DU UG Admission 2026: डीयू में CUET स्कोर के अलावा इन कोटों से भी मिल सकता है एडमिशन, जानिए कौन-कौन से हैं विकल्प
DU UG Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में यूजी पाठ्यक्रमों में एडमिशन की प्रक्रियाा शुरू हो चुकी है. इस बार भी प्रवेश पूरी तरह सीयूईटी यूजी 2026 के अंकों के आधार पर होगा. हालांकि, केवल अच्छा स्कोर हासिल करना ही पर्याप्त नहीं होगा. छात्रों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिस कोर्स में वे एडमिशन लेना चाहते हैं उससे जुड़े विषय में उन्होंने 12वीं कक्षा में पढ़ा भी या नहीं. विश्वविद्यालय ने सभी उम्मीदवारों के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल खोल दिया है. इसी पोर्टल के माध्यम से आवेदन से लेकर सीट आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. चलिए जानते हैं कैसे पूरा होगा एडमिशन प्रोसेस? साथ ही जानेंगे डीयू में एडमिशन के लिए कितने तरह के कोटे हैं?
कितने स्टेप में पूरा होगा एडमिशन?
डीयू की प्रवेश प्रक्रिया को तीन अलग-अलग चरणों में बांटा गया है. पहले चरण में छात्रों को CSAS पोर्टन पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद दूसरे चरण में उन्हें अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताएं भरनी होंगी. अंतिम चरण में CUET स्कोर और उम्मीदवार की प्राथमिकताओं के आधार पर सीट आवंटित की जाएगी. यदि किसी छात्र को सीट मिलती है तो तय समय के भीतर फीस जमा कर प्रवेश की पुष्टि करनी होगी.
विषयों का मिलान करना होगा जरूरी
डीयू ने कहा है कि केवल CUET में अच्छे अंक आने से प्रवेश मान्य नहीं होगा. दूसरे चरण के दौरान विश्वविद्यालय उम्मीदवारों के CUET विषयों का मिलान 12वीं में पढ़े गए विषयों से करेगा. इसी आधार पर यह तय होगा कि छात्र किन-किन कॉलेजों और विश्वविद्यालय के लिए पात्र है. इसके बाद संबंधित कोर्स का मेरिट स्कोर तैयार किया जाएगा. इसलिए छात्रों को प्राथमिकताएं भरने से पहले अपनी पात्रता की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए.
CUET स्कोर के अलावा इन कोटों से भी मिलेगा मौका
दिल्ली विश्वविद्यालय में इस वर्ष लगभग 72 हजार नियमित सीटों पर प्रवेश होगा. इसके अलावा विश्वविद्यालय ने कई सुपरन्यूमरेरी सीटों पर भी आवेदन की सुविधा दी है. इनमें खासतौर से स्पोर्ट्स कोटा, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी (ECA) और कई कोटा शामिल हैं. इन अतिरिक्त सीटों को जोड़ने के बाद कुल उपलब्ध सीटों की संख्या करीब 85 हजार तक पहुंच जाती है. इससे कई ऐसे छात्रों को भी अवसर मिलेगा जो सामान्य मेरिट सूची में जगह नहीं बना पाते.
कैसे करें CSAS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन?
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को CSAS पोर्टल पर अपने CUET UG 2026 आवेदन नंबर के जरिए लॉग इन करना होगा. लॉग इन करते ही नाम, जन्मतिथि, फोटो और हस्ताक्षर जैसी जानकारी CUET आवेदन से अपने आप पोर्टल पर दिखाई देगी. यह जानकारी बाद में बदली नहीं जा सकेगी. इसलिए छात्रों को आवेदन से पहले सभी विवरण ध्यान से जांच लेने चाहिए. इसके बाद जरूरी जानकारी भरकर दिए गए शुल्क का भुगतान करना होगा. तभी आवेदन प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी.
कितनी देनी होगी आवेदन फीस
विश्वविद्यालय ने अलग-अलग वर्गों के लिए आवेदन शुल्क भी तय किया है. सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 250 रुपये शुल्क देना होगा. SC, ST और PwBD वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 100 रुपये रखा गया है. BFA, B.Sc (PE, HE & S) और BA (Hons) Music जैसे खास कॉलेजों के लिए 400 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. यदि कोई छात्र स्पोर्ट्स या ECA कोटे के तहत आवेदन करता है तो प्रत्येक कोटे के लिए 100 रुपये शुल्क देना होगा.
