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अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के 5 साल पूरे:महिलाओं की आजादी छीनी, प्रेस पर पाबंदियां बढ़ीं, लोगों को कोड़े से मारने की सजा दी गईं

तालिबान के काबुल पर कब्जे के आज पांच साल पूरे हो गए हैं। पांच साल में अफगानिस्तान की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। तालिबान ने पूरे देश पर अपना नियंत्रण मजबूत किया और अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार आया। लेकिन दूसरी तरफ महिलाओं के अधिकारों पर सख्त पाबंदियां लगीं, प्रेस की आजादी घटी और शारीरिक सजाएं फिर आम हो गईं। ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2021 से नवंबर 2022 के बीच अदालतों ने कम से कम 18 मामलों में शारीरिक सजा का आदेश दिया। इनमें ज्यादातर मामले तथाकथित नैतिक अपराधों से जुड़े थे। दिसंबर 2022 में परवान प्रांत के एक स्टेडियम में भीड़ के सामने 27 लोगों को सबके सामने कोड़े मारे गए। तालिबान से पहले की अफगान सरकारों के दौर में भी शारीरिक सजा मौजूद थी, लेकिन तालिबान के शासन में इसे खुले तौर पर और नियमित रूप से लागू किया जाने लगा। 15 अगस्त 2021: काबुल में दाखिल हुआ तालिबान अफगानिस्तान में 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। कुछ ही घंटों में अफगान सरकार का पतन हो गया। कमर्शियल फ्लाइट रद्द हो गईं और हजारों लोग देश छोड़ने के लिए काबुल एयरपोर्ट पहुंच गए। तालिबान ने उस समय महिलाओं के अधिकार बनाए रखने और अमेरिका व पिछली अफगान सरकार के साथ काम करने वालों को माफी देने का वादा किया था। प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा था कि लोगों को अपनी संपत्ति, जान या सम्मान को लेकर खतरा नहीं होगा। लेकिन अगले पांच साल में तस्वीर इन वादों के बिल्कुल उलट नजर आई। छात्राओं को सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी जाने से रोका अफगानिस्तान अब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां छात्राओं को औपचारिक रूप से सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी में पढ़ने से रोक दिया गया है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं पर पाबंदियां लगातार बढ़ती गईं। नौकरी करने, और सार्वजनिक जगहों पर जाने को लेकर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं। UN की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के राज में अब तक महिलाओं के खिलाफ 100 से ज्यादा फरमान जारी हो चुके हैं। सर्वे में शामिल 10 में से 7 महिलाओं ने अपनी मानसिक स्थिति को खराब या बहुत खराब बताया। आधे से ज्यादा महिलाओं ने कहा कि वे महीने में सिर्फ एक या दो बार घर से बाहर निकलती हैं। करीब तीन-चौथाई महिलाओं ने पुरुष अभिभावक के बिना घर से बाहर निकलने में असुरक्षा महसूस होने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में सिर्फ 7% महिलाएं नौकरी कर रही हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 84% है। प्रेस पर दबाव, सैकड़ों पत्रकारों ने देश छोड़ा तालिबान शासन में पत्रकारिता भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स यानी CPJ ने अफगानिस्तान को पत्रकारों के लिए दुनिया की सबसे खतरनाक और मुश्किल जगहों में शामिल किया है। 2021 के बाद से कई अफगान पत्रकार देश छोड़ चुके हैं। तालिबान शासन में अफगानिस्तान की इकोनॉमी बढ़ीं तालिबान के शासन में अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद नहीं हुई। कुछ क्षेत्रों में सुधार के संकेत मिले हैं। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक 2025 में अफगानिस्तान की वास्तविक GDP 4.8% बढ़ी। सरकार का घरेलू राजस्व भी बढ़कर GDP का 19.8% हो गया। लेकिन इस ग्रोथ का फायदा आम लोगों तक व्यापक रूप से नहीं पहुंचा। प्रति व्यक्ति आय घटी है और महंगाई बढ़ी है। देश अभी भी बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है। बिजली की कमी, बैंकिंग सुविधाओं तक सीमित पहुंच, बड़े अनौपचारिक कैश सेक्टर और विदेशी मदद में कमी भी आर्थिक विकास के लिए बड़ी चुनौती हैं। अफीम की खेती में 95% गिरावट तालिबान के सत्ता में आने के समय अफगानिस्तान दुनिया में अफीम का सबसे बड़ा स्रोत था। UNODC के मुताबिक 2022 में दुनिया की करीब 80% अफीम अफगानिस्तान से आती थी। अप्रैल 2022 में तालिबान ने पोस्ता (अफीम का पौधा) की खेती पर रोक लगा दी। इसका सीधा असर खेती पर पड़ा। UNODC के 2023 के सर्वे के मुताबिक पोस्ता की खेती में 95% की गिरावट आई। रूस ने तालिबान सरकार को मान्यता दी तालिबान सरकार को अब तक सिर्फ रूस ने औपचारिक रूप से मान्यता दी है। हालांकि तालिबान का कहना है कि वह करीब 40 देशों के संपर्क में है और औपचारिक मान्यता के लिए जरूरी शर्तें पूरी कर चुका है। भारत ने भी तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता दिए बिना काबुल के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए हैं। अक्टूबर 2025 में तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत आए थे। यह तालिबान सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी की भारत की पहली यात्रा थी। चीन और UAE ने भी तालिबान द्वारा नियुक्त राजदूतों को स्वीकार किया है, हालांकि दोनों ने अब तक तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी है।

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Jharkhand Road Accident News: सड़क हादसों में 11 की मौत, सड़क पर बिछ गई लाशें, गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज जारी

Jharkhand Road Accident News: झारखंड के दो अलग-अलग जिलों में आज भीषण सड़क हादसे हुए। दोनों हादसों में कुल 11 लोगों की मौत हो गई।

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SL vs IND, 1st Test Day-2 Live Score: देवदत्त पडिक्कल और ऋषभ पंत करेंगे दूसरे दिन की शुरुआत, श्रीलंकाई गेंदबाजों की गॉल में हालत खराब

Sri Lanka vs India, 1st Test Day-2 Live: भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच गॉल में खेला जा रहा है. खेल के पहले दिन टीम इंडिया ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने दिन की समाप्ति तक 2 विकेट के नुकसान पर 288 रन बना लिए. दूसरे दिन देवदत्त पडिक्कल और ऋषभ पंत पारी को आगे बढाएंगे. Sun, 16 Aug 2026 08:13:52 +0530

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