हिज़्बुल्लाह के सेक्रेटरी जनरल शेख़ नईम कासिम ने कहा है कि इज़राइल के पास लेबनान के सभी इलाकों से पूरी तरह पीछे हटने के अलावा कोई "विकल्प नहीं" है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि क्षेत्रीय संघर्ष एक नए और अहम दौर में पहुँच गया है, जिसमें इज़राइली-अमेरिकी प्रोजेक्ट के नाकाम होने की झलक मिलती है। प्रेस टीवी के अनुसार, बेरूत में सेंट्रल आशूरा काउंसिल को संबोधित करते हुए कासिम ने संघर्ष की मौजूदा स्थिति को एक निर्णायक मोड़ बताया और क्षेत्रीय हालात में हालिया बदलाव को प्रतिरोध (रेज़िस्टेंस) की जीत करार दिया। कासिम ने कहा कि उन्होंने हमें खत्म करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।" उन्होंने आगे कहा हमने इज़राइली-अमेरिकी प्रोजेक्ट को ध्वस्त कर दिया है और एक नए दौर में प्रवेश किया है।
इज़राइल और लेबनान के बीच लंबे समय से चल रही दुश्मनी को खत्म करने की ज़रूरत पर बात करते हुए, हिज़्बुल्लाह नेता ने आक्रामक कार्रवाइयों को पूरी तरह रोकने पर ज़ोर दिया। प्रेस टीवी के मुताबिक, कासिम ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आगे बढ़ने के लिए लेबनान की संप्रभुता के सभी उल्लंघनों को तुरंत रोकना ज़रूरी है। कासिम ने कहा कि इज़राइल के पास लेबनान से पूरी तरह पीछे हटने और ज़मीन, समुद्र और हवा से हो रहे हमलों को रोकने के अलावा कोई चारा नहीं है।
उन्होंने इसे एक लंबे संघर्ष का नतीजा बताते हुए कहा इज़राइल अपने 'ग्रेटर इज़राइल' प्रोजेक्ट के तहत लेबनान पर कब्ज़ा करना चाहता था, लेकिन उसकी आक्रामकता और कब्ज़े के जवाब में प्रतिरोध (रेज़िस्टेंस) खड़ा हुआ। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कासिम ने इस प्रतिरोध की सफलता का श्रेय ईरान के समर्थन से सालों की मुश्किलों के बीच तैयार की गई मज़बूत प्रतिरोधक क्षमता (डिटरेंट) को दिया। उन्होंने कहा कि इज़राइल हमें हमारे घरों से बेदखल करना चाहता था, लेकिन ईरान के समर्थन से हमने उसके हमलों के खिलाफ़ एक मज़बूत प्रतिरोधक क्षमता तैयार की।
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते को एक अहम मोड़ बताया और इस डील को वॉशिंगटन और तेल अवीव के लिए हार की आधिकारिक घोषणा करार दिया। उन्होंने कहा दुश्मनों ने हमें बर्बाद करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के मज़बूत नेतृत्व और दिशा-निर्देशों, कमांडरों के बलिदान और लोगों के हौसले की बदौलत इस्लामिक रिपब्लिक की साज़िशों के सामने डटा रहा। असल में, ईरान का हालिया समझौता अमेरिका और इज़राइल की हार की आधिकारिक घोषणा है। उन्होंने ईरान की संप्रभुता को फिर से दोहराते हुए उसे एक ऐसा देश बताया जो "अपना भविष्य खुद बना रहा है।
प्रेस टीवी के अनुसार, उन्होंने कहा आज ईरान को न केवल एक ऐसे देश के तौर पर पहचाना जाता है जो अपना भविष्य खुद बना रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र का भविष्य भी तय कर रहा है - एक ऐसा क्षेत्र जिसके साथ हम सालों तक चली आक्रामकता और मुश्किलों के दौरान खड़े रहे।
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