सुरों की मल्लिका और हिंदी सिनेमा की दिग्गज प्लेबैक गायिका अलका याग्निक को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक 'पद्म श्राद्ध' से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य पद्म सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान दिया। सुनने की क्षमता से जुड़ी एक अत्यंत दुर्लभ और गंभीर बीमारी का पता चलने के बाद यह अलका याग्निक की कुछ चुनिंदा सार्वजनिक उपस्थिति से एक थी। इस ऐतिहासिक पल के बाद अलका याग्निक ने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत और पिछले दो साल के संघर्ष को लेकर एक बेहद भावुक नोट शेयर किया है।
"ये सामान सिर्फ मेरा नहीं, हर सुनने वाले का है"
रविवार को अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए 'अगर तुम साथ हो' और 'चोली के पीछे' जैसी कालजयी फिल्म को आवाज देने वाली अलका याग्निक ने फैंस की फिटनेस का जवाब दिया। उन्होंने लिखा: "पिछली दो पीढ़ियों से मैं लाइमलाइट, सार्वजनिक उपस्थिति और निजी पत्रिका के बारे में अधिक कुछ साझा करने से दूर जा रहा हूं। आप में से कई लोग जानते थे कि मैं स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयों से बढ़ रहा हूं। इस दौरान आपका प्यार, दुआएं और बंधन हर कदम पर मेरे साथ हैं। आज जब मैं पद्म भूषण लेने के लिए निकला, तो मेरा दिल मजबूत हो गया था।" उन्होंने आगे कहा कि भले ही यह सम्मान उनके नाम पर लिखा हो, लेकिन यह धूम ही उनके विशाल स्तम्भ का भी है जो उनकी आवाज को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाते हैं।
क्या है वो दुर्लभ बीमारी, जिसने बदल दी अल्का की दुनिया?
साल 2024 में अलका याग्निक ने अपने दोस्त को एक ऐसी खबर दी थी जिसने पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को चौंका दिया था। इन्हें 'सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस' (सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस) नाम की एक दुर्लभ बीमारी का पता चला था, जो एक अचानक हुए सर्जिकल अटैक की वजह से हुई थी।
उस घटना को याद करते हुए अलका ने सबसे पहले बताया था:
"कुछ समय पहले जब मैं नीचे से उड़ रहा था, तो मुझे अचानक लगा कि मेरे द्वारा किया गया कुछ भी नहीं दिख रहा है। शिष्यों ने इसे दुर्लभ हीरिंग लॉस के बारे में बताया। इस अचानक आए झटके ने मुझे पूरी तरह से चौंका दिया था।"
इसी पोस्ट के जरिए उन्होंने अपने युवा प्रशंसकों और कलाकारों को बहुत तेज़ ध्वनि वाले संगीत और हेडफ़ोन (हेडफ़ोन) का अत्यधिक उपयोग करने की सलाह दी थी।
"दुआओं के साथ लौट रही हूँ वापस"
अपनी ताजा पोस्ट में अलका याग्निक ने उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। उन्होंने लिखा, "यह पल मेरे लिए खास है क्योंकि यह सिर्फ मेरे काम की पहचान नहीं है, बल्कि प्यार और उम्मीद से मिलने वाली ताकतों की याद है। मैं धीरे-धीरे वापसी कर रही हूं। मैं भारत सरकार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी सबसे अच्छा दोस्त हूं।"
अलका की इस पोस्ट पर बॉलीवुड के कई सितारों ने प्यार लुटाया है। प्रसिद्ध वैज्ञानिक इला अरुण ने टिप्पणी की, "तुम पर बहुत गर्व है, प्रिय मित्र इला अरुण।" वहीं लैंड पेडनेकर और वीरा माउंटेनिया श्रृंखला ने भी अपने समर्थन और सम्मान के माध्यम से संरचनाएं स्पष्ट कीं।
अलका याग्निक की आवाज ने तीन दशक से ज्यादा समय तक भारतीयों की शहादत पर राज किया है। राष्ट्रपति भवन के मंच पर उनके संगठनों और इस सम्मान को स्वीकार करते हुए गंभीर शारीरिक और मानसिक कथाओं से यह साबित होता है कि संगीत और उनके प्रशंसकों का प्यार उनकी सबसे बड़ी दवा है। लाखों चाहने वाले आज भी यही दुआ कर रहे हैं कि उनकी प्यारी प्रेमिका पूरी तरह से ठीक है जल्द ही हीफिल्म रिकॉर्डिंग स्टूडियो में माइक के सामने खड़े हो जाओ।
Continue reading on the app