शिमला मिर्च एक ऐसी सब्जी है, जो अपनी खास खुशबू और कुरकुरे स्वाद के लिए जानी जाती है। आमतौर पर शिमला मिर्च को पास्ता, नूडल्स और मिक्स वेज में डाला जाता है। अगर आप इसको एक मेन डिश के रूप में परोसती हैं, तो भरवां शिमला मिर्च एक बेहतरीन ऑप्शन है। पनीर, उबले हुए आलू और मसालों के चटपटे मिश्रण से भरी हुई शिमला मिर्च को जब कड़ाही में धीमी आंच पर पकाया जाता है, तो इसका स्वाद लाजवाब होता है।
भरवां शिमला मिर्च देखने में जितना अच्छा लगता है, यह उतना ही स्वादिष्ट खाने में भी होता है। आप इसको लंच, डिनर या किसी पार्टी के मेन्यू में शामिल कर सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस आसान और परफेक्ट रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं।
सामग्री
शिमला मिर्च- 4 मध्यम आकार की
उबले हुए आलू- 4 (मैश किए हुए)
पनीर- 50 ग्राम (कद्दूकस किया हुआ)
हरी मिर्च- 2 बारीक कटी हुई
प्याज- 1 बारीक कटा हुआ
अदरक-लहसुन का पेस्ट- 1 छोटा चम्मच
हरा धनिया- बारीक कटा हुआ
लाल मिर्च पाउडर - 1 छोटा चम्मच
आधा छोटा चम्मच हल्दी
धनिया पाउडर - 1 छोटा चम्मच
गरम मसाला - आधा छोटा चम्मच
आमचूर पाउडर - 1 छोटा चम्मच
जीरा और हींग- तड़के के लिए
नमक- स्वादानुसार
तेल- 3-4 बड़े चम्मच
ऐसे बनाएं
सबसे पहले शिमला मिर्च को धोकर सुखा लें। फिर चाकू की मदद से इसके ऊपर के ठंडल वाले गोल हिस्से को गोल काटकर निकाल लें।
फिर सारे बीज और सफेद रेशों को चम्मच की मदद से साफ कर लें। जिससे कि इसके अंदर स्टफिंग भरने के लिए अच्छी जगह बन जाए।
अब कड़ाही में एक बड़ा चम्मच तेल गरम कर लें। तेल गरम होने पर इसमें एक चुटकी हींग और जीरा डालें। फिर बारीक कटा हुआ प्याज, अदरक लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
फिर धीमी आंच पर धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक को डालें। मसालों को कुछ सेकेंड के लिए भून लें और मैश किए हुए उबले आलू और कद्दूकस किया हुआ पनीर डालें। इन सभी चीजों को अच्छे से मिलाकर 2-3 मिनट तक भूनें।
अंत में आमचूर पाउडर, गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया मिलाएं। इस आसान तरीके से चटपटी स्टफिंग बनकर तैयार है। इसको एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने दें।
जब आलू का मिश्रण ठंडा हो जाए, तो हाथों की मदद से इसको तैयार की गई शिमला मिर्च के अंदर दबा-दबाकर अच्छे से भर दें। ऊपर तक मसाले को बराबर कर लें, जिससे पकते समय मसाला बाहर न निकल जाएं।
फिर उसी कड़ाही में 2 बड़े चम्मच तेल गर्म करें और भरी हुई शिमला मिर्च को कड़ाही में सीधा खड़ा करके रख दें। कड़ाही को ढक दें और धीमी आंच पर 2 से 3 मिनट तक पकने दें।
अब ढक्कन हटाकर शिमला मिर्च को चिमटे की सहायता से दूसरी तरफ पलटें। अब इसको चारों ओर से घुमा-घुमाकर तब तक पकाएं, जब तक कि शिमला मिर्च की बाहरी परत हल्की नरम न हो जाए। साथ ही उस पर हल्के भूरे रंग के निशान न आ जाएं।
ध्यान रखें कि इसको धीमी आंच पर ही पकाना चाहिए। जिससे शिमला मिर्च अंदर तक सॉफ्ट हो जाए और जले भी नहीं।
सर्विंग टिप्स
