तैयार कर लें रिज्यूमे! बेगूसराय में 400 पदों के लिए लगेगा मेगा कैंप, मिलेगी 27500 तक सैलरी
Begusarai Internship Camp: बेगूसराय जिला नियोजनालय में 24 जून को मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के तहत इंटर्नशिप कैंप का आयोजन होगा. कैंप में Hero MotoCorp और Compass Group हिस्सा लेंगी. जो 200 से ज्यादा युवाओं का चयन करेगी. चयन होने के बाद युवा और युवतियों को 27,500 तक की सैलरी मिलेगी. जानें कौन-कौन से प्रतिभागी इसमें भाग ले सकते हैं.
टेलीग्राम बैन पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त: केंद्र से पूछा- क्या लाखों लोगों के अधिकारों को रोकना सही है?
Telegram ban In India: दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार, 18 जून को केंद्र सरकार के उस आदेश पर सुनवाई की, जिसमें नीट-यूजी 2026 परीक्षा के दौरान टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया था। जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली है और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
कोर्ट ने केंद्र से सख्त लहजे में पूछा कि क्या केवल एक समूह की परीक्षा को लेकर 15 करोड़ से ज्यादा भारतीय उपयोगकर्ताओं के अधिकारों को प्रभावित करना उचित है?
क्या था केंद्र का तर्क?
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि टेलीग्राम की तकनीकी बनावट कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती पैदा करती है। सरकार का तर्क है कि टेलीग्राम के बॉट्स और गुमनाम अकाउंट्स के जरिए अवैध सामग्री का प्रसार बहुत तेजी से होता है, जिसे रोकना कठिन है।
केंद्र ने साफ किया कि यह प्रतिबंध केवल अस्थायी है और इसका उद्देश्य नीट परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
टेलीग्राम का पलटवार: 'फैसला बिना सोचे-समझे लिया गया'
टेलीग्राम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने दलील दी कि सरकार का यह कदम अनुपातिक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्लेटफार्म ने पहले ही कथित नीट-संबंधित अवैध सामग्री के सैकड़ों लिंक्स हटा दिए हैं और एआई तकनीक का इस्तेमाल कर लगातार निगरानी की जा रही है।
टेलीग्राम का दावा है कि सरकार ने पर्याप्त सामग्री का विश्लेषण किए बिना और बिना ठोस आधार के 'आपातकालीन शक्तियों' का इस्तेमाल किया है, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है।
न्यायालय ने 'मध्यस्थ' के तौर पर जिम्मेदारी पर सवाल उठाए
कोर्ट ने टेलीग्राम से उसकी जवाबदेही पर भी कड़े सवाल पूछे। बेंच ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79 के तहत एक मध्यस्थ होने के नाते टेलीग्राम की अपनी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने पूछा कि यदि मंच पर तेजी से गलत सामग्री फैलती है, तो उसे तुरंत रोकने के लिए प्लेटफार्म के पास क्या वास्तविक तंत्र (Real-time surveillance) है?
कोर्ट ने इस चिंता को खारिज कर दिया कि टेलीग्राम का यह दावा कि 'पेपर लीक' की खबरें वास्तविक नहीं हैं, पर्याप्त नहीं है क्योंकि समस्या तो 'पेपर' की मौजूदगी है।
सीईओ पावेल डुरोव की नाराजगी
इस पूरे विवाद के बीच टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव ने भी भारत में लगे इस प्रतिबंध की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि इस कदम से उन आम उपयोगकर्ताओं को नुकसान हो रहा है जो शैक्षिक कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। उनका दावा है कि प्रतिबंध के बाद भी लीक सामग्री नहीं रुकी, बल्कि वह दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर चली गई है।
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