धनिया, पालक और मेथी जल्दी हो जाती है खराब? बस 1 पेपर टॉवल करेगा कमाल, कई दिनों तक रहेंगी एकदम हरी-भरी
Coriander Storage: धनिया, पालक और मेथी जैसी पत्तेदार सब्जियों को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए अतिरिक्त नमी हटाना जरूरी है. पेपर टॉवल में लपेटकर सही तरीके से फ्रिज में रखने से पत्तियों के जल्दी गलने की समस्या कम हो सकती है.
Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर जरूर करें इन 5 नाग मंदिरों के दर्शन, मान्यता है दूर होती हैं ये बड़ी परेशानियां
नाग पंचमी को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं। कहीं नाग देवता की प्रतिमा की पूजा की जाती है, तो कहीं श्रद्धालु प्रसिद्ध नाग मंदिरों में पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं में नाग देवता की पूजा को सर्पदोष और कालसर्प योग से जुड़ी बाधाओं को कम करने की प्रार्थना से जोड़ा जाता है। हालांकि, इन मान्यताओं को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माना जाता।
1. नागचंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में नागचंद्रेश्वर मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के कपाट सालभर बंद रहते हैं और नाग पंचमी के अवसर पर विशेष रूप से खोले जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि कालसर्प दोष, करियर में रुकावट या नौकरी में तरक्की से जुड़ी मनोकामना रखने वाले श्रद्धालु यहां नाग पंचमी पर दर्शन करते हैं।
मान्यता: करियर और नौकरी में सफलता।
2. कुक्के सुब्रह्मण्य मंदिर, कर्नाटक
कर्नाटक के पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित कुक्के सुब्रह्मण्य मंदिर भगवान सुब्रह्मण्य को समर्पित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां भगवान सुब्रह्मण्य की पूजा नाग स्वरूप से भी जुड़ी मानी जाती है।
मंदिर में अश्लेषा बलि जैसी विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसे धार्मिक मान्यताओं में सर्पदोष से संबंधित बाधाओं को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
मान्यता: कारोबार में सफलता और आर्थिक बाधाओं से राहत।
3. मन्नारशाला नागराज मंदिर, केरल
केरल का मन्नारशाला नागराज मंदिर देश के प्रसिद्ध नाग मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में नाग प्रतिमाएं मौजूद हैं, जो इस स्थान की खास पहचान हैं।
इस मंदिर से जुड़ी परंपराओं में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां संतान सुख की कामना करने वाले दंपती विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर से उरुली कझुक्कल जैसी परंपरा भी जुड़ी हुई है।
मान्यता: संतान सुख और वैवाहिक जीवन की खुशहाली।
4. नागराजा मंदिर, नागरकोइल
तमिलनाडु के नागरकोइल में स्थित नागराजा मंदिर नाग देवता को समर्पित प्रमुख मंदिरों में शामिल है। मंदिर की परंपराओं में यहां मिलने वाली मिट्टी का विशेष महत्व बताया जाता है। धार्मिक आस्था के कारण कई श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत की कामना लेकर यहां दर्शन करने पहुंचते हैं।
मान्यता: स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत की कामना।
5. श्री नाग वासुकी मंदिर, प्रयागराज
प्रयागराज में संगम के तट के पास स्थित श्री नाग वासुकी मंदिर भगवान वासुकी नाग को समर्पित प्राचीन धार्मिक स्थल है। मान्यता है कि पारिवारिक तनाव, रिश्तों में मनमुटाव और मानसिक अशांति से परेशान लोग यहां पूजा-अर्चना करते हैं। कई श्रद्धालु संगम स्नान के बाद नाग वासुकी के दर्शन करना शुभ मानते हैं।
मान्यता: पारिवारिक शांति और रिश्तों में मधुरता।
इस बार नाग पंचमी क्यों है खास?
17 अगस्त 2026, सोमवार को नाग पंचमी मनाई जाएगी और इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है। इसलिए शिव भक्तों और नाग देवता की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दिन विशेष माना जा रहा है।
हालांकि, मंदिरों से जुड़ी मनोकामनाओं और दोष निवारण की बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित परिणाम देने वाले उपाय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
Haribhoomi