कब से शुरू हो सकता है नया सेशन?
विश्वविद्यालय की योजना के अनुसार सभी चरण पूरे होने और सीट आवंटन के बाद छात्र फीस जमा कर अपना दाखिला सुनिश्चित करेंगे. डीयू का नया सेशन 1 अगस्त 2026 से शुरू होने की संभावना है. ऐसे में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें और कॉलेज व कोर्स से जुड़ी जानकारी सोच-समझकर भरें. समय पर आवेदन सही विषयों का चयन और प्राथमिकताओं की सही सूची तैयार करना ही बेहतर कॉलेज और पसंदीदा कोर्स में प्रवेश पाने का सबसे अच्छा मौका है.
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Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र TET का पेपर लीक, टल गई 28 जून को होने वाली परीक्षा
Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आई है. राज्य में 28 जून को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी महा टीईटी को अचानक स्थगित कर दिया गया है. परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पेपर लीक होने की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार और महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने मिलकर यह बड़ा फैसला लिया है. इस अचानक आए फैसले से उन लाखों छात्र छात्राओं की मेहनत पर पानी फिर गया है जो महीनों से इस परीक्षा की तैयारी में दिन रात जुटे हुए थे. राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे लेकिन ऐन वक्त पर धांधली की खबर ने पूरी व्यवस्था को हिलाकर रख दिया.
ठाणे से सामने आया पेपर लीक का मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत ठाणे जिले से हुई है. परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म पर महा टीईटी का प्रश्नपत्र तेजी से वायरल होने लगा था. जैसे ही यह बात महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के आला अधिकारियों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया. विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए शुरुआती जांच शुरू की. इस जांच में जो बात सामने आई उसने अधिकारियों के होश उड़ा दिए. संदिग्धों के पास से जो प्रश्नपत्र बरामद किए गए थे उनके सवाल और असली परीक्षा के प्रश्नपत्र के सवाल बिल्कुल एक जैसे थे. पेपर पूरी तरह मैच होने के बाद परीक्षा परिषद के पास एग्जाम को टालने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा था.
पुलिस और प्रशासन मुस्तैद, भिवंडी में केस दर्ज
पेपर लीक की इस गंभीर घटना के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मिलकर पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं. यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर इतना गोपनीय पेपर परीक्षा से पहले बाहर कैसे आया और इस रैकेट के पीछे कौन कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं. इस मामले को लेकर भिवंडी पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज कर ली गई है. पुलिस की स्पेशल टीमें अब उस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं जो पेपर लीक करने और इसे सोशल मीडिया पर फैलाने के काम में लगा हुआ था. प्रशासन का दावा है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
परीक्षा केंद्रों पर पूरी हो चुकी थी तैयारी
आपको बता दें कि इस परीक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की थीं. पूरे महाराष्ट्र में करीब 1 हजार 428 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे जहां रविवार को यह परीक्षा होनी थी. इस साल महा टीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए राज्यभर से करीब 4 लाख 28 हजार अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. दूर दराज के इलाकों से उम्मीदवार परीक्षा देने के लिए अपने सेंटर्स वाले शहरों में पहुंच चुके थे लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उन्हें बड़ा झटका दिया है. अब इन सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा की नई तारीख का इंतजार है जिसके बारे में परिषद जल्द ही जानकारी देगी.
लगातार दूसरे साल हुई ऐसी घटना
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा के पेपर लीक होने का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले साल 2025 में भी कोल्हापुर से टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होने का एक बड़ा मामला सामने आया था. लगातार दूसरे साल इस तरह की घटना होने से अब राज्य की परीक्षा व्यवस्था और उसकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. उम्मीदवार इस बात से बेहद नाराज हैं कि बार बार होने वाली इन गलतियों की सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है. देश में पहले से ही नीट परीक्षा के पेपर लीक को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है और अब महाराष्ट्र में हुए इस खुलासे ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है. फिलहाल सभी की नजरें पुलिस की जांच और नई तारीखों के ऐलान पर टिकी हैं.
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