Payal Design: दिवाली पर पैरों की खूबसूरती निखारे मनभावन पायल, लोग देखकर करेंगे तारीफ
Payal Design: पारंपरिक आयोजनों और त्योहारों के अवसर पर पहनी जाने वाली ज्वेलरी की जब बात होती है, तो उसमें पायल जरूर शामिल होती है। पायल ना केवल पैरों की शोभा बढ़ाती है बल्कि इसकी छनकती आवाज घर में सकारात्मकता लाती है। फैशन ट्रेंड के अनुसार पायल के डिजाइंस में भी कई बदलाव इन दिनों देखने को मिल रहे हैं। हैवी से लेकर लाइट वेटेड, हर तरह वैरायटी में पायल मार्केट में मौजूद हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार इन्हें सेलेक्ट कर सकती हैं।
स्टोन एंकलेट
अगर आप दिवाली पार्टी में जाने वाली हैं और इसके लिए आपने इस तरह का सूट पहना है, जिसमें पाजामी थोड़ी ऊंची है तो इसके साथ आप स्टोन एंकलेट पहन सकती हैं। इस तरह के एंकलेट्स में बहुत सारे डिजाइंस और कलर आपको मिल जाएंगे। आप अपनी ड्रेस कलर के अकॉर्डिंग भी इसका चयन कर सकती हैं।
एंटीक लुक
इन दिनों एंटीक ज्वेलरी का भी काफी ट्रेंड है। पायल में भी एंटीक लुक काफी पसंद किया जा रहा है। यह दिखने में बेहद खूबसूरत नजर आती है। सिर्फ पारंपरिक ड्रेसअप ही नहीं, यह इंडो-वेस्टर्न ड्रेसेस पर भी फबती है। इनमें अगर आप हैवी लुक की पायल ऑप्ट करती हैं तो इनसे आपका लुक स्टाइलिश और फैशनेबल नजर आएगा। अगर आप आने वाली दीपावली के मौके पर इस पायल को पहनने का सोच रही हैं तो मल्टीलेयर डिजाइन को चुनें। एंटीक लुक में पायल सेलेक्ट करने का एक फायदा यह होता है कि कई बार पहनने के बाद भी यह काली नजर नहीं आती है।
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कुंदन लुक
फेस्टिवल के मौके पर बहुत-सी महिलाओं को रॉयल लुक अच्छा लगता है। अगर आप भी आने वाले फेस्टिवल पर इस तरह का लुक कैरी करने की सोच रही हैं तो कुंदन लुक एंकलेट पहन सकती हैं। अगर आपकी ड्रेस और दूसरी ज्वलेरी में भी कुंदन वर्क है तो आप कुंदन लुक वाले पायल को भी मैचिंग करके पहन सकती हैं। पायल में कुंदन का उपयोग इस तरह किया जाता है कि यह काफी हैवी और रॉयल नजर आती है। इससे आपके पैरों का लुक बहुत सुंदर नजर आता है। यह पायल हैवी लहंगे और साड़ी पर जंचती है।
टो रिंग विद एंकलेट
अगर आपको पायल में कुछ डिफरेंट लुक चाहती हैं तो आप टो रिंग वाली पायल पहन सकती हैं। जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि जब आप इस पायल को पहनती हैं तो आपको उसमें दी गई टो रिंग को भी पहनना होता है। इसको पहनने पर आपके पैर बेहद खूबसूरत नजर आते है। इस पायल की सबसे बड़ी खासियत है कि यह हर ड्रेस पर खूबसूरत नजर आती है। इनमें आप स्टोन वाली या घुंघरू वाली किसी भी तरह की पायल को खरीद सकती हैं। अगर आप न्यूली मैरिड हैं तो आप दिवाली जैसे रोशनी के त्योहार पर इस पायल को जरूर ट्राई करें। इसमें आप बहुत प्यारी नजर आएंगी।
एसेसरीज: निधि गोयल
Special Train: तिरुपति, अरुणाचलम और श्रीरंगम के लिए नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन शुरू, जानें पूरा शेड्यूल
Tirupati Arunachalam Srirangam special train: दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा अब पहले से ज्यादा आसान हो गई है। साउथ सेंट्रल रेलवे ने चर्लपल्ली और तिरुचिरापल्ली के बीच नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन शुरू की है। इस ट्रेन के जरिए यात्री एक ही सफर में तिरुपति, अरुणाचलम (तिरुवन्नामलाई) और श्रीरंगम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे।
7 जुलाई से शुरू हुई नई स्पेशल ट्रेन
साउथ सेंट्रल रेलवे के अनुसार, चर्लपल्ली से तिरुचिरापल्ली के लिए यह साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 7 जुलाई से शुरू हो गई है। वहीं, तिरुचिरापल्ली से चर्लपल्ली की वापसी सेवा 8 जुलाई से शुरू होगी। इस नई ट्रेन से खासकर तीर्थयात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
हर हफ्ते चलेगी ट्रेन
यह स्पेशल ट्रेन नियमित साप्ताहिक सेवा के रूप में चलाई जाएगी। चर्लपल्ली से तिरुचिरापल्ली के लिए ट्रेन हर मंगलवार चलेगी। जबकि तिरुचिरापल्ली से चर्लपल्ली के लिए वापसी ट्रेन हर बुधवार रवाना होगी।
ट्रेन में होंगे 22 कोच
यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए गए हैं। इनमें
- 3 सेकंड एसी कोच
- 5 थर्ड एसी कोच
- 10 स्लीपर कोच
- 4 जनरल सेकंड क्लास कोच शामिल हैं।
जानें पूरा टाइम टेबल
ट्रेन नंबर 17077 (चर्लपल्ली–तिरुचिरापल्ली)
यह ट्रेन हर मंगलवार शाम 5:20 बजे चर्लपल्ली से रवाना होगी। अगले दिन सुबह 8:50 बजे तिरुपति, दोपहर 1:20 बजे तिरुवन्नामलाई (अरुणाचलम), शाम 4:30 बजे श्रीरंगम पहुंचेगी और शाम 6:45 बजे तिरुचिरापल्ली में अपनी यात्रा पूरी करेगी।
ट्रेन नंबर 17078 (तिरुचिरापल्ली–चर्लपल्ली)
वापसी में यह ट्रेन हर बुधवार रात 9:30 बजे तिरुचिरापल्ली से रवाना होगी। इसके बाद रात 9:52 बजे श्रीरंगम, रात 1:28 बजे तिरुवन्नामलाई, अगले दिन सुबह 7:05 बजे तिरुपति पहुंचेगी और रात 10:20 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी।
तीर्थयात्रियों को होगा बड़ा फायदा
हैदराबाद से तिरुपति के लिए पहले से कई सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं, लेकिन अरुणाचल के लिए सीधी रेल सेवा सीमित थी। नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन शुरू होने से अब यात्रियों को ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ही सफर में तिरुपति, अरुणाचलम और श्रीरंगम की यात्रा करना आसान हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी और यात्रा भी अधिक सुविधाजनक बनेगी।
नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक बनाएगी।
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