Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, 5 जिलों में 62 हजार प्रभावित
असम में शनिवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ और प्रभावित लोगों की संख्या घटकर लगभग 62,000 रह गई। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित जिलों की संख्या भी कम होकर पांच पर आ गई है। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बाढ़ के कारण किसी भी व्यक्ति की मौत की खबर नहीं है, जिससे इस वर्ष बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या 104 पर स्थिर है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गोलाघाट, होजाई, नगांव, शिवसागर और जोरहाट जिलों के 16 राजस्व मंडल और 235 गांव अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। वर्तमान में कुल 62,443 लोग बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें सबसे अधिक 33,332 प्रभावित लोग नगांव जिले में हैं।
इसके बाद गोलाघाट में 12,641 और जोरहाट में 8,523 लोग प्रभावित हैं। इससे पहले शुक्रवार को राज्य के सात जिले बाढ़ की चपेट में थे और प्रभावितों की संख्या 78,000 से अधिक थी। प्रशासन द्वारा विस्थापित लोगों के लिए 28 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 4800 से अधिक लोगों ने शरण ली हुई है।
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इसके अलावा, नौ राहत सामग्री वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। बुलेटिन के अनुसार, राज्य में 4,954.43 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें अब भी पानी में डूबी हुई हैं।
Mohan Yadav ने Sonia Gandhi और राहुल गांधी पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के अपमान का आरोप लगाया
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने का आरोप लगाया और उनसे देश से माफी मांगने की मांग की। भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर पार्टी के इन नेताओं ने आपत्ति जताई थी। यादव ने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ का गायन बाधित किया गया और राष्ट्रगीत का अपमान हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन की व्यवस्था कराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ उपन्यास ‘आनंद मठ’ के माध्यम से दुनियाभर में लोकप्रिय हुआ और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों ने भी इसे गाया था। उन्होंने कहा, ‘‘वंदे मातरम् वह नारा और गीत था जिसे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देते समय गाया।
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इसलिए इसका अपमान निंदनीय है।’’ यादव ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी, जो भी इसके अपमान में शामिल रहे हैं, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि वे जल्द ही अपनी गलती स्वीकार करेंगे और राष्ट्र से माफी मांगेंगे।’’ पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।
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