Nykaa ने बताया FY30 का बड़ा प्लान, 52-Week High पर पहुंचा शेयर! स्टॉक में है कितना दम?
Nykaa Share Price: नायका के शेयरों में आज गुरुवार 18 जून को जबरदस्त तेजी देखने को मिली. कंपनी के शेयर लगभग 8% तक उछलकर ₹302.8 के 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गए. इसकी सबसे बड़ी वजह रही कंपनी का FY30 तक का विजन, जो उसने अपनी सालाना रिपोर्ट में शेयर किया है. दरअसल नायका की पेरेंट कंपनी FSN E-Commerce Ventures ने कहा है कि वह FY30 तक 5 बिलियन डॉलर यानी कि ₹47,191 करोड़ से बड़ा ब्यूटी और लाइफस्टाइल बनाना चाहती है. कंपनी का दावा है कि अगले कुछ सालों में उसके पास काफी बड़ा ग्रोथ रनवे मौजूद है और इसी वजह से वह FY30 तक रेवेन्यू को 2 से 3 गुना बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
FY30 तक EBITDA 4 से 5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य
कंपनी का कहना है कि FY30 तक EBITDA में 4 से 5 गुना तक की बढ़ोतरी हो सकती है. साथ ही EBITDA मार्जिन्स लो टिन से मिड टिन रेंज तक पहुंच सकते हैं. आसान भाषा में कहें तो कंपनी सिर्फ बिक्री बढ़ाने पर नहीं बल्कि मुनाफे को और तेजी से बढ़ाने पर फोकस कर रही है. मैनेजमेंट का मानना है कि यह ग्रोथ डिसिप्लिन्ड एक्जिक्यूशन, ऑपरेटिंग लेवरेज और कैपिटल एफिशिएंट इंवेस्टमेंट्स के जरिए हासिल की जाएगी. कंपनी का लक्ष्य FY30 तक 40% से ज्यादा ROCE हासिल करना है, जो किसी भी कंज्यूमर बिजनेस के लिए काफी मजबूत माना जाता है.
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पिछले 3 सालों में रेवेन्यू और GMV दोनों हुआ लगभग दोगुना
अगर नायका के मौजूदा बिजनेस को देखें तो कंपनी आज ब्यूटी, फैशन, वेलनेस और लाइफस्टाइल कैटेगरी में लगभग 5.5 करोड़ कंज्यूमर्स को सर्व कर रही है. मैनेजमेंट के मुताबिक कंपनी जिस मार्केट को टारगेट कर रही है उसका साइज 100 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा है. पिछले 6 सालों में नायका का ग्रोथ ट्रैक रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है. कंपनी का कुल GMV यानी ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू 7 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है. ब्यूटी बिजनेस लगभग 6 गुना बढ़ा है, फैशन बिजनेस 27 गुना बढ़ा है और हाउस ऑफ नायका पोर्टफोलियो लगभग 10 गुना बढ़ चुका है. FY26 के अंत तक कंपनी का कुल GMV लगभग ₹15,000 करोड़ तक पहुंच गया. खास बात यह है कि पिछले 3 सालों में कंपनी ने अपना रेवेन्यू और GMV दोनों लगभग दोगुना किया है और साथ ही प्रॉफिट भी बनाए रखी है.
FY30 तक फैशन सेग्मेंट का GMV 3.5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य
फैशन सेग्मेंट को लेकर मैनेजमेंट काफी आशावादी नजर आ रहा है. FY26 में नायका फैशन का GMV ₹4,954 करोड़ रहा. पिछले 3 सालों में इस बिजनेस ने अपना GMV और NSV दोनों दोगुना किया है. वहीं एनुअल ट्राजैक्टिंग कस्टमर्स की संख्या 25 लाख से बढ़कर 43 लाख तक पहुंच गई है. FY30 तक कंपनी फैशन बिजनेस का GMV 3 से 3.5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखती है. इसके अलावा, मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह सेग्मेंट हाई सिंगल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल कर सकता है और लंबे समय में 10% से ज्यादा प्रॉफिट तक पहुंच सकता है. वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹86,700 करोड़ के आसपास है.
House of Nykaa को लेकर भी है कंपनी को उम्मीद
House of Nykaa आज भारत के सबसे बड़े ब्यूटी ब्रांड पोर्टफोलियो में से एक बन चुका है. पिछले दशक में कंपनी ने कंज्यूमर इनसाइट्स, प्रोडक्ट इनोवेशन और ओमनीचैनल डिस्ट्रिब्यूशन के दम पर कई ब्रांड्स को बनाया और स्केल किया है. FY26 में House of Nykaa का GMV ₹2,788 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले 6 वर्षों में लगभग 10 गुना ग्रोथ को दर्शाता है. मैनेजमेंट का मानना है कि भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर मार्केट अभी भी शुरुआती ग्रोथ फेज में है. इसी वजह से कंपनी FY30 तक House of Nykaa का NSV ₹5,000 करोड़ से ऊपर ले जाना चाहती है. इसके लिए कंपनी ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक दोनों तरह के एक्सपैंशन पर फोकस करेगी. साथ ही प्रीमियम प्रोडक्ट्स और हाई ग्रोथ कैटेगरी में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी.
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CEO फाल्गुनी नायर ने बताया टेक्नोलॉजी को मुख्य वजह
यह B2B Platform है जो Retailers को Beauty Products उपलब्ध कराता है. कंपनी का लक्ष्य FY30 तक इसका GMV ₹3,500 करोड़ से ऊपर ले जाना और देशभर में 10 लाख से ज्यादा Retailers तक पहुंचना है. कंपनी की फाउंडर और CEO फाल्गुनी नायर का कहना है कि नायका लगातार अपने एड्रेसेबल मार्केट को बढ़ाती रही है. पहले ब्यूटी, फिर फैशन और अब वेलनेस कंपनी के लिए अगला बड़ा अवसर बनने जा रहा है. उनका मानना है कि आने वाले समय में ब्यूटी, वेलनेस और लन्जिविटी एक-दूसरे से जुड़े हुए सेक्टर बन जाएंगे और कंज्यूमर स्पेंडिंग का बड़ा हिस्सा इन कैटेगरी में जाएगा. फाल्गुनी नायर ने टेक्नोलॉजी को भी अगले ग्रोथ फेज का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है. उनके अनुसार AI, पर्सनलाइजेशन और डेटा एनालिटिक्स की मदद से प्रोडक्ट डिस्कवरी बेहतर होगी, प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी और पूरे ऑर्गेनाइजेशन में डिसीजन मेकिंग मजबूत होगी.
भारत की कंजप्शन स्टोरी पर है मैनेजमेंट का लॉन्ग-टर्म बेट
कंपनी का मानना है कि FY36 तक भारत 8 से 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है. जैसे-जैसे लोगों की आय बढ़ेगी, डिजिटल एडॉप्शन बढ़ेगा और लाइफस्टाइल एनहेंसमेंट मजबूत होंगी, वैसे-वैसे ब्यूटी, फैशन और लाइफस्टाइल में खर्च भी बढ़ेगी. इसी ग्रोथ अपॉर्चुनिटी को देखते हुए Nykaa FY36 तक 20 करोड़ कंज्यूमर्स तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रही है. बाजार ने फिलहाल मैनेजमेंट के इस विजन को काफी सकारात्मक तरीके से लिया है. यही वजह है कि शेयर 52 हफ्ते हाई पर पहुंच गया. पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन में स्टॉक लगभग 15% चढ़ चुका है. एक महीने में 11%, छह महीने में 24% और साल की शुरुआत से अब तक करीब 14% की तेजी देखने को मिली है.
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Explainer: स्पाइडरकैम से गेंद टकराने पर क्यों नहीं दी जाती नो बॉल, जानिए क्या कहता है क्रिकेट का नियम?
Cricket Rules : क्रिकेट का खेल दुनिया भर में काफी ज्यादा पसंद किया जाता है. क्रिकेट फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ी को देखने के लिए अक्सर मैदान पर पहुंचते हैं. इस गेम में हर फैंस का एक पसंदीदा खिलाड़ी होता है, जिसे वो मैदान पर देखने के लिए पहुंचता है. इन खिलाड़ियों के मैदान पर चौके-छक्के बरसाने से फैंस अक्सर काफी खुश हो जाते हैं. क्रिकेट के ग्राउंड पर चौके-छक्कों की बरसात देख फैंस खुशी से झूम उठते हैं. वो मैदान पर जमकर नाचते हैं और अपने पसंदीदा खिलाड़ी की खुशी में खुश होते हुए नजर आते हैं.
क्रिकेट के मैदान पर जब उनके पसंदीदा खिलाड़ी रनों की बरसात कर रहे होते हैं, मैदान पर चौकों की बारिश कर रहे होते हैं, तभी कुछ ऐसा हो जाता है, जिससे उनका खेल रुक जाता है और उनके फैंस को निराशा हाथ लगती है. दरअसल, क्रिकेट के मैदान पर जब बॉल और बल्ले के बीच धूम-धड़ाका हो रहा होता है, उसी समय खिलाड़ी के बड़ा शॉट खेलने से बॉल स्पाइडरकैम टकरा जाती है.
तब फैंस को लगाता है ये क्या हुआ. उस समय फैंस सोच में पड़ जाते हैं कि, गेंद स्पाइडरकैम से टकरा गई, ये बॉल तो छक्के के लिए मैदान से बाहर जाने वाली थी. अब ये बॉल तो क्रिकेट के ग्राउंड के अंदर ही गिर गई. अब इस बॉल को क्या नो बॉल दे दिया जाएगा और नहीं तो अब क्या होगा. तो आज हम आपको बताने वाले हैं कि, स्पाइडरकैम से गेंद टकराने पर क्यों नो बॉल नहीं दी जाती है. क्रिकेट का नियम इस पर क्या कहता है? तो आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं.
https://youtu.be/Cuy4ZOgwqsQ?si=00cDmn0g6r0kyxSH
स्पाइडरकैम से गेंद टकराने पर क्यों नहीं दी जाती नो बॉल?
स्पाइडरकैम से क्रिकेट बॉल ज्यादातर टी20 मैच के दौरान टकरा जाती है, क्योंकि टी20 क्रिकेट काफी तेज होता है. जब क्रिकेट बॉल स्पाइडरकैम से टकराती है तो क्या होता है? ये सबसे बड़ा सवाल है. ऐसे में सवाल उठता है कि स्पाइडरकैप से बॉल टकराने पर उसे नो-बॉल दिया जाता है या फिर बॉल डेड कर दी जाती है.
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के नियमों के अनुसार, स्पाइडरकैप से जब बॉल टकरा जाती है तो उसे डेड बॉल घोषित किया जाता है. स्पाइडरकैप से बॉल के टकराने पर उसे नो बॉल नहीं दिया जाता है. आईसीसी के क्लॉज 20 के मुताबिक, अगर क्रिकेट बॉल स्पाइडरकैम या हवा में लटके किसी बाहरी इक्विपमेंट से टकराती है, तो उसे डेड बॉल दिया जाता है. इस स्थिति में अंपायर को उस बॉल को डेड बॉल घोषित करना पड़ता है. अंपायर को डेड बॉल का सिग्नल देना अनिवार्य है.
क्रिकेट के मैदान पर ऐसे में जब बॉल स्पाइडरकैम से टकराती है. तो वो खुद व खुद अपने आप डेड हो जाती है. इस स्थिति में उस बॉल पर जो कुछ भी होता है, वह नल एंड वॉइड हो जाता है. यानी कि उस बॉल पर अगर कोई रन बना है, चौका-छ्क्का स्पाइडरकैप से लगकर चला गया है तो वो माना नहीं जाएगा. उस बॉल पर हुआ कुछ भी एक्शन शून्य हो जाएगा. अगर बॉल स्पाइडरकैप पर लगी और कैच कर ली गई तो उसे कैच भी नहीं माना जाएगा. क्योंकि बॉल डेड हो गई थी.
