जौ व चने का सत्तू बनाकर मुरादाबाद के किसान अंकुर त्यागी कर रहे हैं कमाई, गर्मी में सेहत के ख्याल का दे रहे संदेश
किसान अंकुर त्यागी ने बताया कि जौ व चने के सत्तू को हम प्राचीन समय से ही प्रयोग करते आए है. यह एक पेय पदार्थ है. इसमें क्या करते हैं कि हम जौ लेते हैं. जिसे हम एक रात पानी मे भिगोकर रखते हैं. फिर अगले दिन उसे सुखाकर कढ़ाई में भून लेते हैं. फिर चने लेते हैं फिर इन दोनों चीजों को अच्छे से पीस लेते हैं. पीसने के बाद में इसमें हमारा एक आटा टाइप का तैयार हो जाता है. जिसे हम जौ चने का सत्तू कहते है. इस सत्तू में 70% जौ 38% चना लिया जाता है.
टाइट डेडलाइन और ज्यादा काम के भारी दबाव से... CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के स्टाफ को दी खास सलाह
ज्यूडिशियरी में काम के बेहद मुश्किल और संवेदनशील नेचर पर जोर देते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि देश में न्याय के प्रशासन को सुचारु रूप से सपोर्ट करने से जुड़े मानसिक दबाव अक्सर कर्मचारियों की मेंटल क्लैरिटी और फिजिकल एनर्जी (शारीरिक ताकत) दोनों पर बहुत गहरा विपरीत असर डालते हैं.




















