अमेरिका से लेकर इजरायल और नेपाल तक... दुनियाभर के नेताओं ने दी भारत को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
Independence Day 2026: भारत की आजादी को आज 80 साल पूरे हो गए. देशभर में आज (15 अगस्त) को आजादी का जश्न मनाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में लाल किले पर तिरंगा फहराया. उसके बाद पहली बार राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् गाया गया. भारत की आजादी का ये जश्न कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और अरुणाचल से लेकर गुजरात तक देखने को मिला. यही नहीं विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने भी देश की आजादी जमकर जश्न मनाया.
इसके साथ ही दुनियाभर के नेताओं ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर वॉशिंगटन से लेकर काठमांडू तक दुनिया भर के नेताओं ने भारत को दिल से बधाई दी और उसके लोकतांत्रिक सफर तथा क्षेत्रीय और वैश्विक संबंधों की तारीफ की. अमेरिका, इजरायल और नेपाल के नेताओं ने भारत की बढ़ती वैश्विक अहमियत और पड़ोसी देशों के साथ शांति और सद्भाव बनाए रखने में उसकी भूमिका पर जोर दिया.
फ्रांस के राष्ट्रपति ने दी बधाई
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "भारत के लोगों को आपके 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई!"
Congratulations to the Indian people on your 80th Independence Day! ????????????????
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) August 15, 2026
अमेरिकी विदेश मंत्री ने दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
भारत के लोगों को स्वतंत्रता दिवस पर बधाई देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंधों की वजह से, अमेरिका-भारत संबंध लगातार बढ़ रहे हैं और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुए हैं. रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर अहम खनिजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष सहयोग और व्यापार तक, हमारा सहयोग हमारे दोनों देशों और व्यापक हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित, मज़बूत और अधिक समृद्ध बना रहा है."
The recent release of over 130 political prisoners in Venezuela is a crucial step for the nation's reconciliation process. Since January 3rd, 1,046 Venezuelans have been released.
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) August 14, 2026
As we continue to advance the three-phase plan, the United States continues to closely monitor the…
इजरायली राष्ट्रपति ने भी दी बधाई
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. उन्होंने X पर लिखा, "इजरायल की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के सभी प्यारे नागरिकों को हार्दिक बधाई! मुझे उम्मीद है कि हम इजरायल और भारत के बीच इस खूबसूरत दोस्ती को और मजबूत करते रहेंगे."
On behalf of the State of Israel, I warmly congratulate President @rashtrapatibhvn, Prime Minister @narendramodi, and the wonderful people of India on your 80th Independence Day!
— יצחק הרצוג Isaac Herzog (@Isaac_Herzog) August 14, 2026
May we continue to strengthen the beautiful friendship between Israel and India. ???????????????? pic.twitter.com/XThBnI9syt
सिंगापुर के राष्ट्रपति ने भी दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
वहीं सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर भारत को इस "खुशी के मौके" पर बधाई दी. उन्होंने लिखा, "सिंगापुर के लोगों की ओर से, मैं देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के खुशी के मौके पर आपको और भारत के लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं."
Warmest wishes to my close friend @DrSJaishankar and the people of India on your 80th Independence Day. Singapore and India share a deep and longstanding friendship, and I look forward to strengthening our partnership in the years ahead. ???????????????? pic.twitter.com/MqKlyobv4l
— Vivian Balakrishnan (@VivianBala) August 15, 2026
नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह ने भी शुभकामाएं
इसके साथ ही नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी. नेपाली पीएम ने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के मित्रवत लोगों और सरकार को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. आने वाले वर्षों में नेपाल और भारत के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध, लोगों के बीच करीबी रिश्ते और सहयोग और मजबूत होते रहें."
On the occasion of India's 80th Independence Day, I extend my heartfelt greetings and best wishes to PM @narendramodi and the friendly people and Government of India.
— PMO (@PM_nepal_) August 15, 2026
May the deep historical ties, close people-to-people relations and cooperation between Nepal and India continue…
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू ने भी दी बधाई
वहीं मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "मैं भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के खुशी के मौके पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, महामहिम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार और भारत के मित्रवत लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं."
I extend warmest greetings to Her Excellency President Droupadi Murmu, @rashtrapatibhvn, His Excellency Prime Minister @narendramodi, the Government and the friendly people of India on the joyous occasion of their 80th Independence Day.
— Dr Mohamed Muizzu (@MMuizzu) August 15, 2026
Eight decades of Independence reflect the… pic.twitter.com/GWUp7tuAqs
आजादी के आठ दशक भारत सरकार और वहां के लोगों की आकांक्षाओं, मजबूती और कभी न हार मानने वाले जज्बे को दर्शाते हैं. इस शुभ अवसर पर, मैं मालदीव सरकार की उस प्रतिबद्धता को दोहराता हूं जिसके तहत हम आपसी सम्मान, साझा समृद्धि और हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच अटूट दोस्ती पर आधारित अपनी करीबी साझेदारी को और आगे बढ़ाएंगे."
ये भी पढ़ें: भारतीय क्रिकेटर्स ने कैसे मनाया स्वतंत्रता दिवस 2026 का जश्न, जानिए किन विदेशी क्रिकेटर्स ने दीं 15 अगस्त की बधाईं
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के 5 साल पूरे:महिलाओं की आजादी छीनी, प्रेस पर पाबंदियां बढ़ीं, लोगों को कोड़े से मारने की सजा दी गईं
तालिबान के काबुल पर कब्जे के आज पांच साल पूरे हो गए हैं। पांच साल में अफगानिस्तान की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। तालिबान ने पूरे देश पर अपना नियंत्रण मजबूत किया और अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार आया। लेकिन दूसरी तरफ महिलाओं के अधिकारों पर सख्त पाबंदियां लगीं, प्रेस की आजादी घटी और शारीरिक सजाएं फिर आम हो गईं। ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2021 से नवंबर 2022 के बीच अदालतों ने कम से कम 18 मामलों में शारीरिक सजा का आदेश दिया। इनमें ज्यादातर मामले तथाकथित नैतिक अपराधों से जुड़े थे। दिसंबर 2022 में परवान प्रांत के एक स्टेडियम में भीड़ के सामने 27 लोगों को सबके सामने कोड़े मारे गए। तालिबान से पहले की अफगान सरकारों के दौर में भी शारीरिक सजा मौजूद थी, लेकिन तालिबान के शासन में इसे खुले तौर पर और नियमित रूप से लागू किया जाने लगा। 15 अगस्त 2021: काबुल में दाखिल हुआ तालिबान अफगानिस्तान में 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। कुछ ही घंटों में अफगान सरकार का पतन हो गया। कमर्शियल फ्लाइट रद्द हो गईं और हजारों लोग देश छोड़ने के लिए काबुल एयरपोर्ट पहुंच गए। तालिबान ने उस समय महिलाओं के अधिकार बनाए रखने और अमेरिका व पिछली अफगान सरकार के साथ काम करने वालों को माफी देने का वादा किया था। प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा था कि लोगों को अपनी संपत्ति, जान या सम्मान को लेकर खतरा नहीं होगा। लेकिन अगले पांच साल में तस्वीर इन वादों के बिल्कुल उलट नजर आई। छात्राओं को सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी जाने से रोका अफगानिस्तान अब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां छात्राओं को औपचारिक रूप से सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी में पढ़ने से रोक दिया गया है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं पर पाबंदियां लगातार बढ़ती गईं। नौकरी करने, और सार्वजनिक जगहों पर जाने को लेकर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं। UN की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के राज में अब तक महिलाओं के खिलाफ 100 से ज्यादा फरमान जारी हो चुके हैं। सर्वे में शामिल 10 में से 7 महिलाओं ने अपनी मानसिक स्थिति को खराब या बहुत खराब बताया। आधे से ज्यादा महिलाओं ने कहा कि वे महीने में सिर्फ एक या दो बार घर से बाहर निकलती हैं। करीब तीन-चौथाई महिलाओं ने पुरुष अभिभावक के बिना घर से बाहर निकलने में असुरक्षा महसूस होने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में सिर्फ 7% महिलाएं नौकरी कर रही हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 84% है। प्रेस पर दबाव, सैकड़ों पत्रकारों ने देश छोड़ा तालिबान शासन में पत्रकारिता भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स यानी CPJ ने अफगानिस्तान को पत्रकारों के लिए दुनिया की सबसे खतरनाक और मुश्किल जगहों में शामिल किया है। 2021 के बाद से कई अफगान पत्रकार देश छोड़ चुके हैं। तालिबान शासन में अफगानिस्तान की इकोनॉमी बढ़ीं तालिबान के शासन में अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद नहीं हुई। कुछ क्षेत्रों में सुधार के संकेत मिले हैं। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक 2025 में अफगानिस्तान की वास्तविक GDP 4.8% बढ़ी। सरकार का घरेलू राजस्व भी बढ़कर GDP का 19.8% हो गया। लेकिन इस ग्रोथ का फायदा आम लोगों तक व्यापक रूप से नहीं पहुंचा। प्रति व्यक्ति आय घटी है और महंगाई बढ़ी है। देश अभी भी बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है। बिजली की कमी, बैंकिंग सुविधाओं तक सीमित पहुंच, बड़े अनौपचारिक कैश सेक्टर और विदेशी मदद में कमी भी आर्थिक विकास के लिए बड़ी चुनौती हैं। अफीम की खेती में 95% गिरावट तालिबान के सत्ता में आने के समय अफगानिस्तान दुनिया में अफीम का सबसे बड़ा स्रोत था। UNODC के मुताबिक 2022 में दुनिया की करीब 80% अफीम अफगानिस्तान से आती थी। अप्रैल 2022 में तालिबान ने पोस्ता (अफीम का पौधा) की खेती पर रोक लगा दी। इसका सीधा असर खेती पर पड़ा। UNODC के 2023 के सर्वे के मुताबिक पोस्ता की खेती में 95% की गिरावट आई। रूस ने तालिबान सरकार को मान्यता दी तालिबान सरकार को अब तक सिर्फ रूस ने औपचारिक रूप से मान्यता दी है। हालांकि तालिबान का कहना है कि वह करीब 40 देशों के संपर्क में है और औपचारिक मान्यता के लिए जरूरी शर्तें पूरी कर चुका है। भारत ने भी तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता दिए बिना काबुल के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए हैं। अक्टूबर 2025 में तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत आए थे। यह तालिबान सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी की भारत की पहली यात्रा थी। चीन और UAE ने भी तालिबान द्वारा नियुक्त राजदूतों को स्वीकार किया है, हालांकि दोनों ने अब तक तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










