रक्षा मंत्री काट्ज का दावा, इजरायली सेना पर किसी तरह की पाबंदी नहीं, दक्षिण लेबनान में कार्रवाई की पूरी छूट
बर्गेनस्टॉक टॉक्स में ईरान लेबनान और हिज्बुल्लाह के मामले को प्रमुखता से उठा रहा है. इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई करने से उनकी सेना को रोका नहीं गया है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, काट्ज ने बयान जारी कर कहा, "दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) को अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को खत्म करने की छूट है और उन पर कोई पाबंदी नहीं है." उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ताओं की तैयारी चल रही है, जिसमें लेबनान-इजरायल संघर्ष भी प्रमुख मुद्दों में शामिल बताया जा रहा है.
हिज्बुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन जारी
काट्ज के अनुसार, इजरायली सैनिक अभी भी एक सुरक्षा जोन में तैनात हैं, जहां वे हिज्बुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं. उन्होंने कहा, "हाल ही में घोषित संघर्षविराम के बावजूद आईडीएफ उत्तरी इजरायल की बस्तियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए सुरक्षा क्षेत्र के सभी स्थानों पर अपनी स्थिति बनाए हुए है." रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सेना इस सुरक्षा जोन से पीछे नहीं हटेगी.
संघर्ष भी एक महत्वपूर्ण विषय रहेगा
यह बयान क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक प्रयासों के बीच आया है, जहां ईरान और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड में बातचीत की उम्मीद जताई जा रही है. ईरान ने संकेत दिया है कि इस वार्ता के एजेंडे में हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष भी एक महत्वपूर्ण विषय रहेगा.
वहीं स्विट्जरलैंड रवाना होने से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा था कि उनकी प्राथमिकताओं में लेबनान में सीजफायर की दिशा में प्रगति भी शामिल है. काट्ज से पहले इजरायली वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने भी कुछ ऐसा ही कहा था. टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, स्मोट्रिच ने कहा कि जब तक हिजबुल्लाह हथियार नहीं डालता, हम एक मिलीमीटर भी पीछे नहीं हटेंगे. यही प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और मेरा भी रुख है और हम इस पर कायम रहेंगे. अमेरिका अगर वापसी की मांग भी करता है, तब भी इजरायल पीछे नहीं हटेगा.
स्रोत: आईएएनएस
'एक दिन BJP का अध्यक्ष कांग्रेसी होगा', सांसदों की बगावत से गुस्से में आए उद्धव ठाकरे ने की भविष्यवाणी
Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र में सांसदों की बगावत का दौर चल रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों की बगावत के बीच रविवार को 1 और सांसद नागेश पाटिल ने बगावट करके शिंदे गुट को ज्वाइन कर लिया है। बगावत की खबरों की बाद पहली बार शिवसेना (यूबीटी) सुप्रीमो का पहली बार बयान सामने आया है।
बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई उत्तर-पूर्व लोकसभा क्षेत्र के भांडुप क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान ठाकरे ने कहा कि धोखा मिलने और सांसदों के बिकने के बावजूद, शिवसैनिक मजबूती से डटे हुए हैं। गुस्सा होते हुए ठाकरे ने कहा कि क्या किसी को पता है कि BJP का अध्यक्ष कौन है? नहीं। एक दिन कांग्रेस का कोई व्यक्ति अध्यक्ष बनेगा। उन्होंने 'कांग्रेस मुक्त भारत' की बात कही थी, लेकिन अब यह 'BJP युक्त कांग्रेस' हो गई है।
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Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) president Uddhav Thackeray says, "Despite facing betrayal and MPs being sold, still the Shivsainiks are standing firm. I want to apologise for asking you to vote for the traitor... I had campaigned in all Lok Sabha Constituencies. I have given… pic.twitter.com/pZZMhY0XNN
— ANI (@ANI) June 21, 2026
जनता से मांगी माफी
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं उस गद्दार को वोट देने के लिए कहने पर आपसे माफी मांगना चाहता हूं। मैंने सभी लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार किया था। मैंने उसे (संजय दीना पाटिल) टिकट दिया था। चुनाव जीतने के बाद उसने अपनी कीमत बढ़ाई और बाद में खुद को बेच दिया। यह चलन खतरनाक है।
संजय के बयान का किया समर्थन
दरअसल, हाल ही में सांसदों की बगावत पर संजय राउत ने उन्हें गद्दार कहा था। कई बार और भी आरोप लग चुके हैं कि संजय राउत ने गाली-गलौज करते हैं। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के बयान पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि संजय, लोग आरोप लगाते हैं कि तुम गाली-गलौज करते हो, लेकिन उन्हें उन्हीं की भाषा में सबक सिखाया जाना चाहिए।
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पार्टी पर बोले उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि कल कोल्हापुर में बाहर से एक व्यक्ति आया और उसने कहा कि शिवसेना एक ही है। यह हमारी है, यह बालासाहेब की शिवसेना है। उनकी पार्टी में कोई भी अध्यक्ष बन सकता है; आज भी वहां एक अध्यक्ष है, लेकिन किसी को उसका नाम तक नहीं पता। लेकिन हमारे लिए, पार्टी प्रमुख बालासाहेब ही हैं।
ठाकरे के पास थे 10 सांसद
शिवसेना (यूबीटी) के संसद में कुल 10 सांसद थे। इनमें लोकसभा के 9 सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे, संजय पाटिल, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टिकर और संजय जाधव शामिल हैं। वहीं, राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व अकेले संजय राउत करते हैं।
कौन से सांसदों ने की बगावत
हाल ही में दिल्ली में संसदीय दल की बैठक हुई थी। इसमें संजय पाटिल, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टिकर और संजय जाधव शामिल नहीं हुए। पार्टी ने इन सभी सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। रविवार को आधिकारिक रूप से संजय पाटिल शिंदे गुट को ज्वाइन कर लिया है। वहीं बाकी लोग कभी भी दलबदल सकते हैं।
संजय राउत ने बताया था गद्दार
संसदीय दल की बैठक से पहले नेता संजय राउत मीडिया से रूबरू हुए थे। संजय ने मीटिंग से पहले ही कह दिया था कि जो सांसद बैठक में शामिल नहीं होगा, वह गद्दार होगा। बैठक के बाद सभी अनुस्थित रहने वाले 6 सांसदों को नोटिस भी दिया गया था। पार्टी ने उन्हें लिखित जवाब देने के लिए कहा था। जवाब न मिलने पर पार्टी ने कार्रवाई की बात कही थी।
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