Responsive Scrollable Menu

साइबर लिटरेसी- रक्षाबंधन पर साइबर फ्रॉड का रिस्क:ऑनलाइन राखी खरीदते हुए बरतें 9 सावधानियां, जानें किसी भी स्कैम से कैसे बचें

रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है। इस दौरान लोग ऑनलाइन राखी, मिठाई और गिफ्ट ऑर्डर करते हैं। बढ़ती ऑनलाइन खरीदारी के साथ साइबर ठग भी एक्टिव हो जाते हैं। वे लोगों को ठगने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाते हैं। स्कैमर्स फर्जी शॉपिंग वेबसाइट के जरिए सोशल मीडिया पर भारी डिस्काउंट और एक्सप्रेस डिलीवरी के लुभावने ऑफर दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कई मामलों में पेमेंट लेने के बाद सामान डिलीवर नहीं किया जाता, जबकि कुछ लोगों को नकली या खराब क्वालिटी का प्रोडक्ट भेज दिया जाता है। इसलिए आज 'साइबर लिटरेसी' में ऑनलाइन राखी और गिफ्ट ऑर्डर के दौरान होने वाले साइबर फ्रॉड पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- त्योहारों के दौरान फ्रॉड के मामले क्यों बढ़ जाते हैं? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- रक्षाबंधन के आसपास किस तरह के फ्रॉड ज्यादा होते हैं? जवाब- इस दौरान स्कैमर लोगों को ठगने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं। ग्राफिक में सभी साइबर फ्रॉड देखिए- इन स्कैम के बारे में विस्तार से समझिए- 1. फेक शॉपिंग वेबसाइट 2. वॉट्सएप पर गिफ्ट स्कैम 3. फेक कूरियर स्कैम 4. फेक कैशबैक स्कैम 5. फेक कस्टमर केयर 6. फेक ट्रैकिंग लिंक 7. रिफंड स्कैम सवाल- ऑनलाइन गिफ्ट ऑर्डर करने से पहले कैसे चेक करें कि वेबसाइट असली है या नहीं? फर्जी वेबसाइट कैसे पहचानें? जवाब- कुछ ऐसे संकेत हैं, जिनसे फर्जी वेबसाइट की पहचान की जा सकती है। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए- सवाल- क्या सोशल मीडिया पर दिखने वाले एड भरोसेमंद होते हैं? जवाब- नहीं, स्कैमर्स भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी शॉपिंग एड चलाते हैं। इसमें वे भारी छूट, सीमित समय के ऑफर या एक्सप्रेस डिलीवरी का दावा करते हैं। ऐसे विज्ञापनों पर क्लिक करते ही लोग स्कैम का शिकार हो जाते हैं। सवाल- ऑनलाइन राखी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- ऑनलाइन राखी खरीदते समय थोड़ी-सी सावधानी आपको साइबर फ्रॉड से बचा सकती है। खरीदारी से पहले इन बातों का ध्यान रखें- सवाल- राखी भेजते समय क्या सावधानी बरतें? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- गिफ्ट या राखी ट्रैक करने का सही तरीका क्या है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- रक्षाबंधन के दौरान साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें? जवाब- त्योहारों के दौरान थोड़ी-सी सतर्कता आपको साइबर ठगी से बचा सकती है। इसलिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- अगर ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं, तुरंत कुछ कदम उठाएं- सवाल- साइबर फ्रॉड की शिकायत कहां और कैसे करें? जवाब- इसके लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। जरूरत पड़ने पर नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में भी शिकायत कर सकते हैं। ……………………… ये खबर भी पढ़ें…. साइबर लिटरेसी- मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फ्रॉड:मोटी कमाई के लालच में न आएं, एक्सपर्ट से समझें कि इस स्कैम से कैसे बचें फर्ज करिए, आपके पास खेत, खाली प्लॉट या मकान की बड़ी छत है। एक दिन अचानक कॉल या मैसेज आता है कि आप वहां मोबाइल टावर लगवाकर हर महीने 30-50 हजार रुपए किराया कमा सकते हैं। कई लोग बिना कोई जांच-पड़ताल किए इस आकर्षक ऑफर पर भरोसा कर लेते हैं। ये खबर भी पढ़ें….

