Responsive Scrollable Menu

Punjab: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों को किया सम्मानित

भगवंत मान सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान में योगदान देने वाले ग्राम एवं वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया. सम्मान समारोहों के साथ दो सप्ताह की एक सुव्यवस्थित कार्रवाई एवं समीक्षा प्रक्रिया आरंभ की गई. इसका समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ होगा.

भगवंत मान सरकार की इस पहल को शासन के सभी स्तरों तक पहुंचाने को लेकर, राष्ट्रीय दिवसों तथा अन्य अहम  सरकारी अवसरों पर होने वाले सभी समारोहों में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ की गतिविधियाँ प्रमुखता से शामिल की जाएंगी. इस संबंध में निर्णय दो अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में लिया गया था.

योगदान के लिए राज्यभर में सम्मानित 

इस पहल के तहत, ग्राम रक्षा समितियों (VDCs) और वार्ड रक्षा समितियों (WDCs) के श्रेष्ठ सदस्यों को नशे के खिलाफ पंजाब की लड़ाई में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्यभर में सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन लोगों को प्रोत्साहित करने का एक अहम माध्यम बनेगा, जो सामुदायिक स्तर पर पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं.

रक्षा समिति के सदस्यों को सम्मानित किया

जिला स्तर पर, डिप्टी कमिश्नर ने असेंबली कोऑर्डिनेटरों और वाइस असेंबली कोऑर्डिनेटरों को सम्मानित किया, वहीं सब-डिवीजन स्तर पर, सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को सम्मानित किया. गांव स्तर पर, विभिन्न स्कूलों और ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां सरपंच और समुदाय के सदस्यों ने नशामुक्त पंजाब के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को सम्मानित किया.

प्रशासनिक एवं पुलिस समीक्षा का हिस्सा

सभी 23 ज़िलों के डिप्टी कमिश्नरों को ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में योगदान और सक्रिय भागीदारी के लिए योग्य ग्राम एवं वार्ड रक्षा समिति के सदस्यों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं. यह सम्मान अभियान नशा विरोधी अभियान के राज्य नोडल अधिकारी के कार्यालय द्वारा जारी व्यापक योजना का हिस्सा है. इस योजना में दो सप्ताह तक चलने वाले एक विस्तृत अभियान की परिकल्पना की गई है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक फीडबैक को नियमित प्रशासनिक एवं पुलिस समीक्षा का हिस्सा बनाना है.

नए सुझाव एवं फीडबैक देंगी

16 से 25 अगस्त तक, हर गांव में ग्राम रक्षा समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी. इन बैठकों के दौरान समितियां नशा तस्करी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करेंगी, बीती शिकायतों पर पुलिस एवं प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जांच करेंगी, लंबित मामलों की स्थिति पर नजर रखेंगी और नए सुझाव एवं फीडबैक देंगी.

इसके बाद यह प्रक्रिया ज़िला स्तर पर आगे बढ़ेगी. 26 से 29 अगस्त के बीच, कैबिनेट मंत्री ज़िला स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे; जिनमें प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा ज़िला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर के कोऑर्डिनेटर शामिल होंगे. बैठकों में गाँवों से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

अग्रिम पंक्ति में रहकर कार्य कर रहे 

पूरी प्रक्रिया का समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में होने वाली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ होगा. इस बैठक में, सरकार जिलावार प्रगति की समीक्षा करेगी और अभियान के अगले चरण के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी. स्वतंत्रता दिवस समुदाय के उन सदस्यों को सम्मानित करने के लिए पहला बड़ा मंच बना, जो नशा विरोधी अभियान में अग्रिम पंक्ति में रहकर कार्य कर रहे हैं, इसके माध्यम से सरकार इस अभियान को केवल कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय नशे के खिलाफ एक सतत जन-आंदोलन का रूप दे रही है.

Continue reading on the app

यूपी सरकार ने एनालॉग डेयरी उत्पादों पर पूरी तरह से लगाया बैन, पनीर, घी और खोया पर भी लगाई रोक

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर पूरे राज्य में पनीर, घी और खोया जैसे एनालॉग डेयरी उत्पादों पर पूरी तरह से रोक लगा दी. इससे पहले, अधिकारियों ने राज्य में होटलों और रेस्तरां में गलत लेबल लगाकर बेचे जाने वाले उत्पादों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) के जरिए पाबंदियां लगाने और कार्रवाई करने का प्रस्ताव दिया था. FSSAI की गलत ब्रांडिंग से जुड़ी गाइडलाइंस के तहत उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी एनालॉग उत्पादों (जैसे वनस्पति फैट से बने पनीर, मक्खन और घी) पर इसी तरह की रोक लगाई गई है.

क्या है दूध से जुड़े उत्पादों पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट का नियम?

बता दें कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 साफ तौर पर कहता है कि दूध और दूध से बने उत्पादों को उनके असली रूप में ही बनाया और बेचा जाना चाहिए. इसके अलावा, आदेश में यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दूध और दूध से बने उत्पादों की जांच में पता चला कि उनके सैंपल में कई तरह की चीजें मिलाकर मिलावट की गई थी.

कई जिलों में, दूध और दूध से बने उत्पादों में रिफाइंड तेल और फैट, सोयाबीन और उससे बनी चीजें, टैल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, लिक्विड ग्लूकोज, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, कई तरह के न्यूट्रलाइजर और दूसरी चीजें मिलाकर मिलावट की गई थी. जिसके चलते दूध और दूध से बने उत्पाद ऐसी मिलावट के साथ बनाए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है. इसलिए, इन चीजों पर रोक लगाना फूड सेफ्टी कमिश्नर की एक बड़ी जिम्मेदारी है.

आदेश में क्या कहा गया था?

अगर किसी डेयरी या डेयरी प्रोडक्ट बनाने या प्रोसेस करने वाली यूनिट में, या उससे जुड़ी किसी जगह पर, या संबंधित फर्म या मालिक के अधिकार वाली किसी जगह पर कोई अन्य फैट और हानिकारक केमिकल या मिलावट वाली चीजें मिलती हैं, तो उस यूनिट में मौजूद सभी दूध के प्रोडक्ट्स को जब्त करके नष्ट कर दिया जाएगा.
जन-स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' की धारा 34 के तहत इमरजेंसी रोक का आदेश जारी करके ऐसी यूनिट में निर्माण कार्य तुरंत रोक दिया जाएगा.

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

अगर जन-स्वास्थ्य के लिए हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल सुनियोजित तरीके से होता पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की जाएगी. इसके साथ ही नियम तोड़ने वाली संबंधित ब्रांड की बिक्री पर पूरे राज्य में रोक लगा दी जाएगी. 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड बिजनेस की लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन) रेगुलेशंस, 2011' के रेगुलेशन 2.1.8(4) के तहत ऐसी यूनिट का फूड लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा. अगर राज्य के बाहर बने दूध और दूध के प्रोडक्ट्स में हानिकारक केमिकल्स और बाहरी फैट की पुष्टि होती है, तो संबंधित ब्रांड की बिक्री पर पूरे राज्य में रोक लगा दी जाएगी.

इन राज्यों में भी लग चुका है एनालॉग पनीर पर बैन

बता दें कि उत्तर प्रदेश से पहले मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड की सरकार भी एनालॉग पनीर, घी, खोया, क्रीम और छेना पर रोक लगा चुकी है. एनालॉग उत्पादों में असली दूध के बजाय वनस्पति तेल और हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल होता है. इनमें प्रोटीन बिल्कुल भी नहीं होता. इनके सेवन से मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है जो इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

Continue reading on the app

  Sports

23 साल पुराना महारिकॉर्ड स्वाहा... स्पेन के नाम हुआ विश्व कीर्तिमान, लगातार 21 जीत से ऑस्ट्रेलिया को नंबर वन की कुर्सी से धकेला

Spain Cricket team 21 consecutive wins: फुटबॉल के मुल्क स्पेन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में वो कारनामा कर दिखाया है, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी. 2028 टी20 वर्ल्ड कप यूरोप सब-रीजनल क्वालिफायर सी में फिनलैंड को 8 विकेट से हराकर स्पेन ने लगातार 21वीं इंटरनेशनल जीत दर्ज की. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही स्पेन ने रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाली 2003 की 'अजेय' ऑस्ट्रेलियाई टीम के लगातार 20 जीत (वनडे व टेस्ट मिलाकर) के 23 साल पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड को स्वाहा कर दिया. Sun, 16 Aug 2026 05:01:03 +0530

  Videos
See all

Chirag Paswan: चिराग पासवान का दावा #chiragpaswan #pmmodi #biharpolitics #bjp #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T01:13:41+00:00

Wheelchair Tiranga Yatra : व्हीलचेयर पर तिरंगा, दिल में हिंदुस्तान! दिव्यांगजनों ने दिखाया जज्बा #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-16T01:15:29+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers