साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद क्या अब टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंच सकती है? यहां समझिए समीकरण
Indian Womens Team Playoff Scenario: महिला टी-20 विश्व कप 2026 का 18वां लीग मैच भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया. मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका के हाथों टीम इंडिया को 6 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद अब सवाल उठता है कि क्या टीम इंडिया के पास अभी भी सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका है? अगर हां, तो अब भारतीय टीम कैसे सेमीफाइनल में जगह बना सकती है. आइए इस आर्टिकल में आपको टीम इंडिया के सेमीफाइनल सिनैरियो के बारे में बताते हैं...
साउथ अफ्रीका के हाथों 6 विकेट से हारा भारत
साउथ अफ्रीका के साथ खेले गए मैच में हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. जहां, पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बोर्ड पर लगाए थे. टीम इंडिया की एक भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं लगा पाई.
159 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका ने आखिरी ओवर में 5 गेंद शेष रहते हुए ही लक्ष्य को हासिल कर लिया और 6 विकेट से जीत दर्ज कर ली. अफ्रीकी टीम के लिए स्टार बल्लेबाज मैरिजैन कैप ने कमाल की 81 रनों की पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
सेमीफाइनल में कैसे पहुंच सकती है टीम इंडिया?
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को भले ही साउथ अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन अभी भी उनके पास सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका बना हुआ है. दरअसल, टूर्नामेंट के शुरुआती 2 मैचों में भारत ने पाकिस्तान और नीदरलैंड को हराकर जीत दर्ज की थी. उनका नेट रन रेट +2.511 है.
भारत को अब 2 लीग मैच और खेलने हैं. ऐसे में अब बचे हुए दोनों ही मैचों में टीम इंडिया को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. लेकिन, सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा, क्योंकि सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए नेट रन रेट पर आखिर में बात अटक सकती है. इसलिए टीम इंडिया को सुनिश्चित करना होगा कि उनका नेट रन रेट भी बेहतर बना रहे. वहीं, अगर बचे हुए 2 मैचों में से टीम इंडिया को एक मैच में भी हार का सामना करना पड़ता है, तो फिर उसे अन्य टीमों के रिजल्ट और नेट रन रेट के समीकरणों पर निर्भर रहना पड़ सकता है.
ऐसा है टीम इंडिया के ग्रुप-ए का हाल
महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम ग्रुप-ए का हिस्सा है. इस ग्रुप में भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, नीदरलैंड और बांग्लादेश की टीमें शामिल हैं. अब भारत ने पाकिस्तान और नीदरलैंड को हरा दिया है. वहीं, उसे साउथ अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा है. वहीं, अब टीम इंडिया के बचे हुए 2 मैच बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जाने वाले हैं.
स्विट्जरलैंड बैठक समाप्त: होर्मुज में नाके बंदी खत्म, संपति फ्रीज होना शुरू लेकिन यहां फंसी बात, जानें ईरान को क्या-क्या मिला?
America-Iran Switzerland Meeting: अमेरिका-ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में बैठक पूरी हो गई है। ईरान ने इसकी जानकारी दी। साथ ही ईरान ने बैठक में हल हुए मुद्दे भी बताए। लेकिन लेबनान पर ईरान का सख्त रुख देखने को मिला। ईरान ने उसे ही असली परीक्षा बताया।
शांति समझौते पर साइन होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में बैठक हुई। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची स्विट्जरलैंड पहुंचे। दोनों देशों के बीच 80 मिनट तक बातचीत चली। अब ईरान बैठक खत्म होने का ऐलान कर दिया है। कई मुद्दों पर ईरान को राहत मिली लेकिन एक मुद्दे पर ईरान अभी भी टिका है। ईरान ने इसे ही असली परीक्षा बताया।
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ईरानी मीडिया को बताया कि स्विट्जरलैंड में तेहरान की बातचीत करने वाली टीम का काम अब "पूरा" हो गया है और टेक्निकल टीमें अपना काम जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि यह तय हुआ कि टेक्निकल टीमें इस MoU (समझौता ज्ञापन) को असरदार ढंग से लागू करने के लिए जरूरी मुद्दों पर अपना काम जारी रखेंगी। "इस चरण में, बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल का काम पूरा हो गया है, लेकिन टेक्निकल टीमें कल भी अपना काम जारी रखेंगी।
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ईरान को क्या क्या मिला?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के ज्वाइंट स्टेटमेंट के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि तेल और [पेट्रोकेमिकल] निर्यात पर लगी रोक हटा ली गई है, नाकेबंदी खत्म कर दी गई है, कुछ फ्रीज की गई संपत्ति जारी कर दी गई है और ईरान के लिए बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू की गई है।
Tireless Pakistani and Qatari mediation has delivered major progress to end Lebanon War. Oil and petrochem exports are waived, blockade lifted, some frozen assets released, and major reconstruction & development plan launched for Iran.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) June 22, 2026
1st real test: Lebanon deconfliction cell https://t.co/q0okD2qwSO
ईरान ने लेबनान को बताया अंतिम परीक्षा
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि 'लेबनान युद्ध' खत्म करने की दिशा में 'बड़ी प्रगति' हुई है। लिखा कि पाकिस्तान और कतर की लगातार मध्यस्थता से लेबनान युद्ध को खत्म करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। उन्होंने अपनी बात यह कहते हुए खत्म की कि पहली "असली परीक्षा" "लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल" होगी। दरअसल, बैठक में अमेरिका और ईरान लेबनान में शांति के लिए लेबनान डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल बनाने पर सहमत हुए हैं।
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