Responsive Scrollable Menu

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "category_list" on null

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: foreach() argument must be of type array|object, null given

Filename: front/menu.php

Line Number: 81

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/menu.php
Line: 81
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 6
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

  Recommended

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "response" on null

Filename: controllers/Web.php

Line Number: 290

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 290
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "response" on null

Filename: controllers/Web.php

Line Number: 294

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 294
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

गर्मियों में क्यों बम बन जाते हैं AC और बिजली के तार? जानें शॉर्ट सर्किट के पीछे का डरावना सच

उत्तर भारत में हर साल गर्मियों के आते ही आग लगने का यह जानलेवा चक्र शुरू हो जाता है। हाल ही में 3 जून को दिल्ली के हौज रानी में एक बिल्डिंग में आग लगने से 23 लोगों की जान चली गई, और 22 जून को लखनऊ की एक बहुमंजिला इमारत में आग ने 15 युवाओं की जान ले ली। इन दोनों हादसों की वजह भी शॉर्ट सर्किट और बिल्डिंग में सुरक्षा नियमों की अनदेखी को माना जा रहा है।

आखिर क्या होता है शॉर्ट सर्किट?

बिजली के तारों में जब पॉजिटिव और नेगेटिव चार्ज आपस में जुड़ते हैं, तभी करंट बहता है। जब करंट किसी तार से गुजरता है, तो उसमें थोड़ी गर्मी पैदा होती है। तार एक लिमिटेड गर्मी को झेल सकते हैं। लेकिन शॉर्ट सर्किट तब होता है जब करंट को अचानक कोई छोटा और आसान रास्ता मिल जाता है, जिससे बिजली बहुत तेजी से बहने लगती है। इस बहाव से इतनी ज्यादा गर्मी और चिंगारी पैदा होती है कि आस-पास की चीजों में तुरंत आग लग जाती है। हालांकि मॉडर्न घरों में 'सर्किट ब्रेकर' होते हैं जो बिजली काट देते हैं, लेकिन कई बार आग बहुत चुपके से शुरू होती है जिसे ब्रेकर भी नहीं पकड़ पाता।
 

इसे भी पढ़ें: Lucknow Fire: कोई Emergency Exit नहीं, 2016 में ही था इमारत गिराने का आदेश, रिहायशी भवन Commercial कैसे बना?


ढीले कनेक्शन बन रहे अंदर ही अंदर सुलगता हुआ जाल

अक्सर आग एकदम से नहीं लगती, बल्कि यह धीरे-धीरे शुरू होती है। जब किसी भारी उपकरण (जैसे AC या गीजर) को पतले तार से जोड़ा जाता है या जहां दो तार मिलते हैं वह जोड़ ढीला होता है, तो वहां रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है। गर्मी की वजह से वह जोड़ धीरे-धीरे और ढीला हो जाता है, जिससे दोनों तारों के बीच बाल के बराबर गैप आ जाता है। बिजली इस गैप को पार करने के लिए कूदती है, जिससे लगातार चिंगारियां निकलती हैं। यह चक्र अंदर ही अंदर तब तक चलता रहता है जब तक कि वहां भयंकर आग न लग जाए।

33 डिग्री के लिए बने तार झेल रहे 45 डिग्री से ज्यादा का टॉर्चर

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ज्यादातर इलेक्ट्रिकल सामान और तार 33 डिग्री के नॉर्मल टेम्परेचर के हिसाब से डिजाइन किए जाते हैं। लेकिन गर्मियों में उत्तर भारत का तापमान 45 डिग्री से ऊपर चला जाता है। ऐसे में तारों की बिजली ले जाने की क्षमता कम हो जाती है और वे बहुत जल्दी गर्म होकर पिघलने लगते हैं। आसान शब्दों में कहें तो, गर्मियों में तारों पर बाहर के मौसम का भी दबाव होता है, और ठीक उसी समय घरों में AC और रेफ्रिजरेटर जैसे भारी उपकरण भी नॉन-स्टॉप चल रहे होते हैं।
 

इसे भी पढ़ें: 95% से नहीं थीं खुश, Re-evaluation के बाद Ranchi की Avni Kejriwal बनीं National Topper


AC क्यों बन रहे हैं टाइम बम?

