केरल सीएम वीडी सतीसन का बड़ा ऐलान, 50 हजार करोड़ की लागत से बनेगा 'मिनरल कॉरिडोर'
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन की ओर से एक बड़ा ऐलान किया गया है. जी हां केरल में मिनरल कॉरिडोर बनाया जाएगा. सीएम सतीसन के मुताबिक ये कॉरिडोर की लागत करीब 50 हजार करोड़ रुपए आएगी. बता दें कि गॉड्स ओन कंट्री के नाम से पहचाने जाने वाले केरल में रेयर अर्थ मिनरल पाए जाते हैं. यही वजह है कि यहां पर मिनरल कॉरिडोर को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों के साझा बजट में इसे मंजूरी दी गई है. इसी परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा की गई है.
क्या है इस कॉरिडोर का मकसद
सरकार की ओर से शुरू की जा रही मिनरल कॉरिडोर परियाजना का मुख्य उद्देश्य दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) के खनन, प्रसंस्करण और विनिर्माण (Manufacturing) को एक ही क्षेत्र में एकीकृत करना है. साथ ही इन रेयर मिनरल्स का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुंचाना है.
कहां और क्या है इस कॉरिडोर का रूट
मिली जानकारी के मुताबिक यह कॉरिडोर केरल के तटीय इलाकों में बनाया जाएगा. इन क्षेत्रों में मौजूद खनिजों का इस्तेमाल करने के लिए खास कॉरिडोर तैयार किया जाएगा. इन क्षेत्रों या फिर बेल्ट की बात की जाए तो ये विझिंजम जो इंटरनेशनल पोर्ट भी है वहां स्थापित होगा. इसके साथ ही इसे चावरा (कोल्लम) और कोच्चि शहर के कई इलाकों में स्थापित किया जाएगा. खास बात यह है यह सभी क्षेत्र कॉरिडोर के जरिए आपस में जोड़े जाएंगे.
बता दें कि चावरा में केरल मिनरल एंड मेटल्स लिमिटेड के पास एक खास सेंटर भी बनाया जा रहा है. जो आने वाले वक्त में मिनरल कॉरिडोर का अहम केंद्र भी हो सकता है.
केरल में कौन-कौन से रेयर मिनरल पाए जाते हैं?
केरल में कई तरह के रेयर मिनरल उपलब्ध हैं. इनमें प्रमुख रूप से थोरियम और स्कैंडियम शामिल हैं. इसके अलावा अन्य रेयर मिनरल्स के इस राज्य में भंडार मौजूद हैं.
क्या काम आते हैं ये मिनरल?
केरल में पाए जाने वाले मिनरल हमारे दिनचर्या से जुड़े कई अहम कामों में इस्तेमाल किए जाते हैं. जैसे इन खनिजों की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों, रक्षा अनुसंधान, ड्रोन और मेडिकल टूल्स के लिए जरूरी 'रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट' तैयार करने में होता है. ऐसे में केरल में तैयार हो रहे मिनरल कॉरिडोर को देश के लिए महत्वाकांक्षी प्रोजेक्टों में देखा जा रहा है.
केरल के अलावा किन राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर
भारत में सिर्फ केरल ही ऐसा राज्य नहीं है जहां पर रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है. इसके अलावा ये कॉरिडोर ओडिशा, दक्षिण भारत के तमिलनाडु औऱ आंध्र प्रदेश में भी तैयार किया जा रहा है. यानी सरकार चाहती है देश में जहां भी रेयर अर्थ मिनरल उपलब्ध हैं वहां इस तरह के कोरिडोर स्थापित किए जाएंगे.
बजट में ही सरकार ने की थी घोषणा
बता दें कि केंद्रीय आम बजट में भी केंद्र सरकार की ओर से रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर परियोजना को लेकर घोषणा की गई थी. इस परियोजना को रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट योजना नाम दिया गया था. इसको लाने के पीछे भारत सरकार का उद्देश्य चीन जैसे देशों का वर्चस्व खत्म करना और भारत को इस क्षेत्र में अपनी घरेलू ताकत बढ़ाना था. साथ ही इसके आयात पर निर्भरता भी कम करना है.
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