Zurich Peace Talks 2026: परमाणु कार्यक्रम रोकेगा ईरान, बदले में कतर में फ्रीज 6 अरब डॉलर लौटाएगा अमेरिका
पश्चिम एशिया में पिछले लंबे समय से जारी भारी सैन्य और राजनीतिक तनाव को कम करने के लिए एक बहुत बड़ा वैश्विक कूटनीतिक उलटफेर सामने आया है। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति स्थापित करने और क्षेत्र में स्थिरता बहाली के लिए स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में एक बेहद उच्चस्तरीय गोपनीय वार्ता चल रही है।
इस ऐतिहासिक बैठक के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कई महत्वपूर्ण और बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच हुए इस प्रारंभिक समझौते के तहत ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नियंत्रित करने पर सहमत हो गया है, जिसके बदले में अमेरिका कतर के बैंकों में फ्रीज की गई ईरान की 6 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि को तत्काल प्रभाव से रिलीज कर उसे वापस सौंपेगा।
अमेरिका की एक ही शर्त, मसूद पेजेश्कियान ने नेतन्याहू पर साधा निशाना
ज्यूरिख में चल रही इस महा-वार्ता के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड में हो रही इस शांति वार्ता से अगर दुनिया में सबसे ज्यादा कोई दुखी या असंतुष्ट होगा, तो वह खुद नेतन्याहू हैं। पेजेश्कियान के अनुसार, अमेरिका की केवल एक ही मुख्य शर्त थी कि ईरान के पास परमाणु बम नहीं होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की यह नीति हमेशा से रही है कि वे परमाणु बम नहीं चाहते हैं, जिसे उनके शहीद नेता भी बार-बार दोहराते थे। इसी के तहत अमेरिका के कहने पर इस समझौते के विलेखों को लिखित रूप देकर दोनों देशों ने इस पर अपने आधिकारिक हस्ताक्षर कर दिए हैं और इसके सकारात्मक परिणाम बहुत जल्द पूरी दुनिया के सामने आने वाले हैं।
जेडी वेंस-शहबाज शरीफ की मौजूदगी, इजरायल-हिजबुल्लाह विवाद से वार्ता में देरी
इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल वैश्विक वार्ता को सफल बनाने के लिए दुनिया के कई शीर्ष नेता स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार सुबह ज्यूरिख पहुंचे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और मुख्य सलाहकार जेरेड कुशनर पहले से ही रणनीति तैयार कर रहे थे।
इस वार्ता में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी अपनी सेना के आला अधिकारियों के साथ मध्यस्थ और गारंटर की अहम भूमिका में शामिल होने के लिए ज्यूरिख पहुंचे हैं। हालांकि, पिछले सप्ताह ट्रंप और पेजेश्कियान के बीच साइन हुए एमओयू के बाद इस तकनीकी चरण की बातचीत 19 जून से ही शुरू होनी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच अचानक भड़की नई झड़पों के कारण इस पूरी प्रक्रिया में थोड़ी देरी दर्ज की गई है।
होर्मुज जलमार्ग पर तनाव बरकरार, शांति समझौते को स्थायी बनाने की कोशिश
इस बड़ी कूटनीतिक वार्ता के समांतर जमीनी मोर्चे पर सैन्य तनाव की स्थिति भी देखने को मिल रही है। स्विट्जरलैंड में हो रही इस उच्चस्तरीय शांति वार्ता का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह सील करना और अमेरिका के साथ हुए अंतरिम शांति समझौते को एक स्थायी विधिक ढांचे में तब्दील करना है।
समझौते के शुरुआती विलेखों के आधार पर कूटनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा था कि दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति के मुख्य मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को सामान्य कर दिया जाएगा। लेकिन इसी बीच ईरान ने शनिवार को आधिकारिक दावा किया कि लेबनान में जारी इजरायली सैन्य हमलों के विरोध में उसने होर्मुज जलमार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है। अब देखना यह होगा कि ज्यूरिख की मेज पर बैठे वैश्विक नेता इस क्षेत्रीय गतिरोध को सुलझाकर पश्चिम एशिया में शांति का नया दौर कैसे शुरू करते हैं।
पंजाब में सत्ता वापसी का खाका! राहुल गांधी ने दिया जीत का मंत्र, 5 दिग्गज नेताओं से वन-टू-वन मिले
राहुल गांधी ने पंजाब विधानसभा चुनाव की जमीनी रणनीति को समझने के लिए इन पांचों कद्दावर नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की. बैठक के मुख्य सूत्र के मुताबिक राहुल गांधी का स्पष्ट और कड़ा संदेश था कि 'आप सभी को हर हाल में मिलकर लड़ना होगा, पंजाब हमारे लिए एक बेहद महत्वपूर्ण राज्य है'.
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