Bandi Sanjay ने Telangana के स्मार्ट राशन कार्ड पर CM रेवंत की तस्वीर का विरोध किया
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने शनिवार को तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर स्मार्ट पीडीएस राशन कार्ड पर मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और नागरिक आपूर्ति मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी की तस्वीरें छापने को लेकर सवाल उठाया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने यह भी पूछा कि केंद्र सरकार राज्य को चावल उपलब्ध कराती है, इसके बावजूद कार्ड पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर क्यों नहीं छापी गई है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘न तो मुख्यमंत्री और न ही संबंधित मंत्री स्थायी होते हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट कार्ड पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्य कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा वितरित किए गए कार्ड पर तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की तस्वीर थी, लेकिन उनके पद से हटने के बाद वे कार्ड बेकार हो गए। उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी सरकार तेलंगाना में 57 लाख राशन कार्ड धारकों को चावल उपलब्ध करा रही है। चावल और धन मोदी जी दे रहे हैं लेकिन आप अपनी तस्वीरें छाप रहे हैं।
आपको इसका क्या अधिकार है?’’ वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाले कानून का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सदस्य अतीत में विधानसभा में राष्ट्रगीत बजाए जाने के दौरान सदन से बाहर चले गए थे। उन्होंने कहा कि वह यहां चारमीनार स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर में एक लाख लोगों के साथ वंदे मातरम् का गायन आयोजित करेंगे। उन्होंने एआईएमआईएम नेताओं को कार्यक्रम को रोकने की चुनौती भी दी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शनिवार को यहां के निकट संगारेड्डी शहर में ‘स्मार्ट पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली)’ कार्ड के वितरण की शुरुआत की।
Prashant Kishor ने Madhubani SSP से मुलाकात कर जेल में युवक की मौत की 10 दिनों में जांच मांगी
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को जिले की रामपट्टी जेल में एक व्यक्ति की मौत के मामले में मधुबनी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात की। रोशन यादव (19) नामक युवक ने सोमवार को कथित तौर पर जेल के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, उसके परिजनों ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं और शरीर पर मिले कई निशानों का हवाला देते हुए उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
अधिकारियों के अनुसार, यादव के खिलाफ शस्त्र अधिनियम से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था जिसके बाद से वह 27 मई से जेल में बंद था। उन्होंने बताया कि मई के अंत में उसे कुछ समय के लिए रिहा किया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसे फिर गिरफ्तार कर लिया गया। बांकीपुर के विधायक किशोर ने कहा, एसएसपी मामले के हर पहलू की 10 दिनों के भीतर गहन जांच करने और मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने पर सहमति जताई है।
यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो हम इस मामले को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और मुख्य सचिव के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिलाधिकारी मामले की जांच करेंगे। जन सुराज नेता ने कहा, ‘‘हालांकि बड़ा सवाल यह है कि रहिका पुलिस ने गिरफ्तारी क्यों की?
परिजनों को लिखित सूचना क्यों नहीं दी गई? उसे अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए बिना हिरासत में क्यों रखा गया? और उसे कथित तौर पर पीटा और प्रताड़ित क्यों किया गया?’’ अधिकारियों ने बताया कि परिवार ने पहले पुलिस थाने और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई और यादव की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
यादव की मां और बहन आठ अगस्त को रामपट्टी जेल में उससे मिलने गई थीं और उनका दावा था कि वह सामान्य नजर आ रहा था।
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