India की वनडे टीम में बदलाव की चर्चाएं तेज़, Shubman Gill और Ishan Kishan की शानदार सेंचुरी के बाद Rohit Sharma के फॉर्म पर उठे सवाल. England सीरीज में Rohit से बड़ी पारी की उम्मीद, क्या Jaiswal और Kishan बनेंगे नए विकल्प? #RohitSharma #IndianCricket #ODI2026 #ShubmanGill #IshanKishan
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन, खेती और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है और इसके स्टार्टअप कई नई पार्टनरशिप कर रहे हैं। VivaTech 2026 में बोलते हुए, PM मोदी ने कहा कि भारत स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी तक इंसानी क्षमता के दायरे को बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे VivaTech के 10वें एडिशन के लिए पेरिस में आकर खुशी हो रही है। यह यूरोप का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी इवेंट है। मैं VivaTech की सफलता के लिए प्रेसिडेंट मैक्रों और आयोजकों को बधाई देता हूं। 2026 भारत और यूरोप के लिए एक खास साल है। साल की शुरुआत में, हमने ऐतिहासिक भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा किया। यह एग्रीमेंट हमारे व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा। और यह टैलेंट, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के आदान-प्रदान के लिए कई रास्ते खोलेगा।
उन्होंने कहा कि इस साल 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर' की शुरुआत के साथ, फ्रांस एक अहम कड़ी का काम कर रहा है जो भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब ला रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का मानना है कि बदलाव के इस दौर में टेक्नोलॉजी का फ़ायदा सभी को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम फाइनेंशियल इन्क्लूजन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन, खेती और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ दिन पहले नीस में हुए 'भारत इनोवेट्स' से लेकर आज पेरिस में हो रहे 'विवा टेक' तक, हमारे स्टार्टअप कई नई साझेदारियां कर रहे हैं। स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर न्यूक्लियर एनर्जी तक, हम इंसानी क्षमता का दायरा बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत तेज़ी से बदल रहा है और इस बदलाव की वजह टेक्नोलॉजी है।
उन्होंने कहा कि फ्रांस में भी एफिल टॉवर या पेरिस एयरपोर्ट पर UPI का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम बनाने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बनाने तक... फाइनेंशियल इन्क्लूजन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन, खेती और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। हमारे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की वजह से आज दुनिया के आधे रियल-टाइम डिजिटल ट्रांज़ैक्शन भारत में होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब आप फ्रांस में भी एफिल टॉवर या पेरिस एयरपोर्ट पर UPI का इस्तेमाल कर सकते हैं। हमारे पास ऐसी कई वर्ल्ड-क्लास डिजिटल पब्लिक गुड्स (जन-सुविधाएं) के उदाहरण हैं। डिजिलॉकर दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट में से एक है।
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