ईरान महीनों से खामोशी में शोक मना रहा था। अब पूरा देश अपने सबसे बड़े नेता को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है। तेहरान की सड़कों से लेकर इराक के पवित्र शहरों तक और फिर ईरान के धार्मिक नगर मशहद तक लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है। क्योंकि ईरान विदा देने जा रहा है उस शख्सियत को जिसने तीन दशकों से अधिक समय तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की दिशा तय की। आयतुल्ला अली खामिनई ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर एक ऐसे नेता जिन्हें उनके समर्थक प्रतिरोध का प्रतीक मानते हैं और जिन्हें लाखों लोग इस्लामिक रेवोल्यूशन का चेहरा के रूप में याद करते हैं। ईरानियन अधिकारियों ने खामेनई के अंतिम संस्कार का छह दिनों का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है जो दो देशों के पांच शहरों में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम उनके धार्मिक और राजनैतिक महत्व को दर्शाने वाला माना जा रहा है।
अंतिम श्रद्धांजलि समारोह की शुरुआत 4 जुलाई को ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला तेहरान से होगी। यहां दो दिनों तक आम जनता, धार्मिक शास्त्री, सैन्य अधिकारी और राजनैतिक नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। देश भर से हजारों लोग तहरान पहुंचेंगे। जबकि प्रशासन लाखों की भीड़ के लिए तैयारियां कर रहा है। 5 जुलाई को भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम जारी रहेगा। इसके बाद आएगा अंतिम यात्रा का सबसे अहम चरण। 6 जुलाई को खामिनई के पार्थिव शरीर को तेहरान की सड़कों से होकर ले जाया जाएगा। इसे आधुनिक ईरानी इतिहास की सबसे बड़ी जनसभाओं में से एक माना जा रहा है। इस जुलूस में उन अन्य लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी जिनकी मृत्यु उनके साथ हुई थी। 7 जुलाई को समारोह ईरान के पवित्र शहर कोम में आयोजित होगा। कोम शिया इस्लामिक शिक्षा और धार्मिक अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां विशेष प्रार्थनाएं की जाएंगी जिसके बाद अंतिम यात्रा ईरान की सीमाओं से बाहर की जाएगी। 8 जुलाई को एक बेहद प्रतीकात्मक और दुर्लभ कदम के तहत अंतिम यात्रा इराक पहुंचेगी।
राजनयिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अंतिम संस्कार समारोह 5 से 9 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, नई दिल्ली की ओर से पीएम मोदी को मिले निमंत्रण की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। तीन दशकों तक ईरान पर शासन करने वाले खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हुई थी, जो तेहरान पर अमेरिका और इज़राइल के बड़े पैमाने पर हवाई हमलों का पहला दिन था। राजनयिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने भारतीय प्रधानमंत्री को अंतिम संस्कार समारोह के लिए आमंत्रित किया है। अंतिम संस्कार समारोह तेहरान और क़ोम में 5, 6 और 7 जुलाई को आयोजित किए जाएंगे। अंतिम समारोह 9 जुलाई को मशहद शहर में होगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि अंतिम संस्कार समारोह में लाखों लोग शामिल होंगे। यह उस नेता को औपचारिक विदाई होगी जिन्होंने लगभग चार दशकों तक ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को आकार दिया। मूल रूप से अंतिम संस्कार 4 मार्च से 6 मार्च 2026 के बीच तेहरान और मशहद में होने की उम्मीद थी, लेकिन युद्ध के कारण इसमें देरी हुई।
Continue reading on the app
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बाघा का किरदार निभाने वाले एक्टर तन्मय वेकारिया के पिता अरविंद वेकारिया का निधन हो गया है। इस बारे में जानकारी CINTAA ने दी है। हालांकि, उनके निधन की वजह सामने नहीं आई है। अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों के एक्टर थे। वह 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में भी गेस्ट अपीयरेंस दे चुके थे। बता दें कि अक्टूबर 2025 में तन्मय की मां का निधन हुआ था। कौन थे अरविंद वेकारिया?
अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों में एक्टिव थे। उन्हें गुजराती फिल्मों "यशोदा", "छानू चमकलो" और "रुपियो नाच नचावे" में उनके रोल के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। वह टीवी शो "शक्तिमान" में भी नजर आए थे। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में अरविंद वेकारिया ने एक ज्वैलर का गेस्ट रोल निभाया था। शो में आत्माराम भिड़े अपनी पत्नी माधवी के गहने गिरवी रखने के लिए जिस ज्वैलर के पास जाते हैं, वह किरदार अरविंद वेकारिया ने निभाया था। तन्मय वेकारिया फिलहाल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बाघा का किरदार निभा रहे हैं। इन दिनों शो में उनके किरदार की कहानी दिखाई जा रही है, जिसमें बाघा की लव लाइफ में परेशानियां दिखाई गई हैं। हाल ही में तन्मय वेकारिया का शो के सेट से एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह अपनी मां को याद करते इमोशनल नजर आए थे। इस दौरान शो के मेकर असित कुमार मोदी उन्हें संभालते दिखे थे।
Continue reading on the app