Continue reading on the app

जरूरत की खबर- ‘एनालॉग पनीर’ पांच राज्यों में बैन:ये डेयरी प्रोडक्ट नहीं है, जानें कैसे बनता है, खरीदते हुए क्या सावधानी बरतें

हाल ही में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात की सरकारों ने ‘एनालॉग पनीर’ के प्रोडक्शन, बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर बैन लगा दिया है। दरअसल, राज्यों में कई जगह इसे डेयरी पनीर बताकर बेचा जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी हो रही थी। कुछ मामलों में इसकी क्वालिटी, लेबलिंग और फूड सेफ्टी मानकों की अनदेखी भी हो रही थी। इसके बाद से ‘एनालॉग पनीर’ को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है। लोगों में इसे लेकर कई तरह के सवाल हैं कि क्या ये नकली पनीर है, ये कैसे बनता है वगैरह। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में एनालॉग पनीर के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- देवेन्द्र कुमार दुबे, फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, दमोह डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- एनालॉग पनीर क्या है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पांच राज्यों ने एनालॉग पनीर पर बैन क्यों लगाया? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- एनालॉग पनीर को लेकर FSSAI का क्या कहना है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- डेयरी और एनालॉग पनीर में क्या फर्क है? जवाब- दोनों में मुख्य अंतर इंग्रीडिएंट्स और न्यूट्रिशन का होता है। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या एनालॉग पनीर ‘नकली’ होता है? जवाब- एनालॉग पनीर ‘नकली’ नहीं होता, लेकिन ये दूध से बना डेयरी प्रोडक्ट भी नहीं होता है। यह डेयरी पनीर का सस्ता विकल्प है। इसे नॉन-डेयरी फैट और अन्य इंग्रीडिएंट्स से तैयार किया जाता है। गलत और फ्रॉड बात है, लोगों को गलत जानकारी देकर इसे बेचना। ये न बताना कि ये डेयरी पनीर नहीं है। लोग तो पनीर के बारे में ये मानकर चलते हैं कि वो दूध से ही बना होगा। लेकिन उन्हें ये पता नहीं होता कि वे दूध के अलावा कई दूसरी चीजों को मिलाकर बनाया गया पनीर खा रहे हैं। सवाल- असली पनीर और एनालॉग पनीर बनाने की प्रक्रिया क्या है? जवाब- दोनों की प्रक्रिया अलग होती है। इसे डिटेल में समझिए– असली पनीर एनालॉग पनीर सवाल- क्या एनालॉग पनीर और सिंथेटिक पनीर एक ही हैं? जवाब- नहीं, इन दोनों के बीच अंतर पॉइंटर्स से समझिए- एनालॉग पनीर: यह डेयरी पनीर का विकल्प है। अगर सही मानक पर बनाया जाए और ‘एनालॉग पनीर’ के नाम से बेचा जाए, तो यह नियमों के खिलाफ नहीं है। सिंथेटिक पनीर: यह पूरी तरह अवैध और मिलावटी होता है। इसे डिटर्जेंट, यूरिया, सल्फ्यूरिक एसिड, सोडा और पेंट/केमिकल जैसी खतरनाक चीजों से तैयार किया जाता है। यह सेहत के लिए हानिकारक है। सवाल- उपभोक्ताओं को एनालॉग पनीर के बारे में जानना क्यों जरूरी है? जवाब- दोनों की सामग्री और बनाने का तरीका अलग होता है। सही जानकारी होने पर ग्राहक अपनी पसंद, जरूरत और बजट के अनुसार फैसला ले सकता है। साथ ही किसी तरह के भ्रम या गलत जानकारी से बच सकता है। सवाल- क्या एनालॉग पनीर सेहत के लिए नुकसानदायक है? जवाब- कभी-कभार एनालॉग पनीर खाने से नुकसान नहीं है। लेकिन लंबे समय तक इसे खाने से कई हेल्थ रिस्क हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- एनालॉग पनीर किन लोगों के लिए ज्यादा रिस्की हो सकता है? जवाब- इसे डेली खाना किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। खासकर जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज, क्राॅनिक डाइजेस्टिव