जब सिनेमा में राष्ट्रवाद के नाम पर एक दूसरे को मटियामेट करने की चीखें बिक रही हों; तब इम्तियाज़ अली एक बिल्कुल अलग जोखिम उठाते है. उनकी फ़िल्म विभाजन की त्रासदी तो दिखाती है, लेकिन उसे नफ़रत फैलाने के औज़ार में नहीं बदलती.
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अगले हफ्ते बड़े कैबिनेट फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई बड़े मंत्रियों को हटाया जा सकता है।
भारत और आयरलैंड के बीच शुक्रवार से शुरू हो रही टी20 सीरीज का सबसे बड़ा आकर्षण 15 साल के वैभव सूर्यवंशी हैं। माना जा रहा है कि उन्हें पहले टी20 में भारत के लिए डेब्यू करने का मौका मिल सकता। अगर ऐसा होता है तो क्रिकेट जगत की नजरें पूरी तरह इस युवा बल्लेबाज पर होंगी, जिसने अंडर-19, इंडिया-ए और आईपीएल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया।
भारत के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ ने वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। द्रविड़ ने कहा कि वैभव जैसा खिलाड़ी तैयार करने का कोई तय फॉर्मूला नहीं होता। उन्होंने उसे एक यूनिक टैलेंट बताते हुए कहा कि उसकी सबसे बड़ी ताकत गेंदबाज की गति को बहुत जल्दी पढ़ लेना, शानदार क्रिकेटिंग समझ और बिल्कुल निडर होकर बल्लेबाजी करना।
द्रविड़ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, 'आप एक बेहद खास प्रतिभा को देख रहे। उसके पास गेंदबाज की स्पीड को समझने की शानदार क्षमता है। इसके साथ क्रिकेट की बेहतरीन समझ और निडर सोच भी। इन सभी चीजों का मेल उसे अलग बनाता। मुझे नहीं लगता कि किसी भी बच्चे को एक तय तरीका सिखाकर वैभव सूर्यवंशी जैसा बनाया जा सकता है।'
राहुल द्रविड़ ने यह भी साफ किया कि वैभव की सफलता सिर्फ उसकी प्रतिभा का नतीजा नहीं है। उन्होंने बताया कि राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करने के दौरान उन्होंने देखा कि युवा बल्लेबाज नेट्स में घंटों मेहनत करता है और लगातार बड़ी संख्या में गेंदें खेलकर अपने खेल को बेहतर बनाता है।
द्रविड़ ने कहा, 'कुछ गुण खिलाड़ियों को भगवान की देन होते हैं, लेकिन सिर्फ टैलेंट काफी नहीं होता। वैभव ने भी बहुत मेहनत की है। छोटी उम्र से ही उसने हजारों गेंदें खेली हैं। राजस्थान रॉयल्स में मैंने उसकी मेहनत को करीब से देखा है।' हालांकि द्रविड़ ने यह भी कहा कि इतनी कम उम्र में मिले नाम और सफलता के बीच वैभव का सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी होगा। उनके मुताबिक ऐसे खिलाड़ी को संभालकर आगे बढ़ाना चाहिए ताकि वह अपने पूरे सामर्थ्य तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा, 'उसे सही सहयोग और सही माहौल मिलना चाहिए। ऐसे खिलाड़ी की सुरक्षा भी जरूरी है। लेकिन साथ ही सही समय पर उसे खुलकर खेलने की आजादी भी देनी होगी।'
इधर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन भी वैभव की बल्लेबाजी के मुरीद नजर आए। वॉन ने कहा कि वैभव के पास शानदार नजर और तेज बैट स्विंग है। सबसे खास बात यह है कि वह गेंद फेंके जाने से पहले ही गेंदबाज के इरादों को काफी हद तक समझ लेता है।
वॉन ने कहा, 'महान बल्लेबाज वही होते हैं जो गेंद रिलीज होने से पहले ही उसके बारे में अंदाजा लगा लेते हैं और वैभव में यह क्षमता साफ दिखाई देती है। वह मैदान के किसी भी हिस्से में छक्का लगाने की ताकत रखता है। अगर गेंदबाज अपनी लेंथ में जरा भी गलती करे तो वैभव उसे मैदान के बाहर पहुंचा सकता है।'
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए भी नजर आएंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में इस युवा स्टार को भारतीय टीम की ओर से पहला मौका मिलता है।