Responsive Scrollable Menu

हरी मिर्च कैसे बन जाती है लाल, किसान ने बताया पूरा प्रोसेस

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि प्रखंड में बड़े पैमाने पर मिर्च की खेती की जाती है. यहां के किसान अजीत सिंह ने बताया कि सूखी लाल मिर्च कैसे तैयार की जाती है. उनके मुताबिक, हरी और लाल मिर्च अलग-अलग पौधों से नहीं, बल्कि एक ही पौधे से निकलती हैं. खेत में जो हरी मिर्च समय पर नहीं तोड़ी जाती, वही पककर लाल हो जाती है. लाल मिर्च को तोड़ने के बाद करीब एक सप्ताह तक तेज धूप में सुखाया जाता है. इसके बाद सूखी लाल मिर्च तैयार हो जाती है, जिसे व्यापारी खरीदकर मिर्च पाउडर बनाने वाली कंपनियों तक पहुंचाते हैं. सूखी लाल मिर्च को एक से दो साल तक आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है, जबकि हरी मिर्च जल्दी खराब हो जाती है.

Continue reading on the app

AI Stocks में बिकवाली से Asian Markets में भूचाल, Japan से South Korea तक बाजार क्रैश

एशिया के शेयर बाजारों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे वैश्विक निवेशकों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई हैं। पिछले कुछ महीनों से एआई क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिल रही थी, लेकिन अब बढ़े हुए मूल्यांकन और लागत को लेकर निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा हैं। यही वजह रही कि अधिकांश प्रमुख बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर सूचकांक कोस्पी 8.2 प्रतिशत तक टूट गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बाजार नियामकों को 20 मिनट के लिए प्रोग्राम आधारित कारोबार पर रोक लगानी पड़ी हैं। वहीं जापान का निक्केई सूचकांक लगभग 5 प्रतिशत लुढ़क गया। हांगकांग का हैंगसेंग 2.4 प्रतिशत, चीन का सीएसआई 300 सूचकांक 2.9 प्रतिशत और शंघाई संयुक्त सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

गौरतलब है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र का व्यापक सूचकांक भी लगभग 3.8 प्रतिशत गिर गया, जो एक वर्ष से अधिक समय की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही हैं। इससे पहले इसी तिमाही में इन बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली थी।

बता दें कि इस गिरावट की शुरुआत अमेरिका से हुई, जहां प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। विशेष रूप से एप्पल के शेयरों में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जिससे कंपनी के बाजार मूल्य में करीब 250 अरब डॉलर की कमी आ गई हैं। कंपनी ने मेमोरी चिप और स्टोरेज उपकरणों की बढ़ती लागत के कारण अपने कुछ उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके बाद निवेशकों ने चिंता जताई कि अब बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव बढ़ सकता हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार बढ़ता निवेश, चिप निर्माण की ऊंची लागत और पूंजीगत खर्च में वृद्धि अब कंपनियों की आय को प्रभावित कर सकती हैं। इसी कारण निवेशक अब केवल मजबूत आधार वाली कंपनियों में ही निवेश करना पसंद कर रहे हैं।

एशिया में एआई और दूरसंचार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला हैं। चीन का कृत्रिम बुद्धिमत्ता सूचकांक लगभग 5 प्रतिशत और पांचवीं पीढ़ी संचार सूचकांक 6 प्रतिशत से अधिक टूट गया। प्रकाशीय उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी झोंगजी इनोलाइट के शेयरों में भी करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई हैं। वहीं हांगकांग का प्रौद्योगिकी सूचकांक भी कई महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ता दिखाई दिया।

मौजूद जानकारी के अनुसार तिमाही समाप्त होने से पहले कई निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की, जिससे बिकवाली और तेज हो गई हैं। हालांकि भारी गिरावट के बावजूद दक्षिण कोरिया का कोस्पी इस तिमाही में अब भी करीब 62 प्रतिशत और जापान का निक्केई लगभग 34 प्रतिशत की बढ़त पर बना हुआ हैं।

इस बीच अमेरिकी वायदा बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। ऐसी खबरें सामने आईं कि एआई क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओपनएआई अपनी बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक हिस्सेदारी योजना को अगले वर्ष तक टाल सकती है। इससे पूरे एआई क्षेत्र के मूल्यांकन को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।

दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, लेकिन इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर नहीं दिखा हैं। साथ ही जापानी मुद्रा येन भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कई दशकों के निचले स्तर के आसपास बनी हुई है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह गिरावट एआई क्षेत्र के अंत का संकेत नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही तेज बढ़त के बाद बाजार में स्वाभाविक सुधार का दौर माना जा रहा हैं। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक आर्थिक संकेत और चिप उद्योग की लागत बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Continue reading on the app

  Sports

IND vs IRE: 8 ओवर में लुटाए 125 रन... प्रसिद्ध कृष्णा के करियर पर पर लगा सबसे बड़ा 'दाग', T20I में बनाया शर्मनाक रिकॉर्ड

prasidh krishna embarrassing record: प्रसिद्ध कृष्णा टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के लगातार दो मैचों में सबसे ज्यादा रन लुटाने वाले गेंदबाज बन गए हैं. आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में उन्होने चार ओवर में 57 रन दिए. इससे पहले 2023 में खेले अपने पिछले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में प्रसिद्ध कृष्णा ने एक मैच में सबसे ज्यादा 68 रन देने का शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया था. इन दोनों मुकाबलों में कुल मिलाकर इस भारतीय गेंदबाज ने 8 ओवर में 125 रन लुटाए और कोई विकेट भी नहीं लिया. Fri, 26 Jun 2026 21:08:58 +0530

  Videos
See all

Iran America War Update: ईरान-अमेरिका युद्ध की खबरें| Trump | IRGC |Peace Deal | Hormuz | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-26T15:32:34+00:00

FCRA Rules 2026: मिशनरी धर्मांतरण पर भारत का प्रहार | NGO | Religious Conversion | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-26T15:38:27+00:00

Uttarakhand News: दिनभर की उत्तराखंड की खबरें देखिए | Nihang Sikh Clash | CM Dhami | Weather Update #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-26T15:45:06+00:00

ChakraView: राम मंदिर में कैमरे के साथ भी हो रहा था खेल? | Ram Mandir | Ayodhya | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-26T15:35:53+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers