Responsive Scrollable Menu

Maharashtra Politics: एक ही विमान में Fadnavis और Uddhav Thackeray, क्या कोई नई खिचड़ी पक रही है?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को मुंबई से नागपुर की एक ही फ़्लाइट में साथ देखा गया, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज़ हो गईं। ठाकरे के साथ उनके बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य, और पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत भी इंडिगो की फ़्लाइट से नागपुर गए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप भी वायरल हुआ, जिसमें विरोधी पार्टियों के नेता एक ही लाइन में, रास्ते (आइल) के दोनों तरफ़ बैठे हुए दिखे। समाचार एजेंसियों ने इस घटना की पुष्टि की। नागपुर फडणवीस का गृह-नगर है, जबकि ठाकरे गुट वहां शिवसेना की एक रैली के लिए जा रहा था। शिवसेना (UBT) नेता विदर्भ और मराठवाड़ा के तीन दिन के दौरे पर हैं। इस दौरे में वे उन छह बागी सांसदों के चुनाव क्षेत्रों का भी दौरा कर रहे हैं, जो पिछले हफ़्ते एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए थे। अपनी यात्रा को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए फडणवीस ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि तीनों नेताओं की मुलाक़ात दिन की सबसे बड़ी ख़बर थी।

इसे भी पढ़ें: भरोसे के रिश्तों के कत्ल से कांपता समाज

उन्होंने TV9 मराठी से कहा उद्धव ठाकरे, संजय राउत और मैं हम तीनों एक ही फ़्लाइट में साथ थे, यही सबसे बड़ी ख़बर है। बीजेपी और विपक्ष के नेताओं ने किसी भी तरह की राजनीतिक अटकलों को खारिज करते हुए इस मुलाकात को महज एक संयोग बताया है। हालांकि, यह घटनाक्रम शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी नेताओं के पाला बदलकर प्रतिद्वंद्वी शिंदे गुट में शामिल होने के कुछ दिनों बाद हुआ है।

इसे भी पढ़ें: TET Exam से ठीक पहले Paper Leak, Maharashtra में परीक्षा स्थगित, जांच जारी

पार्टियों की प्रतिक्रिया

इसे महज एक संयोग बताते हुए बीजेपी नेता राम कदम ने इस मुलाकात को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के निजी संबंध भी होते हैं। कदम ने एएनआई से कहा कि सब कुछ गंवाने के बाद अगर उद्धव ठाकरे जनता के बीच जाते हैं, तो यह महज एक दिखावा है। क्या उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी चार्टर्ड प्लेन को छोड़कर इस तरह इंडिगो की फ्लाइट में सफर किया है? यह सिर्फ एक स्टंट है। जहां तक ​​फ्लाइट में मुख्यमंत्री के साथ उनकी मुलाकात की बात है, तो यह महज एक संयोग था। उन्होंने कहा प्लेन से उतरने के बाद अभिवादन का आदान-प्रदान स्वाभाविक है। हालांकि, इसमें राजनीतिक मकसद खोजना गलत है। वे (उद्धव) ऐसे समय में घर से बाहर निकले हैं जब कुछ भी नहीं बचा है।

Continue reading on the app

Explainer: कितने तरीकों से क्रिकेट में दी जाती है नो बॉल? इसके लिए आईसीसी ने बनाए कौन-कौन से नियम

No ball Rules in Cricket : क्रिकेट का खेल आज के समय में काफी तेज हो गया है. जब क्रिकेट की शुरुआत हुई थी, तब इस गेम को काफी स्लो गेम माना जाता था. रेड बॉल फॉर्मेट के साथ क्रिकेट की शुरुआत हुई थी. तब टेस्ट क्रिकेट बहुत स्लो होता था. आज के समय में टी20 क्रिकेट ने पूरे गेम को बदल दिया है. अब फटाफट क्रिकेट का टेस्ट क्रिकेट पर भी ऐसा असर पड़ रहा है, कि गेम बहुत तेज हो गया है. टेस्ट को भी अब टी20 की तरह टीमें खेलने लगी है. क्रिकेट के स्लो से फास्ट होने के साथ-साथ कई नियम भी बदल गए हैं. 

क्रिकेट का खेल समय के साथ जैसे-जैसे आगे बढ़ा वैसे-वैसे नियम भी बदलते चले गए. उन्हीं में से एक है क्रिकेट में नो बॉल का नियम. नो बॉल का नियम समय के साथ साथ कई बार अपडेट होता चला गया. अब नो बॉल सिर्फ एक या दो तरीकों से नहीं दी जाती है. बल्कि कई तरीकों से दी जाती है. आज के युग में कम से कम 10 तरीकों से नो बॉल दी जाती है. अगर आपको इस 10 नियमों के बारे में नहीं पता है तो, आज हम आपको नो बॉल के सभी नियमों के बारे में बातने वाले हैं. 

कितने तरीकों से क्रिकेट में दी जाती है नो बॉल?

क्रिकेट में नो बॉल देने का कोई एक तरीका नहीं है. क्रिकेट के मैदान पर कम से कम 10 तरीकों से नो बॉल दी जाती है. इनके अलावा भी क्रिकेट के मैदान पर नो बॉल दिए के कई तरीक हैं. आइए उन सभी तरीकों को विस्तार में समझते हैं.

No ball Rules in Cricket Photograph: (ANI)

1 - फ्रंट फुट नो बॉल 

क्रिकेट के मैदान पर सबसे ज्यादा नो बॉल फ्रंट फुट नो बॉल के जरिए दी जाती हैं. इसमें पूरी तरह से गेंदबाजी की गलती होती है, जिसके तहत नो बॉल दी जाती है. इस केस में गेंदबाज का अगला पैर क्रीज (पॉपिंग क्रीज) से आगे निकल जाती है. इस स्थिति में अंपायर द्वारा नो बॉल दी जाती है. 

2 - बैक फुट नो बॉल 

क्रिकेट में बैक फुट नो बॉल भी दी जाती है. इस मामले में गेंदबाजी जब बॉल डालने के लिए आता है तो, उनका लैंडिंग पैर रिटर्न क्रीज के अंदर नहीं रहता है. इस स्थिति में जब बॉल डालते समय गेंदबाज का पिछला पैर रिटर्न क्रीज के अंदर नहीं होता तो अंपायर के द्वारा नो बॉल दी जाती है. 

3 - कमर से ऊपर फुल टॉस 

क्रिकेट मैच के दौरान कमर के ऊपर की फुट टॉस बॉल को भी नो बॉल दिया जाता है. इसमें गेंदबाज जब बॉल करता है उस समय वो बल्लेबाजों को कमर के ऊपर फुल टॉस बॉल डाल देता है. यानी कि अगर गेंद बिना टप्पा खाए बल्लेबाज की कमर के ऊपर जाती है. तो उससे बल्लेबाज को खतरा भी होता है. ऐसे में उसे अंपायर नो बॉल देता है. 

4 - खतरनाक शॉर्ट पिच गेंद 

मैच के दौरान अगर गेंदबाज बॉलिंग करते समय बल्लेबाज को खतरनाक शॉर्ट पिच बॉल भी डालता है तो उसे भी अंपायर के द्वारा नो बॉल दिया जा सकता है. गेंदबाज के द्वारा डाली गई गेंद इतनी उछाल वाली हो कि बल्लेबाज के लिए खतरनाक मानी जाए. उस केस में अंपायर अपनी विकेक और सोच के अनुसार इसे नो बॉल दे सकता है. 

5 - थ्रो बॉल करना 

क्रिकेट के मैदान पर नो बॉल तब भी दी जा सकती है, जब गेंदबाज बॉल को थ्रो करके बल्लेबाज को फेंके. इसे आसान भाषा में भट्टा बॉल या चकरी बॉल भी बोल सकते हैं. क्रिकेट नियमों के अनुसार इसमें गेंदबाज अपना हाथ को बॉलिंग करते समय पूरा नहीं घुमाता है. उनका एक्शन नियमों के अनुरूप नहीं होता बल्कि वो बॉल को थ्रो करता है. ऐसे स्थिति में अंपायर नो बॉल दे सकता है. 

6 - विकेट के गलत साइड से गेंदबाजी

क्रिकेट के मैच के दौरान कोई गेंदबाजी अगर ओवर द विकेट गेंदबाजी कर रहा है और वो बगैर अंपायर को बताए राउड द विकेट गेंदबाजी करने लग जाता है तो इस स्थिति में अंपयार उसकी बॉल को नो बॉल करारा दे सकता है. गेंदबाज अंपायर की अनुमति के बिना विकेट के गलत तरफ (गलत साइड) से गेंद डालता है. तो इसका खामियाजा उसे नो बॉल के रूप में भुगतना पड़ सकता है. 

7 - बॉल का पिच से बाहर गिरना

क्रिकेट के नियमों के अनुसार गेंदबाज अगर बॉलिंग कर रहा है तो उसे पिच के ऊपर ही गेंदबाजी करनी है. गेंदबाजी अगर बॉलिंग करते हुए 22 गज की पिच के बाहर बॉल डालता है, तो अंपायर उसकी बॉल को नो बॉल दे सकता है. इस केस में बॉल बल्लेबाज तक पहुंचने से पहले पिच के बाहर (ऑफ साइड या लेग साइड) गिर जाती है, तब उस स्थिति में उसे नो बॉल दिया जाता है.  

8 - फील्डिंग नियमों का उल्लंघन

क्रिकेट में फील्डिंग के नियमों का उल्लंघन करने पर भी नो बॉल देने का प्रवधान होता है. क्रिकेट में पावर प्ले और उसके बाद 30 गज के दायरे के बाहर लिमिटिड प्लेयर रखने की इजाजत होती है. तय संख्या से ज्यादा फील्डर अगर बाहर या अंदर होते हैं तो उस स्थिति में अंपायर नो बॉल दे सकता है. बता दें कि, निर्धारित संख्या से अधिक फील्डर पिच के किसी एक तरफ खड़े हों या फील्डिंग पोजिशनिंग खेल के नियमों का उल्लंघन करती हो तो, अंपायर नो बॉल दे सकता है. 

9 - विकेटकीपर की गलती

क्रिकेट मैच के दौरान नो बॉल विकेटकीपर की गलती की वजह से भी दी जा सकती है. मैच के दौरान अगर विकेटकीपर गेंद बल्ले या बल्लेबाज तक पहुंचने से पहले स्टंप्स के आगे आ जाता है या उसे स्टंप्स के आगे से रोक लेता है. तो इस केस में अंपायर नो बॉल दे सकता है. 

10 - गेंद का दो बार उछलना या लुढ़कना

क्रिकेट के मैदान पर अगर गेंदबाज बॉल को बल्लेबाज तक 2 टप्पों में पहुंचाता है या फिर गेंद को लुढ़काकर डालता है यानी कि अंडर आर्म बॉल करता है. तो इस स्थिति में बॉल को अंपायर नो बॉल घोषित कर सकता है. गेंद बल्लेबाज तक पहुंचने से पहले दो या अधिक बार टप्पा खाए या गेंद पिच पर लुढ़कते हुए पहुंचे तब इस स्थिति में नो बॉल दी जाती है. 

नो बॉल के लिए आईसीसी के नियम 

आईसीसी के नो बॉल के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार, गेंदबाज द्वारा नो बॉल डालने पर बल्लेबाजी टीम को 1 अतिरिक्त रन मिल जाता है. नो बॉल को लीगल डिलिवरी नहीं माना जाती है. उसके बाद एक और अतिरिक्त गेंद डालनी पड़ती है. इसके साथ ही नो बॉल के बाद वाली यानी अगली गेंद फ्री हिट होती है. आईसीसी के नियमों के अनुसार फ्री हिट बॉल का नियम केवल सीमित ओवर क्रिकेट यानी वनडे और टी20 में ही होता है. टेस्ट क्रिकेट में फ्री हिट का नियम लागू नहीं होता है. 

No ball Rules in Cricket Photograph: (ANI)

इस फ्री हिट गेंद पर बल्लेबाज आउट नहीं होता है. वो बोल्ड और कैच आउट हुआ तो नॉटआउट ही माना जाता है. हालांकि फ्री हिट पर अगर बल्लेबाज रन आउट होता है, तब उसे आउट माना जाएगा. नो बॉल के बाद मिलने वाली फ्री हिट पर बल्लेबाज सिर्फ रन आउट, हिट द बॉल ट्वाइस, ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड जैसे कुछ तरीकों से ही आउट होता है. 

नो बॉल से जुड़े नियम प्रमुख रूप से आईसीसी के नियम 21 में दिए गए हैं. इसें खतरनाक गेंदों और गेंदबाजी से जुड़े कुछ प्रावधान हैं, जो नियम 41 (Unfair Play) में भी शामिल हैं. उनके तहत ही नो बॉल दी जाती है. 

