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Viral Video: महिला ने नन्हे कुत्तों पर निकाली भड़ास, गेट पर दे पटका; कमजोर दिल वाले न देखें ये वायरल वीडियो

बच्चों की मासूमियत हमें खुशी से भर देती है, चाहे फिर बच्चा किसी इंसान का हो या फिर जानवर का। सोशल मीडिया पर आए दिन बच्चों से जुड़े वीडियो वायरल होते रहते हैं। इनमें से कई वीडियो तो ऐसे होते हैं, आपको खुलकर हंसने के लिए मजबूर कर देते हैं। लेकिन, आज ऐसा वीडियो लेकर आए हैं, जिसे देखने के बाद होठों पर हंसी आने की बजाए आंखों में नमी आएगी। हम एक ऐसी निर्दयी महिला का वीडियो साझा कर रहे हैं, जिसने अपनी भड़ास नन्हे कुत्तों पर निकाली है। लेकिन, वीडियो को दिखाने से पहले बता दें कि कमजोर दिल वाले इसे न देखें वरना आप भी अपना आपा खो देंगे। 

नन्हे कुत्तों को गेट पर पटका 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला दो नन्हे कुत्तों को गेट पर पटकती नजर आ रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला पहले अपने घर से बाहर निकलती है। उसके घर के बाहर एक ऑटो खड़ा होता है। महिला उस ऑटो के नीचे से कुत्ते के बच्चे को निकालती है और पूरी ताकत से सामने वाले घर के गेट पर पटक देती है। नन्हा कुत्ता नीचे गिरते ही कराहने लगता है। इस पर भी महिला का गुस्सा शांत नहीं होता और उसके बाद एक दूसरे नन्हे कुत्ते को उठाकर फिर से गेट पर पटक देती है। 

मां भी नहीं बचा पाई अपने बच्चे को 

इस वीडियो को देखेंगे तो इस महिला ने जब पहले नन्हे कुत्ते को गेट पर पटका तो उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां पीछे से आती दिखाई देती है। लेकिन, जैसे ही वह देखती है कि महिला उसके दूसरे बच्चे को गेट पर पटक रही है, तो वह डरकर वहां से चली जाती है। विडंबना यह है कि ऑटो सवार भी उस महिला को कुछ नहीं कहता है। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। इसका वीडियो वायरल हो चुका है। ज्यादातर यूजर्स आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

नन्हे कुत्तों पर हमला करने का मामला कहां का

दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो तमिलनाडु के त्रिची (तिरुचिरापल्ली) के कंबरसंपेट्टई से है। महिला का नाम मीनाक्षी मिश्रा बताया गया है। यह घटना 4 मार्च की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया कि पड़ोसी से हमले के चलते इस महिला ने इन नन्हे कुत्तों पर भड़ास निकाली है। यह भी बताया जा रहा है कि आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और गिरफ्तार भी किया गया है। बहरहाल, अधिकारिक तौर से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 

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Commonwealth Games 2026: बिहार के झंडू कुमार ने CWG 2026 में जीता भारत का पहला मेडल, रोंगटे खड़े कर देगी संघर्ष की कहानी

Jhandu Kumar Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो में चल रहे 2026 राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में भारत के अभियान की शुरुआत बेहद शानदार और ऐतिहासिक रही है। बिहार के लाल झंडू कुमार ने देश के लिए इन खेलों का पहला मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को ब्रॉन्ज मेडल (कॉस्य पदक) दिलाया है। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश का नाम भी रोशन हुआ है।

संघर्षों से भरा रहा है झंडू कुमार का सफर
इस मेडल के पीछे की कहानी जितनी गौरवशाली है, उतनी ही वह संघर्ष, त्याग और अटूट दृढ़ संकल्प से भरी हुई है। यह सफलता एक ऐसे शख्स की है जिसने कभी सब्जी बेचने और ई-रिक्शा चलाने का काम किया था, और आज अपनी कड़ी मेहनत के दम पर एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट बन गया है।

झंडू कुमार मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के हरनौत बाजार के रहने वाले हैं और उनका संबंध एक बहुत ही साधारण परिवार से है, जो पहले एक छोटी सी सब्जी की दुकान चलाता था।

कोरोना काल में उठानी पड़ी थी भारी आर्थिक तंगी
जिंदगी हर मोड़ पर आसान नहीं होती, और झंडू कुमार की राह में भी कई मुश्किलें आईं। कोविड-19 महामारी के दौरान जब उनका पारिवारिक व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ, तब आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ई-रिक्शा चलाना पड़ा।

दिनभर लंबे समय तक कड़ी मेहनत करने और आर्थिक संकट से जूझने के बाद भी उन्होंने खेल के प्रति अपने जुनून को कभी मरने नहीं दिया। उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करने का अपना सपना हमेशा जिंदा रखा।

कड़ी मेहनत और पक्के इरादे से तय किया सफर
काम और कड़े प्रशिक्षण (प्रैक्टिस) के बीच संतुलन बनाते हुए झंडू ने हर दिन सुबह और शाम को प्रतियोगिताओं के लिए पसीना बहाया। उनकी यह अटूट निष्ठा आखिरकार रंग लाई और उन्हें भारत के राष्ट्रमंडल खेल दल (Commonwealth Games Squad) में जगह मिल गई।

उन्होंने ग्लासगो 2026 में भारत को पहला मेडल दिलाकर साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो इंसान सबसे बड़ी बाधाओं को भी पार कर सकता है।

देश भर के युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्त्रोत
सब्जी बेचने और ई-रिक्शा चलाने से लेकर राष्ट्रमंडल खेलों के पोडियम पर खड़े होने तक का झंडू कुमार का यह सफर हर उस इंसान के लिए एक मिसाल है जो बड़े सपने देखता है। उनकी यह प्रेरणादायक कहानी साबित करती है कि यदि कड़ी मेहनत और पक्के विश्वास का साथ हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। आज झंडू कुमार देश भर के उभरते हुए एथलीटों और युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन चुके हैं।

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क्रिकेट इतिहास के 5 सबसे तेज गेंदबाज, 23 साल से कायम है इस रफ्तार के सौदागर का विश्व कीर्तिमान, कोई नहीं दे पाया मात

5 fastest bowlers all time: क्रिकेट के इतिहास में रफ्तार के कुछ ऐसे सौदागर हुए हैं जिन्होंने अपनी खौफनाक तेजी से मैदान पर तहलका मचा दिया. शोएब अख्तर ने 2003 में सबसे तेज गेंद फेंककर दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज बनने का अटूट रिकॉर्ड बनाया. ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ब्रेट ली और शॉन टैट ने भी स्पीड से कहर बरपाया, तो जेफ थॉमसन और मिचेल स्टार्क ने भी अपनी कातिलाना गेंदबाजी से बल्लेबाजों को बेबस कर दिया. दुनिया के ऑलटाइम पांच सबसे तेज गेंदबाज के बारे में जानते हैं. Wed, 19 Aug 2026 17:40:47 +0530

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