बॉल स्पाइडरकैम से टकराए पर क्या कहता है नियम?
आईसीसी प्लेइंग कंडीशन के नियमों के मुताबकि बॉल स्पाइडरकैम से टकराए जाए तो, ऐसे में आईसीसी प्लेइंग कंडीशन का क्लॉज 20.1.1.3 लागू होता है. इसके अनुसार अगर खेल में बॉल स्पाइडरकैम, उसके सपोर्टिंग केबल या इक्विपमेंट से टकरा जाए तो बॉल डेड घोषित कर दिया जाएगा. वहीं इस नियम के मुताबिक, गेंद जब स्पाइडरकैप से टकरा जाए तो बॉल पर कोई रन रिकॉर्ड नहीं किया जाएगा.
वहीं अगर बॉल फील्डर के हाथों में जाने से पहले स्पाइडरकैम या किसी दूसरी बाहरी चीज लग जाती है तो कैच नहीं माना जाएगा. बल्कि बॉल को डेड घोषित कर दिया जाएगा. इसके अलावा गेंद स्पाइडरकैम या मैदान के बाहर लगे किसी दूसरे रिकॉर्डिंग डिवाइस से जाकर लग आए और कैच ले लिया जाए. उस स्थिति में भी बल्लेबाज आउट हनीं होगा.
@BergerPaintsInd The game of cricket has changed from normal camera's to 360° flying camera's called as Spidercam. #T20ofPainting ???????? pic.twitter.com/cMkRaGJULY
— Alok Jalan (@ImAlokJalan) April 13, 2017
बॉल स्पाइडरकैम से टकराने पर किन बातों का रखें ध्यान?
क्रिकेट मैच के दौरान जब बॉल स्पाइडरकैप से डकरा जाए तो इन प्रमुख बातों का ख्याल रखा जाता है. इस स्थिति में दोनों टीमों में से किसी को भी कोई रन नहीं दिया जाता है. इस गलती के लिए किसी भी टीम पर पेनल्टी नहीं लगती है. ऐसे होने पर गेंद को दोबारा डाला जाता है. ऐसा होने पर कोई भी बैटर आउट नहीं होता है क्योंकि क्रिकेट बॉल स्पाइडरकैम से टकराने के तुरंद बाद डेड बॉल घोषित हो जाती है.
किस स्थिति में दी जा सकती है नो बॉल?
क्रिकेट मैच के दौरान अगर बॉल स्पाइडरकैप से टकरा जाए तब भी एक खास स्थिति में इस बॉल को नो बॉल दिया जा सकता है. दरअसल, बॉल स्पाइडरकैम से टकराती और फील्डिंग टीम ने नो बॉल डाल दी है तो उसे नो बॉल दे दिया जाएगा. जैसे कि गेंदबाज ने फुट-फॉल्ट नो बॉल डाल दी या किसी और तरह की नो बॉल हो गई और उस बॉल पर लगा शॉट स्पाइडरकैप से टकरा जाए तो नो बॉल दी जाएगी. क्योंकि वो बॉल क्रिकेट के नियमों के अनुसार पहले ही नो बॉल दी जा चुकी है. इसके साथ ही अंपायर विकेट-कीपर या फील्डिंग उल्लंघन की वजह से नो बॉल देता है और बॉल स्पाइडरकैप पर जाकर लग जाती है तो उसे नो बॉल ही माना जाएगा क्योंकि अंपायर ने पहले से ही नो बॉल दे दी थी.
आपको बता दें कि गेंद सिर्फ स्पाइडरकैप से टकराने से डेड बॉल घोषित नहीं होती है. बल्कि स्टेडियम में किसी भी बाहरी चीज से कॉन्टैक्ट होने पर बॉल डेड घोषित कर दिया जाता है. इसके मकसद बाहरी चीजों से गेम को बचाने पर होता है. क्योंकि किकेट के खेल पर इन वस्तुओं का प्रभाव पड़ना ठीक नहीं है.
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