ये भी पढ़ें : Explainer: ICC महिला टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में कैसे पहुंचती हैं टीमें? जानें नेट रन रेट की कितनी अहम है भूमिका

Continue reading on the app

  Sports

IND vs IRE: 'कोच, चिंता मत करो..13 छक्के मारूंगा', वैभव सूर्यवंशी का दावा सुनकर दंग रह गए थे संगाकारा

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक टीम इंडिया के लिए डेब्यू नहीं किया है, लेकिन उनकी बेखौफ बल्लेबाजी और गजब का आत्मविश्वास सुर्खियां बटोर रहा। आयरलैंड दौरे के पहले टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। लेकिन उम्मीद है कि इस दौरे या फिर इंग्लैंड दौरे पर उन्हें भारत की कैप मिल सकती है।

इस बीच राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक और हेड कोच कुमार संगकारा ने वैभव को लेकर एक ऐसा किस्सा सुनाया है, जिसने उनके आत्मविश्वास की नई तस्वीर सामने रख दी।

वैभव बेखौफ बैटिंग करते: संगाकारा
संगकारा ने बताया कि आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुकाबले से पहले राजस्थान रॉयल्स को 221 रन का बड़ा लक्ष्य मिला था। मैच शुरू होने से पहले वैभव उनके पास आए और आंख मारते हुए बोले, 'कोच, चिंता मत करो... मैच हो गया।' इसके बाद वह ड्रेसिंग रूम में पहुंचे और टीम के साथी डोनोवन फरेरा और लुआन-ड्रे प्रिटोरियस से कहा, 'सुनो, मैं आज 13 छक्के मारूंगा। उसके बाद बाकी काम तुम लोग कर देना।'

वैभव ने 13 छक्के मारने की बात कही थी
संगाकारा ने बताया कि शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों को लगा कि वैभव मजाक कर रहे। लेकिन जब उन्होंने पांच छक्के लगा दिए तो दोनों ने सचमुच गिनती शुरू कर दी। आखिरकार वैभव ने उस पारी में 10 छक्के जड़ दिए। संगकारा के मुताबिक यही वैभव का सबसे बड़ा गुण है कि वह मैदान पर बिना किसी डर के खेलते हैं।

राजस्थान रॉयल्स ने वैभव को 2024 के मेगा ऑक्शन में 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था। पिछले आईपीएल में उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 101 रन बनाकर सबसे कम उम्र में आईपीएल शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया था।

इस साल भी उनका बल्ला जमकर बोला। उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल थे। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। साथ ही वह एशियन गेम्स की टीम का भी हिस्सा हैं।

संगाकारा ने वैभव से अपनी पहली मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गुवाहाटी में अभ्यास के दौरान एक मुश्किल नेट पर जोफ्रा आर्चर, संदीप शर्मा और दूसरे तेज गेंदबाज नई गेंद से गेंदबाजी कर रहे थे। वहां बल्लेबाजी करने से ज्यादातर खिलाड़ी बच रहे थे, लेकिन 14 साल के वैभव खुद आगे आए और बल्लेबाजी की जिद की।

संगाकारा के मुताबिक वैभव के बल्ले से निकलने वाली हर आवाज बंदूक की गोली जैसी लग रही थी। उन्होंने आर्चर और संदीप शर्मा जैसे अनुभवी गेंदबाजों की गेंदों पर बेखौफ शॉट लगाए। यहां तक कि जोफ्रा आर्चर भी उनकी बल्लेबाजी देखकर हंस पड़े। यही बेखौफ अंदाज आज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का सबसे रोमांचक युवा सितारा बना रहा।

Sat, 27 Jun 2026 15:49:48 +0530

  Videos
See all

PM Modi का बड़ा मिशन...Seychelles दौरे से हिंद महासागर में चीन को मिलेगा जवाब? #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-27T11:11:10+00:00

UP Vidhan Sabha Election-2027: 'मिशन 2027' को लेकर UP BJP में बड़ा बदलाव! #shorts #shortsvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-27T11:07:46+00:00

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में क्यों आते है भयानक भूकंप, जानिए क्या है वजह ? | World News #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-27T11:11:43+00:00

Champat Rai Anil Mishra Resign News: इस्तीफे पर राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से बयान जारी | Ayodhya #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-27T11:10:39+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers