Independence Day 2026: जब बॉलीवुड सितारे वर्दी पहनकर पर्दे पर बने देश के वीर सपूत
Independence Day 2026: 15 अगस्त 2026 को जब पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तब हर भारतीय के मन में देश के उन वीर जवानों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना उमड़ती है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया. बॉलीवुड ने भी समय-समय पर भारतीय सेना और देश के बहादुर नायकों की कहानियों को बड़े पर्दे पर जीवंत किया है. कई सितारे ऐसे हैं, जिन्होंने फिल्मों में वर्दी पहनकर सैनिकों, सैन्य अधिकारियों और वास्तविक जीवन के वीरों का किरदार निभाया और दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई.
कारगिल की बर्फीली पहाड़ियों से लेकर भारतीय वायुसेना के आसमान तक, इन कलाकारों ने अपने किरदारों के जरिए साहस, कर्तव्य, देशभक्ति और बलिदान की भावना को पर्दे पर उतारा है. आइए जानते हैं उन यादगार परफॉर्मेंस के बारे में, जिन्होंने देशभक्ति के जज़्बे को और मजबूत किया.
शाहरुख खान — जब तक है जान
शाहरुख खान ने 'जब तक है जान' में मेजर समर आनंद का किरदार निभाया, जो भारतीय सेना में अधिकारी होने के साथ-साथ बॉम्ब डिस्पोजल एक्सपर्ट भी है. उनका किरदार अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सेवा करने वाले एक निडर सैनिक की भावना को दर्शाता है. मुश्किल से मुश्किल हालात में भी डटे रहने वाले समर आनंद के किरदार में शाहरुख का अंदाज यादगार रहा.
ऋतिक रोशन — लक्ष्य
ऋतिक रोशन ने 'लक्ष्य' में करण शेरगिल की भूमिका निभाई. शुरुआत में जिंदगी को लेकर दिशाहीन करण सेना में शामिल होने के बाद अपने जीवन का उद्देश्य खोजता है. कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि में बनी यह फिल्म एक युवा के आत्मविश्वास, अनुशासन और एक जिम्मेदार सैनिक में बदलने की प्रेरणादायक कहानी है.
कार्तिक आर्यन — चंदू चैंपियन
कार्तिक आर्यन ने चंदू चैंपियन में पूर्व भारतीय सैनिक और पैरालंपिक चैंपियन मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया. बेहद चुनौतीपूर्ण भूमिका के लिए कार्तिक ने अपनी फिटनेस और अभिनय पर काफी मेहनत की. मुश्किल परिस्थितियों को मात देकर सफलता हासिल करने वाले पेटकर की कहानी फिल्म में साहस, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल बनकर सामने आती है.
विक्की कौशल — उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक
विक्की कौशल ने 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' में मेजर विहान सिंह शेरगिल की भूमिका निभाई. फिल्म में वह एक गुप्त सैन्य अभियान का नेतृत्व करते नजर आते हैं. दमदार अभिनय और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस के साथ विक्की ने इस किरदार में सैनिक के साहस, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण को शानदार तरीके से पेश किया.
जान्हवी कपूर — गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल
इस फिल्म में जान्हवी कपूर ने भारतीय वायुसेना की पायलट गुंजन सक्सेना का किरदार निभाया. यह फिल्म एक ऐसी महिला की कहानी बताती है जिसने पुरुष-प्रधान सैन्य क्षेत्र में कई बाधाओं को पार कर अपनी पहचान बनाई. कारगिल युद्ध के दौरान देश की सेवा करने वाली गुंजन सक्सेना की कहानी साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति का संदेश देती है.
सिद्धार्थ मल्होत्रा — शेरशाह
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने 'शेरशाह' में कारगिल युद्ध के वीर योद्धा कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार निभाया. फिल्म उनके जीवन, सैन्य करियर और युद्ध के मैदान में दिखाई गई असाधारण बहादुरी को दर्शाती है. देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले कैप्टन बत्रा की कहानी ने दर्शकों को भावुक करने के साथ-साथ गर्व से भी भर दिया.
वीर पहाड़िया — स्काई फोर्स
वीर पहाड़िया ने 'स्काई फोर्स' से अभिनय की शुरुआत की और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि में भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी की भूमिका निभाई. फिल्म में कर्तव्य, दोस्ती, साहस और बलिदान के पहलुओं को प्रमुखता से दिखाया गया है. वीर ने अपने किरदार में गंभीरता और जज़्बे को सामने लाने की कोशिश की.
अक्षय कुमार — हॉलिडे: अ सोल्जर इज़ नेवर ऑफ ड्यूटी
अक्षय कुमार ने 'हॉलिडे' में कैप्टन विराट बख्शी का किरदार निभाया. छुट्टी पर होने के बावजूद जब उन्हें आतंकियों के स्लीपर सेल नेटवर्क का पता चलता है, तो वह देश की सुरक्षा के लिए फिर मोर्चे पर डट जाते हैं. फिल्म का संदेश साफ है, एक सैनिक के लिए देश की सेवा की कोई छुट्टी नहीं होती.
सनी देओल — बॉर्डर
सनी देओल का 'बॉर्डर' में मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का किरदार बॉलीवुड की सबसे यादगार सैन्य भूमिकाओं में गिना जाता है. 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला की लड़ाई की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म सैनिकों के साहस, भाईचारे और देश के लिए बलिदान की कहानी पेश करती है. सनी देओल का दमदार अभिनय आज भी दर्शकों के बीच देशभक्ति का जोश पैदा करता है.
वर्दी में सितारे, पर्दे पर देशभक्ति का जज़्बा
इन कलाकारों ने भले ही पर्दे पर वर्दी पहनी हो, लेकिन उनकी फिल्मों ने दर्शकों को उन असली वीरों की कहानियों से जोड़ने का काम किया है, जो देश की रक्षा के लिए हर दिन अपना कर्तव्य निभाते हैं. इस स्वतंत्रता दिवस, इन फिल्मों को याद करना उन बहादुर सैनिकों के प्रति सम्मान जताने का एक खूबसूरत तरीका भी है, जिनकी वजह से हम आज़ादी और सुरक्षा की सांस ले रहे हैं. जय हिंद!
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Punjab: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों को किया सम्मानित
भगवंत मान सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान में योगदान देने वाले ग्राम एवं वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया. सम्मान समारोहों के साथ दो सप्ताह की एक सुव्यवस्थित कार्रवाई एवं समीक्षा प्रक्रिया आरंभ की गई. इसका समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ होगा.
भगवंत मान सरकार की इस पहल को शासन के सभी स्तरों तक पहुंचाने को लेकर, राष्ट्रीय दिवसों तथा अन्य अहम सरकारी अवसरों पर होने वाले सभी समारोहों में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ की गतिविधियाँ प्रमुखता से शामिल की जाएंगी. इस संबंध में निर्णय दो अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में लिया गया था.
योगदान के लिए राज्यभर में सम्मानित
इस पहल के तहत, ग्राम रक्षा समितियों (VDCs) और वार्ड रक्षा समितियों (WDCs) के श्रेष्ठ सदस्यों को नशे के खिलाफ पंजाब की लड़ाई में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्यभर में सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन लोगों को प्रोत्साहित करने का एक अहम माध्यम बनेगा, जो सामुदायिक स्तर पर पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं.
रक्षा समिति के सदस्यों को सम्मानित किया
जिला स्तर पर, डिप्टी कमिश्नर ने असेंबली कोऑर्डिनेटरों और वाइस असेंबली कोऑर्डिनेटरों को सम्मानित किया, वहीं सब-डिवीजन स्तर पर, सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को सम्मानित किया. गांव स्तर पर, विभिन्न स्कूलों और ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां सरपंच और समुदाय के सदस्यों ने नशामुक्त पंजाब के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को सम्मानित किया.
प्रशासनिक एवं पुलिस समीक्षा का हिस्सा
सभी 23 ज़िलों के डिप्टी कमिश्नरों को ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में योगदान और सक्रिय भागीदारी के लिए योग्य ग्राम एवं वार्ड रक्षा समिति के सदस्यों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं. यह सम्मान अभियान नशा विरोधी अभियान के राज्य नोडल अधिकारी के कार्यालय द्वारा जारी व्यापक योजना का हिस्सा है. इस योजना में दो सप्ताह तक चलने वाले एक विस्तृत अभियान की परिकल्पना की गई है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक फीडबैक को नियमित प्रशासनिक एवं पुलिस समीक्षा का हिस्सा बनाना है.
नए सुझाव एवं फीडबैक देंगी
16 से 25 अगस्त तक, हर गांव में ग्राम रक्षा समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी. इन बैठकों के दौरान समितियां नशा तस्करी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करेंगी, बीती शिकायतों पर पुलिस एवं प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जांच करेंगी, लंबित मामलों की स्थिति पर नजर रखेंगी और नए सुझाव एवं फीडबैक देंगी.
इसके बाद यह प्रक्रिया ज़िला स्तर पर आगे बढ़ेगी. 26 से 29 अगस्त के बीच, कैबिनेट मंत्री ज़िला स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे; जिनमें प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा ज़िला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर के कोऑर्डिनेटर शामिल होंगे. बैठकों में गाँवों से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
अग्रिम पंक्ति में रहकर कार्य कर रहे
पूरी प्रक्रिया का समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में होने वाली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ होगा. इस बैठक में, सरकार जिलावार प्रगति की समीक्षा करेगी और अभियान के अगले चरण के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी. स्वतंत्रता दिवस समुदाय के उन सदस्यों को सम्मानित करने के लिए पहला बड़ा मंच बना, जो नशा विरोधी अभियान में अग्रिम पंक्ति में रहकर कार्य कर रहे हैं, इसके माध्यम से सरकार इस अभियान को केवल कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय नशे के खिलाफ एक सतत जन-आंदोलन का रूप दे रही है.
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