Swami Ramdev Health Tips: झाड़ू-पोछा भी है बेहतरीन वर्कआउट! घर की सफाई के साथ करें पूरे शरीर रहेगा हेल्दी, स्वामी रामदेव से जानें तरीका
Swami Ramdev Health Tips: आजकल लोग घर की साफ-सफाई के लिए भी अलग-अलग मशीनों का इस्तेमाल करने लगे हैं. पहले लोग खुद ही अपने घर में बैठ-बैठकर पोछा लगाते थे. झुक-झुक कर झाड़ू लगाते थे. इससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता था. स्वामी रामदेव ने आज अपने फेसबुक लाइव सेशन में बताया कि एक जमाने में लोग अपने घर में साफ-सफाई का काम, गली-आंगन से लेकर पूरे गांव-गांव में झाड़ू खुद लगा देते थे. मगर अब तो कोई करता नहीं, अब लोग या तो सफाई के लोगों को रखते हैं या फिर मशीनें यूज करते हैं. पहले घर की औरते चुल्हा-चौका लिपती थी. सिर्फ इतना करने से उनके शरीर का पूरा व्यायाम हो जाता था.
यहां देखें फेसबुक लाइव
घर में झाड़ू-पोछा लगाने के फायदे
फेसबुक लाइव वीडियो में पतंजलि के योग गुरु स्वामी रामदेव बताते हैं कि झाड़ू चाहे तुम बैठ कर लगाओ या झुक कर लगाओं, दोनों का ही फायदा है. बैठकर झाड़ू लगाने से घुटनों की एक्सरसाइज हो जाती है. अगर हम थोड़ा झुक कर झाड़ू लगाते हैं तो उससे कमर की एक्सरसाइज हो जाती है. इतने व्यायाम से शरीर की सारी नसें खुल जाती हैं और ब्लड सर्कुलेशन एकदम बढ़िया रहता है.
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- पोछा लगाते समय बार-बार ऊपर-नीचे बैठते हैं. इससे पेट की चर्बी कम हो जाती है. महिलाओं का जो आज पेट निकल रहा है, पहले जमाने में नहीं हुआ करता था क्योंकि वो रोजाना घर में झुककर पोछा मारती थी. स्वामी रामदेव बोले पहले घर में लिपाई करते थे, इससे घर की दीवारें भी सुरक्षित रहती थी. मगर अब काम भी पहले जैसा नहीं है और घर की दीवारों पर भी सिंथेटिक पेंट है. इन पेंटों की खुशबू इतनी जानलेवा की फेफड़ों को भी बीमार कर देती है. फर्श पर भी टाइल्स लगने लगी है, जिससे वो भी सिंथेटिक हो गई है.
- घर में झाड़ू-पोछा लगाने से घर की धूल-मिट्टी दूर होने के साथ-साथ मनुष्य को मानसिक और शारीरिक लाभ प्रदान करता है. इससे तनाव कम होता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
- बैठकर झाड़ू-पोछा करने से कैलोरी बर्न होती है. पेट, जांघों और कमर के पास जमा हुआ फैट कम होने लगता है. इससे वजन भी नियंत्रित रहता है.
- तनाव से मुक्ति- साफ-सफाई करने से मानसिक शांति मिलती है और स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) का स्तर कम होता है.
- मांसपेशियों की ऐंठन दूर होगी- रोजाना घर में झाड़ू-पोछा करने से पीठ, हाथों और पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है. इससे उनमें मजबूती भी आती है.
घर का पोछा लगाने के लिए क्या इस्तेमाल करें?
स्वामी रामदेव बताते हैं कि पोछा लगाने के लिए पानी में फिनाइल नहीं मिलाना चाहिए. ये खतरनाक केमिकल होता है, जो फर्श पर रह जाता है. इसकी जगह आप पतंजलि का गोनाइल यूज कर सकते हैं. गोनाइल में गौमूत्र होता है. यह पवित्र होने के साथ-साथ कीटाणुओं को नष्ट कर देता है. इससे घर की सफाई करने से बीमारियां नहीं आती है. इस गोनाइल अर्क में गौमूत्र के साथ नीम आदि जैसे कई नैचुरल तत्व भी है. इससे घर में कीड़े-मकौड़े और मक्खियां नहीं आती हैं. गोनाइल का पोछा लगाने के बाद घर में खुशबू भी आती है. हाथों से घर पर पोछा लगाने से कंधों की मसल्स भी मजबूत हो जाती है.
घुसलखाने की सफाई कैसे करें?
पतंजलि के टॉयलेट क्लीनर्स की मदद से आप अपने टॉयलेट और बाथरूम की सफाई कर सकते हैं. सिंथेटिक क्लीनर्स में जहरीली गैसे होती हैं, जो घर में फैल जाती है. ये हमारे फेफड़ों के अंदर जमा हो जाती है. इसलिए, पतंजलि के टॉयलेट क्लीनर यूज करना चाहिए क्योंकि इसमें प्राकृतिक तत्व और खुशबू है. इसके अलावा, किचन की सफाई करने के लिए पतंजलि का जरमैक्स यूज कर सकते हैं. ये रसोई घर के हार्ड सरफेस से लेकर टाइलों को साफ करता है. बर्तन धोने के लिए पतंजलि आयुर्वेद का डिशवॉश क्लीनिंग लिक्विड यूज कर सकते हैं. घर के शीशे और खिड़कियों को साफ करने के लिए पतंजलि का ग्लास क्लीनर यूज कर सकते हैं.
आप अपने कपड़ों को धोने के लिए पतंजलि के अलग-अलग रेंज के डिटर्जेंट्स यूज कर सकते हैं. इनमें पतंजलि हर्बोवॉश पाउडर भी है, जो दो अलग-अलग वैरिएंट में मिलते हैं. इसके अलावा, एक क्वालिटी कपड़ों की सफाई करने के लिए एडवांस हर्बोवॉश और लिक्विड हर्बोवॉश भी बनाया गया है. ऊनी कपड़ों की सफाई के लिए पतंजलि का स्पेशल वुलन लिक्विड भी उपलब्ध है.
'हिंदू-मुस्लिम की शादी मुश्किल होती है...', विंदू को फरहा संग इंटरफेथ मैरिज करने पर दारा सिंह ने किया था आगाह
Vindu Dara Singh on His Father: एक्टर विंदू दारा सिंह इन दिनों अपनी दूसरी पत्नी दीना उमारोवा के साथ खुशहाल शादीशुदा जीवन जी रहे हैं. हालांकि उनकी निजी जिंदगी का एक ऐसा चेप्टर भी रहा है, जिसकी चर्चा आज भी होती है. विंदू की पहली शादी बॉलीवुड एक्ट्रेस फरहा नाज से हुई थी, जो मशहूर एक्ट्रेस तब्बू की बड़ी बहन हैं. दोनों ने साल 1996 में इंटरफेथ (हिंदू-मुस्लिम) शादी की थी, लेकिन करीब छह साल बाद 2002 में उनका तलाक हो गया.
अब कई साल बाद विंदू दारा सिंह ने अपनी पहली शादी, तलाक और पिता दारा सिंह की सलाह को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि उनके पिता ने शादी से पहले ही उन्हें इंटरफेथ मैरिज की चुनौतियों के बारे में चेतावनी दी थी. उस समय उन्होंने पिता की बात को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो महसूस होता है कि उनकी बात में काफी सच्चाई थी.
पिता दारा सिंह ने पहले ही कर दिया था सावधान
विंदू दारा सिंह ने हाल ही में 'कड़क' को दिए इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने पिता से फरहा नाज से शादी करने की इच्छा जताई थी, तब दारा सिंह ने उन्हें समझाने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा था कि हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों की शादी निभाना आसान नहीं होता और अक्सर समय के साथ कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं. विंदू के मुताबिक, उनके पिता ने उनसे कहा था कि इस फैसले पर अच्छी तरह सोच लें क्योंकि कई बार ऐसी शादियां आखिर में मुश्किलों का सामना करती हैं. लेकिन उस वक्त उन्हें पूरा विश्वास था कि उनके रिश्ते में ऐसा कुछ नहीं होगा.
सभी धर्मों में विश्वास रखते थे दारा सिंह
विंदू ने साफ किया कि उनके पिता कभी भी धर्म के आधार पर लोगों में भेदभाव नहीं करते थे. उनका मानना था कि सभी धर्म बराबर हैं और हर इंसान का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने बताया कि दारा सिंह हमेशा कहते थे कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भाई-भाई हैं. इसलिए उनकी सलाह किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं थी, बल्कि वो सिर्फ वैवाहिक जीवन में आने वाली प्रैक्टिकल चुनौतियों को लेकर उन्हें आगाह कर रहे थे.
'पिता सही थे, लेकिन मुझे कोई पछतावा नहीं'
विंदू दारा सिंह ने स्वीकार किया कि आज उन्हें महसूस होता है कि उनके पिता का अनुभव सही था. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें अपनी पहली शादी का कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उसी रिश्ते से उन्हें उनका बेटा फतेह मिला, जो उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा है. उन्होंने कहा कि अगर उस शादी से उन्हें फतेह जैसा बेटा मिला है, तो वो उस रिश्ते को लेकर कभी अफसोस नहीं कर सकते. उनके लिए उनका बेटा किसी भी चीज से बढ़कर है और वह उससे बेहद प्यार करते हैं.
'माता-पिता की सलाह को हल्के में नहीं लेना चाहिए'
इंटरव्यू में विंदू ने युवाओं को भी एक अहम मैसेज दिया. उन्होंने कहा कि अक्सर बच्चे सोचते हैं कि माता-पिता पुरानी सोच के हैं और उन्हें मॉडर्न रिश्तों की समझ नहीं है. लेकिन असलियत ये है कि माता-पिता जीवन के लंबे अनुभव के आधार पर सलाह देते हैं. विंदू ने कहा कि कई बार माता-पिता की चेतावनी या सलाह को भगवान का संकेत समझना चाहिए, क्योंकि वो अपने बच्चों का बुरा कभी नहीं चाहते.
शादी टूटने की वजह पर भी की खुलकर बात
जब विंदू दारा सिंह से पूछा गया कि क्या उनकी शादी टूटने की सबसे बड़ी वजह धर्म था, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया कि 'बिल्कुल'. उन्होंने बताया कि शादी के शुरुआती वर्षों में धर्म उनके रिश्ते के बीच कभी नहीं आया. दोनों सामान्य तरीके से जीवन बिता रहे थे और धार्मिक मतभेद जैसी कोई समस्या नहीं थी. लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदलने लगीं.
'फरहा अचानक बहुत ज्यादा धार्मिक हो गई थीं'
विंदू के मुताबिक, रिश्ते में असली बदलाव तब आया जब फरहा नाज अचानक पहले की तुलना में काफी ज्यादा धार्मिक हो गईं. उन्होंने कहा कि उनके परिवार में पहले कभी बहुत ज्यादा धार्मिक माहौल नहीं रहा था, इसलिए इस बदलाव ने दोनों के बीच कई तरह के मतभेद पैदा कर दिए. उनका कहना था कि जब किसी रिश्ते में अचानक लाइफस्टाइल और सोच में इतना बड़ा बदलाव आता है, तो उसे संभालना मुश्किल हो जाता है. उनके अनुसार यही उनकी शादी टूटने का सबसे बड़ा कारण बना.
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