Direct Action Day: 16 अगस्त को बंगाल में भड़का था दंगा, जानिए आज का इतिहास
देश के बंटवारे के समय पंजाब में हुए खूनी दंगों के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन आजादी से ठीक एक बरस पहले 16 अगस्त 1946 को कलकत्ता में हुए सांप्रदायिक दंगों ने बंगाल की धरती को लाल कर दिया। मुस्लिम लीग ने उस दिन को ‘‘डायरेक्ट एक्शन डे’’ के तौर पर मनाने का ऐलान किया, जिसके बाद पूर्वी बंगाल में दंगों की आग दहक उठी। इन दंगों की शुरुआत पूर्वी बंगाल के नोआखाली जिले से हुई थी और 72 घंटों तक चले इन दंगों में छह हजार से अधिक लोग मारे गए। दंगों में 20 हजार से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए और एक लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए। देश दुनिया के इतिहास में 16 अगस्त की तारीख पर दर्ज कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-
1691 : अमेरिका में योर्कटाउन, वर्जीनिया की खोज। 1777 : अमेरिका ने ब्रिटेन को बेनिंगटन के युद्ध में हराया। 1787 : तुर्की ने रूस के विरूद्ध युद्ध की घोषणा की। 1906 : दक्षिण अमेरिकी देश चिली में भीषण भूकंप में बीस हजार लोगों की मौत। 1924 : नीदरलैंड-तुर्की के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर। 1946 : बंगाल में बड़े पैमाने पर दंगे भड़के, जिसमें हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। 1960 : साइप्रस को ब्रिटेन से मुक्ति मिली। वहां इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाया जाता है। 1990 : चीन ने अपना पहला परमाणु परीक्षण किया। 2000 : वेरेण्टर्स सागर में रूस की परमाणु पनडुब्बी दुर्घटनाग्रस्त। 2003 : लीबिया ने लाकरवी बम विस्फोट की ज़िम्मेदारी ली। 2008 : कांगो में तैनात 125 भारतीय पुलिस अफ़सरों को संयुक्त राष्ट्र शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2012 : विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांजे को इक्वाडोर ने राजनयिक शरण दी। 2023: उच्चतम न्यायालय ने लैंगिक रूप से अनुचित शब्दों पर एक पुस्तिका जारी की तथा न्यायिक विमर्श में और आदेशों व फैसलों के उपयोग के लिए वैकल्पिक शब्द एवं मुहावरे सुझाये। 2024: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) की तीसरी और अंतिम विकासात्मक उड़ान के जरिए भू प्रेक्षण उपग्रह ईओएस-08 और एसआर-ओ डेमोसैट उपग्रह को उनकी निर्धारित कक्षाओं में सफलतापूर्वक स्थापित किया। 2025: मुंबई में दही हांडी उत्सव के दौरान दो लोगों की मौत, 95 घायल।
Amit Shah बोले: Karregutta और जम्मू-कश्मीर में अब शान से फहरा राष्ट्रीय ध्वज
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि कभी नक्सली आतंक का गढ़ रहे कर्रेगुट्टा पहाड़ पर और जम्मू-कश्मीर में भी तिरंगा गर्व के साथ फहराया जा रहा है, जबकि पहले वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर धमकियों का सामना करना पड़ता था। शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कर्रेगुट्टा पहाड़ पर स्वतंत्रता का उत्सव बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जहां कभी बंदूकों की गूंज सुनाई देती थी, वहां अब देशभक्ति की गूंज है।
लाल मिट्टी पर लहराता तिरंगा नक्सल मुक्त नए बस्तर की ताकत, प्रगति और आत्मविश्वास का प्रतीक है।’’ छत्तीसगढ़ में तीन दिन की बस्तर तिरंगा यात्रा का शुक्रवार को समापन हुआ। करीब 600 किलोमीटर की यह यात्रा उन क्षेत्रों से गुजरी, जिन्हें कभी माओवादी गढ़ माना जाता था। यात्रा के समापन पर बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिससे इस क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने पूरी यात्रा के दौरान मोटरसाइकिल जुलूस का नेतृत्व किया। इस यात्रा में कई जनप्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों और सामुदायिक नेताओं ने भी हिस्सा लिया। इस यात्रा का अंतिम पड़ाव कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र था, जिसे लंबे समय तक छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर माओवादियों के मजबूत ठिकाने के रूप में देखा जाता था।
इस इलाके में सुरक्षाबलों ने माओवाद रोधी एक बड़ा अभियान भी चलाया था। जम्मू-कश्मीर में तिरंगा यात्रा का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि लाखों लोगों ने खुशी और गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज लहराया। केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर ने डर से आजादी तक का सफर तय किया है।
जहां कभी तिरंगा फहराने पर धमकियां मिलती थीं, वहीं अब जम्मू-कश्मीर में तिरंगा यात्राएं आयोजित हो रही हैं और लाखों लोग खुशी व गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे हैं।
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