जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह द्वारा शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम को विश्वस्तरीय खेल परिसर के रूप में विकसित किए जाने तथा ग्रेटर नोएडा के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में खिलाड़ियों एवं आमजन के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु ग्रेनो के सीईओ को भेजे गए पत्र पर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सकारात्मक जवाब दिया है। प्राधिकरण द्वारा अवगत कराया गया है कि "शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध खेल सुविधाओं का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। साथ ही क्रिकेट पवेलियन, फुटबॉल मैदान, प्रकाश व्यवस्था, प्रशिक्षण सुविधाओं एवं खेल अधोसंरचना के उन्नयन के लिए अनेक कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं।"
इस मौके पर जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि "शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम के विकास एवं आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार से जेवर विधानसभा क्षेत्र के सेक्टर-37, सेक्टर-36, स्वर्ण नगरी, सेक्टर पी-3, बिरौंडा, ऐच्छर, नटो की मढ़ैया, कासना, सिग्मा तथा आसपास के क्षेत्रों के हजारों नौजवानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और बेहतर अवसरों के लिए दूर-दराज़ नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करेगी।"
जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि "खेल केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और अनुशासित समाज के निर्माण का आधार है। युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। प्राधिकरण द्वारा दिए गए जबाव से यह स्पष्ट है कि खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों के हितों को लेकर सकारात्मक सोच के साथ कार्य किया जा रहा है।"
जेवर के विधायक धीरेन्द्र सिंह ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि "खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, स्पोर्ट्स साइंस, फिजियोथेरेपी एवं रिकवरी सेंटर जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार तथा विभिन्न सेक्टरों में नए खेल परिसरों के विकास की योजना क्षेत्र के खेल भविष्य को नई दिशा देगी।"
उन्होंने कहा कि शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम केवल ग्रेटर नोएडा ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इसके लिए आवश्यक संसाधनों एवं सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जाना समय की आवश्यकता है।
जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि "प्रस्तावित योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे क्षेत्र के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और ग्रेटर नोएडा खेल प्रतिभाओं के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित होगा।"
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दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मोसाद जो दुनिया के किसी भी कोने में घुसकर अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए जानी जाती है। लेकिन क्या हो जब मोसाद के निशाने पर किसी आतंकी संगठन का सरगना नहीं बल्कि एक परमाणु संपन्न देश की सेना का प्रमुख आ जाए। जी हां, एक ऐसा दावा जिसने ग्लोबल मीडिया और कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। दावा है कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्विट्जरलैंड की वादियों में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की हत्या का सीक्रेट ऑर्डर दे दिया था और जब इस बात की भनक पाकिस्तान को लगी तो उसने इजराइल को नक्शे से मिटाने की ऐसी धमकी दी जिससे मोसाद को भी अपने कदम पीछे खींचने पड़े।
इस पूरी सनसनीखेज कहानी की शुरुआत होती है एक मशहूर पडकास्ट से। लिबनानी ऑस्ट्रेलियाई राजनीतिक विश्लेषक मारियो नाफेल के शो में दुनिया भर के खुफिया जानकारी रखने वाले जानेमाने ब्राजीलय पत्रकार पेपे एस्कुबार मेहमान बनकर आए थे। एस्कुबार कोई आम पत्रकार नहीं है। उनकी जिओपॉलिटिक्स और खुफिया तंत्र पर गहरी पकड़ मानी जाती है। इसी इंटरव्यू के दौरान एस्कुबार ने अपनी टॉप सीक्रेट खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए एक ऐसा बम फोड़ा जिसने सबको सन कर दिया। उन्होंने दावा किया कि मोसाद ने एक बेहद हाई प्रोफाइल टारगेट को स्विट्जरलैंड में एलिमिनेट करने का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया था। अब सवाल उठता है कि पाकिस्तानी आर्मी चीफ स्विट्जरलैंड में क्या कर रहे थे?
इस अखुखबार के मुताबिक स्विट्जरलैंड के आलीशान बर्गन स्टॉक रिसोर्ट में एक बेहद गुप्त बैठक चल रही थी। यह बैठक सीधे तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच हो रही थी। आप जानते ही हैं कि मध्य पूर्व में इस वक्त तनाव चरम पर है और अमेरिका ईरान के रिश्ते किसी से छिपे नहीं है। इस बेहद नाजुक बातचीत में क़तर और पाकिस्तान मीडिएटर की भूमिका निभा रहे थे। इसी डेलीगेशन का हिस्सा थे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर। दावा है कि इजराइल इस अमेरिका ईरान सीक्रेट मीटिंग से बेहद खफा था और किसी भी कीमत पर इस मध्यस्था को नाकाम करना चाहता था। इसीलिए नेतन्याहू के इशारे पर मोसाद ने सीधे पाकिस्तानी डेलीगेशन और खासतौर पर आसिम मुनीर को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। लेकिन मोसाद इस बार चूक गया। एस्कुबार का दावा है कि पाकिस्तानी सेनाओं और उनकी खुफिया एजेंसी को इस साजिश की सॉलिड इनपुट्स मिल गए। जैसे ही पाकिस्तान को पता चला कि उनके आर्मी चीफ की जान को खतरा है। इस्लामाबाद में हड़कंप मच गया। इसके बाद जो हुआ वह कूटनीतिक इतिहास में शायद ही कभी हुआ हो। पाकिस्तान ने बैक चैनल और ओमान के मध्यस्थों का इस्तेमाल करते हुए इज़राइल को एक सीधा और खौफनाक अल्टीमेटम भेजा। इस बार के शब्दों में कहें तो पाकिस्तान का संदेश था अगर आपने हमारे प्रतिनिधिमंडल या अधिकारियों को खरोच भी पहुंचाई तो हम इजराइल को दुनिया के नक्शे से पूरी तरह से मिटा देंगे।
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