इश्यू, हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापा है, उन्हें रिस्क ज्यादा होता है। सवाल- एनालॉग पनीर को कैसे पहचानें? जवाब- इसे रंग, स्वाद और बनावट देखकर पहचानना मुश्किल है। हालांकि, कुछ बुनियादी तरीकों से इसकी पहचान की जा सकती है- सवाल- किन जगहों पर एनालॉग पनीर इस्तेमाल होने की संभावना ज्यादा होती है? जवाब- एनालॉग पनीर की लागत डेयरी पनीर से काफी कम होती है। इसलिए उन जगहों पर इसके इस्तेमाल की आंशका ज्यादा रहती है, जहां बड़ी मात्रा में पनीर की जरूरत होती है। जैसे- (कुल मिलाकर कोई भी ऐसी जगह जहां खपत बड़े पैमाने पर होती है।) सवाल- कौन-सी डिशेज में इनका इस्तेमाल ज्यादा होता है? जवाब- इसका जवाब बहुत सिंपल है। हर वो डिश, जिसमें किसी भी रूप में पनीर का इस्तेमाल हो रहा है, उसमें एनालॉग पनीर हो सकता है, जैसेकि- सवाल- पनीर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- खरीदते हुए पैकेट का लेबल जरूर पढ़ें और इंग्रीडिएंट्स जरूर चेक करें। ‘एनालॉग’ या ‘नॉन-डेयरी’ लिखा हो तो उसे डेयरी पनीर समझकर न खरीदें। साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- अगर असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर मिलने का शक हो तो कहां और कैसे शिकायत करें? जवाब- FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ पोर्टल/एप पर इसकी शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के साथ पैकेट/पनीर की फोटो, बिल, दुकान/रेस्टोरेंट का नाम और FSSAI लाइसेंस नंबर जैसी जानकारी दें। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच और सैंपल टेस्टिंग करते हैं। सवाल- असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर बेचने वाले पर क्या कार्रवाई हो सकती है? जवाब- एनालॉग पनीर को गलत लेबलिंग के साथ डेयरी पनीर बताकर बेचना खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में प्रोडक्ट नष्ट करने, लाइसेंस रद्द करने और जुर्माने जैसी कार्रवाई हो सकती है। गंभीर मामलों में कानून के तहत सजा का भी प्रावधान है। …………………………….. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- सोया चाप बैटर में लोटता दिखा वर्कर:जानें FSSAI के हाइजीन रूल्स, रेस्त्रां में खाने से पहले बरतें 11 सावधानियां हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक शर्टलेस वर्कर गीले फर्श पर रखे सोया चाप के बैटर में लोटता हुआ नजर आया। वीडियो कथित तौर पर एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का है। इस घटना ने फूड हाइजीन और फूड सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

टीम को मुझ पर भरोसा नहीं... गॉल टेस्ट के बीच छलका रविंद्र जडेजा का दर्द, बताया कैसे उनके साथ हुआ 'भेदभाव'

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने अपनी बल्लेबाजी क्रम पर खुलकर बात की. श्रीलंका के साथ जारी गॉल टेस्ट के दूसरे दिन ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए जडेजा ने कहा कि जब उन्हें 8वें या 9वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता था तो उनका मनोबल टूट जाता था. जडेजा के माना कि वह टीम इंडिया के लिए टॉप ऑर्डर में बैटिंग करना चाहते हैं. Sun, 16 Aug 2026 14:14:18 +0530

  Videos
See all

'कांग्रेस मुख्‍यालय में बड़ा पाप हुआ है' | Amit Shah | Vande Mataram Controversy #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T09:32:53+00:00

PM मोदी का प्रकृति प्रेम! मोर और गाय संग बिताए भावुक पल | Independence Day | Viral Video #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T09:43:14+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers