुरहाट सीट से पांच बार विधायक रहे और ममता बनर्जी के भरोसेमंद नेताओं में उनकी गिनती होती थी। ऐसे में उनकी अचानक मौत की खबर से स्थानीय TMC कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी हलचल है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले उनकी गतिविधियां कैसी थीं और वह पार्टी कार्यालय तक कब पहुंचे थे।
5 बार विधायक रहे आशीष बनर्जी
बता दें कि आशीष बनर्जी ने 2001 में पहली बार रामपुरहाट विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद 2006, 2011, 2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज की। इस तरह वह पांच बार इस सीट से विधायक चुने गए। तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बाद उन्हें ममता बनर्जी की सरकार में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी मिली। वह स्कूल शिक्षा और कृषि जैसे विभागों से जुड़े मंत्री भी रहे। 2026 के चुनाव प्रचार के दौरान वह TMC उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी के समर्थन में प्रचार करते भी नजर आए थे। हालांकि इसके कुछ समय बाद उन्होंने पार्टी में अपने संगठनात्मक पदों से हटने का फैसला किया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News









/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