दिल्ली-NCR के कई अपार्टमेंट्स में AC फटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। AC को स्टार्ट होने के लिए एक बड़े पावर बूस्ट की जरूरत होती है, जो 'कैपेसिटर' नाम के पुर्जे से मिलता है। तेज धूप और लगातार चलने से जब यह कैपेसिटर गर्म होकर कमजोर पड़ता है, तो मोटर पर दबाव आता है और वह जल जाती है। इसके अलावा, AC के लगातार वाइब्रेशन से उसके अंदरूनी तार ढीले हो जाते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। आजकल AC में R-32 या प्रोपेन जैसी गैसों का इस्तेमाल होता है, जो ज्वलनशील होती हैं। अगर AC की आउटडोर यूनिट से गैस लीक हो रही हो और वहां शॉर्ट सर्किट से एक छोटी सी चिंगारी भी निकले, तो वह तुरंत एक बड़े धमाके में बदल जाती है।

Continue reading on the app

Karnataka High Court का ऐतिहासिक फैसला, गंभीर Disability वाली युवती की Hysterectomy को दी मंजूरी

कर्नाटक हाई कोर्ट ने गंभीर विकासात्मक और बौद्धिक अक्षमता वाली 23 साल की महिला को 'टोटल एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी' (पेट के ज़रिए गर्भाशय निकालने का ऑपरेशन) कराने की मंज़ूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि यह प्रक्रिया महिला की भलाई, सेहत, सम्मान और उसके सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए है। जस्टिस सूरज गोविंदराज ने 17 जून को यह आदेश महिला के माता-पिता की याचिका पर दिया; वे ही महिला की मुख्य देखभाल करने वाले भी हैं। कोर्ट ने बेंगलुरु के वाणीविलास अस्पताल में सर्जरी की मंज़ूरी देने से पहले मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट, महिला का खुद से मासिक धर्म के दौरान साफ़-सफ़ाई न रख पाना, माता-पिता द्वारा बताई गई बार-बार होने वाली मेडिकल परेशानियां और सर्जरी न करने की कोई मेडिकल वजह न होने जैसी बातों पर विचार किया। टोटल एब्डॉमिनल हिस्टरेक्टॉमी एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें पेट पर चीरा लगाकर गर्भाशय और सर्विक्स को पूरी तरह से निकाल दिया जाता है। 

इसे भी पढ़ें: मैसूर में खौफनाक त्रासदी! शादी से ठीक एक दिन पहले होने वाली दुल्हन और माता-पिता ने किया सुसाइड! पड़ोसी युवक गिरफ्तार

अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि अपने 'पैरेंट्स पैट्रिया' (अभिभावक के तौर पर अधिकार) अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए, इस कोर्ट के लिए सबसे ज़रूरी बात संबंधित व्यक्ति का हित है। कोर्ट ने आगे कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट, मरीज़ की बौद्धिक और विकासात्मक अक्षमताओं की प्रकृति और गंभीरता, माहवारी के दौरान साफ़-सफ़ाई का खुद ध्यान न रख पाना, याचिकाकर्ताओं द्वारा बताई गई बार-बार होने वाली मेडिकल दिक्कतें, किसी मेडिकल रुकावट का न होना और मेडिकल बोर्ड की सर्वसम्मत सिफारिश को ध्यान में रखते हुए, यह कोर्ट इस बात से संतुष्ट है कि प्रस्तावित प्रक्रिया का मकसद (X) के कल्याण, स्वास्थ्य, सम्मान और सर्वोत्तम हितों को आगे बढ़ाना है।

इसे भी पढ़ें: Mekedatu Dam Project पर फिर टकराव, Tamil Nadu बोला- Kaveri के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं

कोर्ट ने आगे कहा कि इसलिए, इस कोर्ट की यह सोच-समझकर बनाई गई राय है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई अनुमति दी जानी चाहिए। इस आदेश से माता-पिता को अपनी बेटी का इलाज वनीविलास अस्पताल में करवाने की अनुमति मिल गई। साथ ही, मेडिकल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया गया कि वे मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों और सभी लागू मेडिकल, कानूनी और नैतिक नियमों के अनुसार ज़रूरी इंतज़ाम करें। जज ने कहा कि मेडिकल सुपरिटेंडेंट को यह पक्का करना होगा कि इलाज के हर चरण में मरीज़ की भलाई, सम्मान, सुरक्षा और हितों का ध्यान रखा जाए। आदेश में यह भी कहा गया कि मरीज़ को सर्जरी से पहले और बाद में काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहायता, देखभाल और रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) सेवाएँ दी जानी चाहिए, जिन्हें इलाज करने वाली टीम—जिसमें साइकियाट्रिस्ट और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं—ज़रूरी समझे। अदालत ने कहा कि सर्जरी की तारीख और समय मेडिकल सुपरिटेंडेंट तय करेंगे। वे ऐसा माता-पिता और इलाज करने वाले विशेषज्ञों से सलाह करके और मरीज़ की मेडिकल स्थिति व सुविधा को ध्यान में रखकर करेंगे।