जब मसालेदार, गरमा-गरम और खुशबूदार भरवां शिमला मिर्च बनकर पूरी तरह तैयार हो जाए। तो इसको कड़ाही से निकालकर ऊपर से बारीक कटा धनिया या कद्दूकस किए हुए पनीर से गार्निश करें। इसको आप गरमा-गरमा पराठे, पूरी या फिर दाल-चावल के साथ साइड डिश के रूप में परोस सकते हैं।
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साई सुदर्शन ने गुरुवार को अपने आलोचकों को जवाब दिया और गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका A के खिलाफ़ चल रहे अनौपचारिक टेस्ट मैच में इंडिया A के लिए शानदार शतक लगाकर भारतीय टेस्ट टीम में नंबर तीन की जगह के लिए फिर से अपनी दावेदारी पेश की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला करने के बाद, सुदर्शन ने आयुष पांडे के साथ इंडिया A की पारी की शुरुआत की। पिच बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी लग रही थी। सुदर्शन ने 175 गेंदों पर 74.43 के स्ट्राइक रेट से 132 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके शामिल थे।
उनकी पारी की बदौलत इंडिया A ने सिर्फ़ 50 ओवर में 200 से ज़्यादा रन बनाए। गौरतलब है कि बाकी सभी बल्लेबाज़ संघर्ष करते दिखे और इस खबर के लिखे जाने तक इंडिया A की पहली पारी में 50 से ज़्यादा रन बनाने वाले सुदर्शन अकेले बल्लेबाज़ थे। आयुष पांडे ने 64 गेंदों में 25 रन, देवदत्त पडिक्कल ने सात गेंदों में 12 रन और ऋतुराज गायकवाड़ ने 53 गेंदों में 22 रन बनाए। टीम की कप्तानी कर रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल 21 गेंदों में 12 रन बनाकर खेल रहे थे।
फर्स्ट-क्लास मैचों में सुदर्शन का यह नौवां शतक था। फर्स्ट-क्लास में उनका बेस्ट स्कोर 213 रन है, जो उन्होंने रणजी ट्रॉफी मैच में दिल्ली के खिलाफ बनाया था। इस शानदार शतक के साथ सुदर्शन ने उन आलोचकों को जवाब दिया है जो टेस्ट टीम में उनकी जगह पर सवाल उठा रहे थे। अफगानिस्तान के खिलाफ पिछले टेस्ट में तमिलनाडु के इस बल्लेबाज ने 81 रन बनाए थे। अब तक, उन्होंने सात मैचों की 12 पारियों में 31.92 की औसत और 43.33 के स्ट्राइक रेट से 383 रन बनाए हैं। इसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। उनका बेस्ट स्कोर 165 गेंदों में 87 रन है, जो पिछले साल अक्टूबर में नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ बना था।
सुदर्शन ने अब तक जो सात टेस्ट मैच खेले हैं, उनमें उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, इसलिए आलोचक अक्सर उन पर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, उन्हें टीम मैनेजमेंट का पूरा समर्थन मिला है; मैनेजमेंट का कहना है कि यह बल्लेबाज़ अभी सिर्फ़ 23 साल का है और हर मैच के बाद उसे परखा नहीं जा सकता। सुदर्शन ने लगातार मिल रहे समर्थन के लिए टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया भी अदा किया है। अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ 81 रन की पारी खेलने के बाद उन्होंने कहा कि जब कोच, टीम और कप्तान आपका समर्थन करते हैं, आपके साथ खड़े होते हैं और चाहते हैं कि आप देश के लिए अच्छा खेलें, तो इससे मानसिक रूप से बहुत भरोसा मिलता है... यह अपने आप में बहुत सम्मान की बात है।
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