Ayodhya के Ram Mandir में पुजारियों का नया परिधान लागू, रेशमी धोती और तिलक अनिवार्य
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में शनिवार से पुजारियों के लिए नया परिधान लागू कर दिया गया। अब मंदिर के सभी पुजारी एक समान पारंपरिक वेशभूषा में नजर आएंगे। मंदिर के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मंदिर न्यास की धार्मिक समिति की सदस्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने बताया कि यह परिधान रामानंदी परंपरा के अनुरूप निर्धारित किया गया है। इसके तहत पुजारी हल्के पीले रंग की रेशमी धोती और उसी रंग का रेशमी उत्तरीय धारण करेंगे। उन्होंने बताया कि हल्का पीला रंग भगवान राम को प्रिय माना जाता है, इसलिए इस रंग को परिधान के लिए चुना गया है।
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नए नियमों के तहत पुजारियों के लिए साज-सज्जा से जुड़े मानक भी तय किए गए हैं। पुजारी या तो ‘पंचकेश’ परंपरा का पालन करेंगे या पूरी तरह से मुंडित रहेंगे। आंशिक रूप से बढ़े हुए बाल या दाढ़ी रखने की अनुमति नहीं होगी।
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इसके साथ ही रामानंदी परंपरा के तिलक को धारण करना भी अनिवार्य किया गया है। धार्मिक समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने बताया कि वस्त्रों की पवित्रता और शुद्धता को ध्यान में रखते हुए रेशमी परिधान का चयन किया गया है। समिति ने कहा कि एक समान वेशभूषा से भगवान रामलला की पूजा-अर्चना और सेवा व्यवस्था में अनुशासन, एकरूपता और धार्मिक गरिमा बढ़ेगी।
मंदिर में यह नया परिधान नियम 15 अगस्त से प्रभावी हो गया है।
Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, 5 जिलों में 62 हजार प्रभावित
असम में शनिवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ और प्रभावित लोगों की संख्या घटकर लगभग 62,000 रह गई। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित जिलों की संख्या भी कम होकर पांच पर आ गई है। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बाढ़ के कारण किसी भी व्यक्ति की मौत की खबर नहीं है, जिससे इस वर्ष बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या 104 पर स्थिर है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गोलाघाट, होजाई, नगांव, शिवसागर और जोरहाट जिलों के 16 राजस्व मंडल और 235 गांव अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। वर्तमान में कुल 62,443 लोग बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें सबसे अधिक 33,332 प्रभावित लोग नगांव जिले में हैं।
इसके बाद गोलाघाट में 12,641 और जोरहाट में 8,523 लोग प्रभावित हैं। इससे पहले शुक्रवार को राज्य के सात जिले बाढ़ की चपेट में थे और प्रभावितों की संख्या 78,000 से अधिक थी। प्रशासन द्वारा विस्थापित लोगों के लिए 28 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 4800 से अधिक लोगों ने शरण ली हुई है।
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इसके अलावा, नौ राहत सामग्री वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। बुलेटिन के अनुसार, राज्य में 4,954.43 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें अब भी पानी में डूबी हुई हैं।
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