कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को भाजपा का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि वह सिर्फ़ आरएसएस के इशारे पर काम करती है। खड़गे और आरएसएस के बीच आरएसएस के संवैधानिक और वित्तीय नियमों के पालन को लेकर स्पष्टता की मांग को लेकर खींचतान चल रही है। X पर एक पोस्ट में खड़गे ने दावा किया कि जब भी कोई आरएसएस पर सवाल उठाता है, तो भाजपा अपना आपा खो देती है और फन फैलाकर पलटवार करती है। उन्होंने पूछा कि जिस संगठन का आज़ादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था, वह अब देश को देशभक्ति का पाठ क्यों पढ़ाता है, और नागपुर में आरएसएस मुख्यालय पर तिरंगा फहराने में 52 साल क्यों लग गए? उन्होंने कहा कि इन दोनों ही सवालों पर भाजपा का रिएक्शन बचाव वाला होता है।
खरगे ने कहा कि जब भी आरएसएस की जांच-पड़ताल होती है, तो भाजपा घबरा जाती है और हर बार बचाव की मुद्रा में आ जाती है। उन्होंने कई सवाल उठाए, जिन पर हमेशा ऐसी ही प्रतिक्रिया मिलती है: जैसे कि एक ऐसा संगठन, जो खरगे के दावे के मुताबिक आज़ादी की लड़ाई से दूर रहा, वह अब खुद को देशभक्ति का सबसे बड़ा पैरोकार क्यों बताता है? और आरएसएस के नागपुर मुख्यालय पर तिरंगा फहराने में लगभग पाँच दशक क्यों लग गए?
खरगे ने आगे यह भी पूछा कि आरएसएस असल में किस संविधान को मानता है—बाबासाहेब अंबेडकर वाले संविधान को, या उस संविधान को जिसे वे खुद लिखना चाहते थे? साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन न तो खुद को रजिस्टर करवाता है और न ही टैक्स भरता है। उन्होंने X पर कहा कि RSS को चुनौती देने पर BJP भड़क जाती है। जब भी कोई RSS पर सवाल उठाता है, BJP अपना आपा खो देती है। अगर आप पूछें कि जिस संगठन ने आज़ादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं दिया, वह अब देश को देशभक्ति का पाठ क्यों पढ़ाता है, तो BJP भड़क जाती है।
उन्होंने कहा कि अगर आप पूछें कि नागपुर में तिरंगा फहराने में 52 साल क्यों लगे, तो BJP भड़क जाती है। अगर आप पूछें कि वे असल में किस संविधान को मानते हैं - बाबासाहेब वाले को या उस संविधान को जो वे खुद लिखना चाहते थे - तो BJP भड़क जाती है। अगर आप पूछें कि वे खुद को रजिस्टर क्यों नहीं करवाते और टैक्स क्यों नहीं देते, तो BJP भड़क जाती है। अगर आप RSS से कहें कि वह अपनी ही बातों पर अमल करे, तो BJP भड़क जाती है। BJP हमेशा से RSS का ज़रिया रही है, सिर्फ़ उसकी सहयोगी नहीं। हर बार जब वे भड़कते हैं, तो इससे बस यही साबित होता है।
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शिमला मिर्च एक ऐसी सब्जी है, जो अपनी खास खुशबू और कुरकुरे स्वाद के लिए जानी जाती है। आमतौर पर शिमला मिर्च को पास्ता, नूडल्स और मिक्स वेज में डाला जाता है। अगर आप इसको एक मेन डिश के रूप में परोसती हैं, तो भरवां शिमला मिर्च एक बेहतरीन ऑप्शन है। पनीर, उबले हुए आलू और मसालों के चटपटे मिश्रण से भरी हुई शिमला मिर्च को जब कड़ाही में धीमी आंच पर पकाया जाता है, तो इसका स्वाद लाजवाब होता है।