Continue reading on the app

  Sports

Rishabh Pant की घर वापसी का बड़ा सौदा, 12 करोड़ की सैलरी कटौती पर Delhi Capitals लौटे

लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के कप्तान के तौर पर दो खराब सत्र के बाद ऋषभ पंत की वेतन में 12 करोड़ रुपये की भारी कटौती के साथ दिल्ली कैपिटल्स की टीम में वापसी हो रही है। दिल्ली कैपिटल्स के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव के साथ हुई एक ‘हाई-प्रोफाइल ट्रेड (बड़े खिलाड़ियों की अदला-बदली)’ में पंत 15 करोड़ रुपये में अपनी पुरानी फ्रेंजाइजी में वापस आ गए हैं।

एलएसजी ने आईपीएल 2025 से पहले हुई बड़ी नीलामी में उन्हें 27 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम में खरीदा था, जो लीग के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रकम थी। लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने उस समय पंत के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने की बात कही थी। लगातार दो कमजोर सत्र के बाद फ्रेंचाइजी प्रबंधन ने जस्टिन लैंगर और टॉम मूडी की मौजूदगी वाली ऑस्ट्रेलियाई कोचिंग टीम की सलाह पर पंत को रिलीज करने का फैसला किया।

उम्मीद के मुताबिक हुए इस ट्रेड में बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव 13.50 करोड़ रुपये की मौजूदा फीस पर दिल्ली कैपिटल्स से लखनऊ सुपर जायंट्स में चले गए। पंत के लिए यह ट्रेड घर वापसी जैसी है। उन्होंने 2016 से 2024 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के लिए 111 मैच खेले थे। नीलामी में जाने से पहले तक वह इसी टीम का हिस्सा थे। वह 2021 से 2024 तक टीम के कप्तान भी रहे और इस दौरान 43 मैचों में दिल्ली का नेतृत्व किया। लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ उनका प्रदर्शन कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों मोर्चों पर उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। आईपीएल 2025 में टीम छह जीत और आठ हार के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर रही। वहीं आईपीएल 2026 का प्रदर्शन और भी खराब रहा।

पंत की कप्तानी में लखनऊ की टीम 10 टीमों की लीग में सबसे निचले स्थान पर रही। टीम को 14 मैचों में सिर्फ चार जीत मिलीं और वह आठ अंकों के साथ तालिका में आखिरी स्थान पर रही। बल्लेबाजी में भी पंत संघर्ष करते नजर आए। 2025 सत्र में उन्होंने 14 मैचों में केवल 269 रन बनाए, जबकि 2026 में 312 रन जुटाए जिसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिल था। दूसरी ओर, कुलदीप यादव ने आईपीएल 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स से दिल्ली कैपिटल्स में आने के बाद 65 मैचों में 72 विकेट लिए थे। लेकिन आईपीएल 2026 उनके लिए भी साधारण रहा। कुलदीन ने इस सत्र में 14 मैचों में केवल 10 विकेट ही लिये और उनका इकॉनमी रेट 10.30 रन प्रति ओवर रहा।

Tue, 23 Jun 2026 14:57:23 +0530

  Videos
See all

Uttarakhand Gurudwara Dispute LIVE: गुरुद्वारे में निहंगों का कब्जा! | Sikh News | Rudraprayag #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-23T09:25:04+00:00

Barabanki Coaching Centres: बाराबंकी में छात्रों की सुरक्षा खतरे में? |Lucknow Coaching Fire |Latest #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-23T09:40:00+00:00

स्टार्मर का इस्तीफा, लैरी की नौकरी पक्की! [Larry, Meet Downing Street’s Longest-Serving Resident] #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-23T09:35:14+00:00

Delhi Weather: दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी | IMD Alert | Forecast | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-23T09:27:53+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "author_list" on null

Filename: front/post_detail.php

Line Number: 408

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 408
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: foreach() argument must be of type array|object, null given

Filename: front/post_detail.php

Line Number: 408

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 408
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once