मानसूम में सीलन बढ़ने से क्या आपके घर से भी आती है अजीब सी बदबू? तो फ्रेश रखने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
How To Remove Musty Smell: बारिश आते ही मौसम खुशनुमा और सुहावना हो जाता है लेकिन इसके साथ ही घर-मकानों की देखरेख की चिंता भी काफी बढ़ जाती है. लगातार बारिश होने की वजह से अक्सर घरों की छतों और दीवारों से पानी गिरने लगता है जिससे कमरों में सीलन आ जाती है. यह सीलन न सिर्फ दीवारों के महंगे पेंट और पुट्टी को खराब कर पपड़ी बनाकर गिराने लगती है बल्कि घर में एक अजीब से बदबू भी पैदा कर देती है. ऐसे में अगर आप इस मानसूनी सीजन में सीलन की बदबू से छुटकारा पाना चाहते हैं तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसे आसान और कारगर तरीके बताएंगे जिसकी मदद से आपका घर एकदम खुशबूदार और फ्रेश रहेगा.
घर की दीवारों को सीलन फ्री रखने का आसान तरीका
वेंटिलेशन करें सही
अगर आप बारिश के मौसम में अपने घर को सीलन की बदबू से बचाना चाहते हैं तो आपके घर में ताजी हवा और धूप आना बेहद जरूरी है. इसके लिए वेंटिलेशव सही रखें. घर की खिड़कियों को धूप निकलने पर मॉर्निंग टाइम में खोल दें और इसी तरह से शाम के समय भी खिड़कियां खोल के रखें. क्रॉस वेंटिलेशन की व्यवस्था भी कर सकते हैं जो सबसे बेस्ट है.
कपड़ों और बिस्तर को धूप दिखाएं
बारिश के दौरान कपड़ों और बिस्तर में भी सीलन की बदबू पकड़े लेती है. इस वजह से इसमें से अजीब सी बदबू आने लगती है जो आपके घर को भी बदबूदार बना सकती है. ऐसे में जरूरी है कि आप अनी अलमारी में रखे कपड़ों और डेली वियर कपड़ों के साथ ही बिस्तर को अच्छी तरह से धूप दिखाएं. ऐसा करने से आपके घर में खुशबू फैल जाएगी और आपका फ्रेश रहेगा.
बेकिंग सोडा और नींबू का करें इस्तेमाल
अगर आप घर में पोंछा लगाने के लिए पानी में बेकिंग सोडा और नींबू का रस डाल दें. इससे बैक्टीरिया भी मर जाएंगे और आपके घर में एक बढ़िया फ्रेश खुशबू आएगी. आप चाहे तो नींबू का पस 1 लीटर पानी में मिलाकर भी स्प्रे कर सकते हैं. इससे आपका घर प्रेश रहेगा.
लीकेज की समस्य करें दूर
बारिश के मौसम में घर के अंदर से अक्सर सीलन की बदबू आती रहती है. अगर आप इसे छुटकारा पाना चाहते हैं इसके लिए सबसे पहले आपको लीकेज की समस्या को खत्म करना होगा, जिन जगहों पर सीलन आती है वहां पर सीलन प्रूफ पेंट करवाएं या फिर दरारों को अच्छी तरह से सीमेंट से बंद करवा दें.
चारकोल का करें इस्तेमाल
आप एक्टिवेटेड चारकोल के छोटे पाउच बनाकर सूती या मलमल के कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर घर में अलग-अलग जगहों पर रख दें. इससे भी सीलन की बदबू खत्म होती है, क्योंकि एक्टिवेटेड चारकोल में सीलन, नमी और बदबू को सोखने की अच्छी क्षमता होती है. इन पाउच को हर कुछ दिनों पर बस धूप दिखाते रहना चाहिए ताकि ये फिर से चार्ज हो जाएं.
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच कीमती धातुओं ने पकड़ी रफ्तार, सोने-चांदी में 1 प्रतिशत तक की बढ़त
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की नाजुक स्थिति के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बीच मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) पर हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को कीमती धातुओं में 1 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली.
सोने में शुरुआती गिरावट के बाद लौटी तेजी
सोमवार के सत्र में अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,47,203 रुपए से 2,093 रुपए की गिरावट के साथ 1,45,110 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला और शुरुआती कारोबार में यह 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,48180 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. वहीं खबर लिखे जाने तक (सुबह 10.54 बजे के करीब) पीली धातु 849 रुपए या 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,48,052 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रही थी.
चांदी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल
वहीं, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2,715 रुपए यानी 1.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,35,900 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई. चांदी आज के सत्र में अपने पिछले बंद 2,33,185 रुपए से 3,903 रुपए या 1.6 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,37,088 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली और शुरुआती कारोबार में 1.6 प्रतिशत उछलकर 2,37,106 रुपए के दिन के हाई स्तर तक पहुंच गई.
सोने के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि एमसीएक्स गोल्ड ने 1,46,000 रुपए के आसपास गैप-डाउन शुरुआत की, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी आने से इसमें तेजी लौट आई और भाव 1,48,000 से 1,48,400 रुपए के रेजिस्टेंस जोन तक पहुंच गए. यदि कीमतें इस दायरे के ऊपर बनी रहती हैं तो रिकवरी बढ़कर 1,49,500-1,50,000 रुपए और उसके बाद 1,51,000 रुपए तक जा सकती है. वहीं, नीचे की ओर 1,46,000 से 1,45,600 रुपए का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट है. इस स्तर के नीचे गिरावट आने पर भाव 1,45,000 रुपए तक जा सकते हैं. एक्सपर्ट के अनुसार, फिलहाल बाजार का रुख सतर्क बना हुआ है, हालांकि हालिया रिकवरी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. तेजी को मजबूती देने के लिए कीमतों का 1,48,000 रुपए के ऊपर टिकना और 1,50,000 रुपए के मनोवैज्ञानिक स्तर को फिर से हासिल करना जरूरी होगा.
चांदी में तेजी जारी रहने की संभावना
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि एमसीएक्स सिल्वर ने 2,37,000 रुपए के आसपास गैप-अप शुरुआत की, जो बाजार में मजबूती का संकेत है. यदि कीमतें 2,37,000 से 2,38,000 रुपए के रेजिस्टेंस जोन को पार कर लेती हैं तो तेजी बढ़कर 2,40,000 से 2,42,000 रुपए तक जा सकती है. वहीं, 2,35,000 से 2,34,000 रुपए के नीचे गिरावट आने पर भाव 2,32,000 रुपए और फिर 2,30,000 रुपए तक फिसल सकते हैं. फिलहाल बाजार स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मजबूत तेजी के लिए 2,40,000 रुपए के ऊपर टिकना जरूरी होगा. सपोर्ट टूटने पर दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है.
कच्चे तेल में आई नरमी
ऊर्जा क्षेत्र की बात करें तो, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 3 प्रतिशत गिरकर लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
स्रोत-आईएएनएस
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