भरवां शिमला मिर्च देखने में जितना अच्छा लगता है, यह उतना ही स्वादिष्ट खाने में भी होता है। आप इसको लंच, डिनर या किसी पार्टी के मेन्यू में शामिल कर सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस आसान और परफेक्ट रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं।
सामग्री
शिमला मिर्च- 4 मध्यम आकार की
उबले हुए आलू- 4 (मैश किए हुए)
पनीर- 50 ग्राम (कद्दूकस किया हुआ)
हरी मिर्च- 2 बारीक कटी हुई
प्याज- 1 बारीक कटा हुआ
अदरक-लहसुन का पेस्ट- 1 छोटा चम्मच
हरा धनिया- बारीक कटा हुआ
लाल मिर्च पाउडर - 1 छोटा चम्मच
आधा छोटा चम्मच हल्दी
धनिया पाउडर - 1 छोटा चम्मच
गरम मसाला - आधा छोटा चम्मच
आमचूर पाउडर - 1 छोटा चम्मच
जीरा और हींग- तड़के के लिए
नमक- स्वादानुसार
तेल- 3-4 बड़े चम्मच
ऐसे बनाएं
सबसे पहले शिमला मिर्च को धोकर सुखा लें। फिर चाकू की मदद से इसके ऊपर के ठंडल वाले गोल हिस्से को गोल काटकर निकाल लें।
फिर सारे बीज और सफेद रेशों को चम्मच की मदद से साफ कर लें। जिससे कि इसके अंदर स्टफिंग भरने के लिए अच्छी जगह बन जाए।
अब कड़ाही में एक बड़ा चम्मच तेल गरम कर लें। तेल गरम होने पर इसमें एक चुटकी हींग और जीरा डालें। फिर बारीक कटा हुआ प्याज, अदरक लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
फिर धीमी आंच पर धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक को डालें। मसालों को कुछ सेकेंड के लिए भून लें और मैश किए हुए उबले आलू और कद्दूकस किया हुआ पनीर डालें। इन सभी चीजों को अच्छे से मिलाकर 2-3 मिनट तक भूनें।
अंत में आमचूर पाउडर, गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया मिलाएं। इस आसान तरीके से चटपटी स्टफिंग बनकर तैयार है। इसको एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने दें।
जब आलू का मिश्रण ठंडा हो जाए, तो हाथों की मदद से इसको तैयार की गई शिमला मिर्च के अंदर दबा-दबाकर अच्छे से भर दें। ऊपर तक मसाले को बराबर कर लें, जिससे पकते समय मसाला बाहर न निकल जाएं।
फिर उसी कड़ाही में 2 बड़े चम्मच तेल गर्म करें और भरी हुई शिमला मिर्च को कड़ाही में सीधा खड़ा करके रख दें। कड़ाही को ढक दें और धीमी आंच पर 2 से 3 मिनट तक पकने दें।
अब ढक्कन हटाकर शिमला मिर्च को चिमटे की सहायता से दूसरी तरफ पलटें। अब इसको चारों ओर से घुमा-घुमाकर तब तक पकाएं, जब तक कि शिमला मिर्च की बाहरी परत हल्की नरम न हो जाए। साथ ही उस पर हल्के भूरे रंग के निशान न आ जाएं।
ध्यान रखें कि इसको धीमी आंच पर ही पकाना चाहिए। जिससे शिमला मिर्च अंदर तक सॉफ्ट हो जाए और जले भी नहीं।
सर्विंग टिप्स
जब मसालेदार, गरमा-गरम और खुशबूदार भरवां शिमला मिर्च बनकर पूरी तरह तैयार हो जाए। तो इसको कड़ाही से निकालकर ऊपर से बारीक कटा धनिया या कद्दूकस किए हुए पनीर से गार्निश करें। इसको आप गरमा-गरमा पराठे, पूरी या फिर दाल-चावल के साथ साइड डिश के रूप में परोस सकते हैं।
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